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अपनी ही सरकार के बिल पर वरिष्ठ विधायक ने किया प्रहार, बताया आपातकाल

Mon, 23 Oct 2017 06:47 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Mon, 23 Oct 2017 06:47 PM IST
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bjp mla lashes out on his own government after rajasthan government passed controversial bill
भाजपा विधायक घनश्याम तिवाड़ी - फोटो : Amar Ujala
लोकसेवकों को बचाने के लिए पेश किए गए राजस्थान सरकार के बिल पर अब पार्टी विधायक ने ही हमला बोल दिया है।
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दीनदयाल वाहिनी के प्रदेशाध्यक्ष और सांगानेर विधानसभा से भाजपा विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने राजस्थान सरकार द्वारा लाए जा रहे दंड विधियां 'राजस्थान संशोधन' विधेयक, 2017 को पूर्णत: अलोकतांत्रिक बताया।

उन्होंने कहा कि यह बिल आपातकाल की याद दिलाने वाला और नागरिकों के मूल अधिकारों का हनन करने वाला कानून है। उन्होंने कहा कि यह कानून बेईमान नेताओं और अफसरों को बचाने का कानून है। यह कानून पास करना और आपातकाल लगाना एक ही बात है।
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आज  भाजपा विधायक तिवाड़ी को इस विषय पर विधानसभा में न बोलने देने के कारण घनश्याम तिवाड़ी ने रोष व्यक्त करते हुए सदन से दो बार वॉकआउट किया।

बिल को लेकर ये बताईं खामियां

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घनश्याम तिवाड़ी ने आज विधानसभा में पेश किए गए दो बिलों में तीन बड़ी टेक्निकल खामियों के बारे बताते हुए कहा कि यदि उन्हें विधानसभा में बोलने दिया जाता तो वे इन बिलों को रद्द करवा देते।

उन्होंने कहा कि इस बिल में पहली गलती है कि विधानसभा में नियम है जो भी बिल पेश किए जाए वो हिंदी में हो और उसका प्रमाणिक रूपांतरण अंग्रेजी में होना चाहिए। ​लेकिन वर्तमान सरकार ने अन्य सभी को छोड़कर केवल ये दो बिल अंग्रेजी में दिए हैं और इसका प्रमाणिक रूपांतरण हिंदी में दिया है। ऐसा करना राजस्थान विधानसभा में तय नियमों के ठीक विपरीत है।

उन्होंने दूसरी गलती बताते हुए कहा कि इस बिल को पारित करवाने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती है। अनुमति मिलने के बाद भी उसे बिल में लिखने की आवश्यकता होती है मगर उन्होंने इसे बिल में नहीं लिखा।

तीसरी बड़ी गलती बताते हुए तिवाड़ी ने कहा कि एक ही कानून में जब संशोधन किया जाता है तब उसमें एक बिल के पास होकर राष्ट्रपति की स्वी​कृति आने के बाद ही दूसरा बिल पास हो सकता है। तिवाड़ी ने कहा कि ये सरकार सीआरपीसी के दो विधेयकों को एक साथ पास कराना चाहती है, ये पूर्णत: असंवैधानिक है। ऐसा राजस्थान क्या हिंदुस्तान की किसी भी विधानसभा में नहीं हुआ।

सीएम पर साधा निशाना

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घनश्याम तिवाड़ी - फोटो : file photo
घनश्याम तिवाड़ी ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री और सीएमओ के कारण यह विधेयक पास किया जा रहा है। पिछले कुछ माह से इस विधेयक को पारित करने का प्रयास किया जा रहा ​था। चार बार इस विधेयक के खिलाफ विधि विभाग ने अपनी राय दी थी। जिसके बाद ही मुख्यमंत्री ने विधि विभाग को अपने जिम्मे लेकर इस विधेयक को जारी किया। 

तिवाड़ी ने कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट ने एक मंत्री के मामले में धारा 482 की एप्लिकेशन खारिज कर दिया था। जिसमें प्रदेश की मुख्यमंत्री राजे को भी अभियुक्त बनाया जाना है। इस पूरे मामले को दबाने के लिए इस को अध्यादेश लाया गया था।
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