{"_id":"5a88f1e14f1c1b410b8b9950","slug":"beawar-gas-tragedy-more-then-half-dozen-people-still-missing-many-died","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ब्यावर दुखांतिका में मरने वालों की संख्या हुई 19, गंभीर रूप घायल पांच को जयपुर रैफर किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्यावर दुखांतिका में मरने वालों की संख्या हुई 19, गंभीर रूप घायल पांच को जयपुर रैफर किया
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 18 Feb 2018 05:53 PM IST
विज्ञापन
beawar tragedy
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यावर दुखांतिका में मरने वालों की संख्या 19 पहुंच गई है। आज शाम तक यहां मलबे के ढेर से 10 और लाशें मिली। जानकारी के अनुसार, इस हादसे के बाद लापता लोगों की सूची के हिसाब से मलबे के ढेर से सभी लाशों को निकाला जा चुका है। फिर भी एहतियात के तौर पर रेसक्यू आॅपरेशन पूरी तरह मलबा हटने तक जारी रखा जाएगा।
विज्ञापन
राजस्थान के अजमेर जिले के ब्यावर में 16 फरवरी की शाम एक विवाह समारोह में मेहमानों के लिए खाना पकाने के दौरान सिलेंडर फट गए थे। इसके बाद यहां भवन ढह गया और मलबे में लोग दब गए। कल शाम तक यहां से न लाशें मिल चुकी थी।
विज्ञापन
आज सुबह फिर यहां मलबे में तलाशी अभियान शुरू हुआ। शाम तक 10 और लाशें मिली। इस तरह अब तक कुल 19 लाशें यहां मिल चुकी है। इनमें दूल्हे की मां आचुकी देवी की लाश भी शामिल है।एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवान युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं। गंभीर रूप से कुछ घायलों को अजमेर से जयपुर रैफर किया गया है। सेना के जवान भी इस रेस्कयू आॅपरेशन से जुड़ गए है।
विज्ञापन
हलवाई की इस चूक से मच गई इतनी तबाही
घटना स्थल, ब्यावर
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार ब्यावर के नंदनगर में कुमावत समाज के भवन में शादी से पहले यहां वर हेमंत पटलेचा के मायरे की रस्म का कार्यक्रम हो रहा था। इस दौरान खाने की भी तैयारी चल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि खाने की तैयारी कर रहा एक हलवाई रिफिलिंग के जरिए एक सिलेंडर की गैस दूसरे में डाल रहा था।
हलवाई का गैस बचाने का ये लालच सभी पर भारी पड़ गया। इसी दौरान सिलेंडर ने आग पकड़ ली और ब्लास्ट हो गया जिससे पूरा का पूरा भवन ही धराशायी हो गया। इस भयावह हादसे में 19 लोग अकाल मौत मारे गए जिनमें 3 मासूम भी शामिल हैं। हादसे में पीपाड़ के रहने वाले विश्वास नामक एक शख्स के दो पुत्र 1 वर्षीय लक्षत और दो वर्षीय कर्तव्य की मौत हो गई जबकि पाली निवासी दो वर्षीय बालिका खुशी देवड़ा की भी इस हादसे में जान गई है। अन्य मृतकों में निर्माला देवी,मोनिका छीपा,अभिषेक,हेमलता देवड़ा,बसंतराज और हितेश शामिल हैं।
हलवाई का गैस बचाने का ये लालच सभी पर भारी पड़ गया। इसी दौरान सिलेंडर ने आग पकड़ ली और ब्लास्ट हो गया जिससे पूरा का पूरा भवन ही धराशायी हो गया। इस भयावह हादसे में 19 लोग अकाल मौत मारे गए जिनमें 3 मासूम भी शामिल हैं। हादसे में पीपाड़ के रहने वाले विश्वास नामक एक शख्स के दो पुत्र 1 वर्षीय लक्षत और दो वर्षीय कर्तव्य की मौत हो गई जबकि पाली निवासी दो वर्षीय बालिका खुशी देवड़ा की भी इस हादसे में जान गई है। अन्य मृतकों में निर्माला देवी,मोनिका छीपा,अभिषेक,हेमलता देवड़ा,बसंतराज और हितेश शामिल हैं।
हलवाई के खिलाफ नामजद मामला दर्ज
ब्यावर दुखांतिका
- फोटो : Amar Ujala
इस मामले में हलवाई गजेंद्र सिंह के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। प्रथमदृष्टया पूरे घटनाक्रम में हलवाई की लापरवाही सामने आई है। हादसे के बाद अजमेर के जिला कलेक्टर गौरव गोयल ने रसद विभाग को निर्देश दिए हैं कि जो भी अवैध रूप से सिलेंडरों में गैस ट्रांसफर कर रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। खासतौर पर शादी ब्याह और वाहनों में भी यदि ऐसा हो रहा हो तो उसे तुरंत रुकवाया जाए।