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पूर्व डीजीपी एमएल कालिया की मौत के मामले में डॉ. के खिलाफ जमानती वारंट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 08 Jun 2017 06:45 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व डीजीपी एमएल कालिया की चिकित्सीय लापरवाही से मौत के मामले में डॉक्टर आरके माधोक को जमानती वारंट जारी कर तीस जून को तलब किया है। न्यायाधीश बनवारीलाल शर्मा की अवकाशकालीन एकलपीठ ने यह आदेश आरके माधोक की ओर से दायर आपराधिक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता सुदेश सैनी ने बताया कि पूर्व डीजीपी एमएल कालिया की हार्ट अटैक के दौरान चिकित्सीय लापरवाही से 1999 में मौत हुई थी। इस पर मृतक के पुत्र रमेश कालिया ने मुख्यमंत्री को परिवेदन पेश की। मुख्यमंत्री के आदेश से गठित आईएएस सुधीर भार्गव की कमेटी ने एसएमएस अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के तत्कालीन एचओडी डॉ. आरके माधोक को दोषी माना। इस पर कालिया ने चिकित्सक के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
पुलिस की ओर से अभियोजन स्वीकृति नहीं मिलने के आधार पर एफआर पेश की गई। इस पर अदालत ने कालिया की प्रोटेस्ट पिटिशन पर सुनवाई करते हुए डॉ. के खिलाफ प्रसंज्ञान लिया। इस आदेश को माधोक ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। जिस पर हाईकोर्ट ने 2004 में निचली अदालत से रिकॉर्ड तलब कर लिया। सरकारी वकील सैनी ने बताया कि तब से अदालत में न तो याचिकाकर्ता पेश हुआ और न ही उसकी ओर से किसी वकील ने पैरवी की। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए याचिकाकर्ता के जमानती वारंट जारी करते हुए तीन जून को तलब किया है।
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राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता सुदेश सैनी ने बताया कि पूर्व डीजीपी एमएल कालिया की हार्ट अटैक के दौरान चिकित्सीय लापरवाही से 1999 में मौत हुई थी। इस पर मृतक के पुत्र रमेश कालिया ने मुख्यमंत्री को परिवेदन पेश की। मुख्यमंत्री के आदेश से गठित आईएएस सुधीर भार्गव की कमेटी ने एसएमएस अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के तत्कालीन एचओडी डॉ. आरके माधोक को दोषी माना। इस पर कालिया ने चिकित्सक के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
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पुलिस की ओर से अभियोजन स्वीकृति नहीं मिलने के आधार पर एफआर पेश की गई। इस पर अदालत ने कालिया की प्रोटेस्ट पिटिशन पर सुनवाई करते हुए डॉ. के खिलाफ प्रसंज्ञान लिया। इस आदेश को माधोक ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। जिस पर हाईकोर्ट ने 2004 में निचली अदालत से रिकॉर्ड तलब कर लिया। सरकारी वकील सैनी ने बताया कि तब से अदालत में न तो याचिकाकर्ता पेश हुआ और न ही उसकी ओर से किसी वकील ने पैरवी की। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए याचिकाकर्ता के जमानती वारंट जारी करते हुए तीन जून को तलब किया है।
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