Rajasthan: प्रदेश में दुष्कर्म मामलों की जांच का समय घटा, पुलिस का दावा-औसत 57 दिन में केस का हुआ निपटारा
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी दी कि 2017 में दुष्कर्म केस की जांच में लगने वाला औसत समय 435 दिन था। जून 2022 तक यह औसत समय घट गया है।
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राजस्थान में आए दिन दुष्कर्म केस सामने आते हैं। इसको लेकर भाजपा लगातार गहलोत सरकार को घेरने में लगी है। इसी बीच जानकारी सामने आई है कि प्रदेश में दुष्कर्म केस की जांच में लगने वाला औसत समय घटकर 57 दिन हो गया है।
एक पुलिस प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि दुष्कर्म के एक मामले की जांच में लगने वाला औसत समय 435 दिनों से घटकर राजस्थान में जून 2022 तक 57 दिन हो गया है। इसके साथ ही राजस्थान में महिलाओं पर अत्याचार के 99.98 फीसदी मामलों में आरोप पत्र दायर किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि महिला अत्याचार से संबंधित मामलों की जांच समय पर पूरी करने पर विशेष जोर दिया गया। इस कारण जून 2022 तक दुष्कर्म के मामलों की जांच में लगने वाला औसत समय घटकर 57 दिन रह गया है। रेप के एक मामले की जांच में लगने वाला औसत समय 2017 में 435 दिन था। 2018 में यह घटकर 211 दिन, 2019 में 140 दिन, 2020 में 117 दिन और 2021 में 86 दिन हो गया। जून 2022 में महिला के खिलाफ हुए अपराध के कुल 23,432 मामले दर्ज किए गए। जिसमें पॉक्सो एक्ट के तहत 1,892 मामले भी शामिल हैं। इनमें से 3,617 दुष्कर्म के मामले हैं।