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एएसआई ने कहा, आमेर महल नहीं है संरक्षित सूची में शामिल
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 05 Jul 2017 08:17 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट में आज एएसआई विभाग की ओर से कहा गया कि आमेर महल केन्द्रीय संरक्षित सूची में शामिल नहीं है। ऐसे में एएसआई के जयपुर सर्किल ने महल में किसी तरह का संरक्षण या मरम्मत का काम नहीं किया है। इस पर अदालत ने विभाग के जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले की सुनवाई 10 जुलाई तक टाल दी।
न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश इन्द्रजीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश ह्यूमन सेटलमेंट टेक्नोलॉजी सेंटर की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि आमेर महल की मरम्मत और संरक्षण के नाम पर उसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ की जा रही है। इसके अलावा संरक्षित इमारत होने के बावजूद भी उसमें व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। जिसके जवाब में आर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया(एएसआई) की ओर से एएसजी आरडी रस्तोगी ने कहा कि आमेर महल केन्द्रीय संरक्षित सूची में नहीं आता है। ऐसे में उनकी ओर से महल में किसी तरह का कार्य नहीं कराया गया है। सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष आया कि महल राज्य सरकार के संरक्षण में आता है। इस पर अदालत ने मामले की सुनवाई 10 जुलाई तक टाल दी है।
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न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश इन्द्रजीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश ह्यूमन सेटलमेंट टेक्नोलॉजी सेंटर की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि आमेर महल की मरम्मत और संरक्षण के नाम पर उसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ की जा रही है। इसके अलावा संरक्षित इमारत होने के बावजूद भी उसमें व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। जिसके जवाब में आर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया(एएसआई) की ओर से एएसजी आरडी रस्तोगी ने कहा कि आमेर महल केन्द्रीय संरक्षित सूची में नहीं आता है। ऐसे में उनकी ओर से महल में किसी तरह का कार्य नहीं कराया गया है। सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष आया कि महल राज्य सरकार के संरक्षण में आता है। इस पर अदालत ने मामले की सुनवाई 10 जुलाई तक टाल दी है।
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