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आसाराम मामला : दो दिन में सुधार कर लें नहीं तो जेल में सुनवाई
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 08 Aug 2017 06:57 PM IST
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आसाराम
- फोटो : amar ujala
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यौन उत्पीड़न में आरोपित आसाराम मामले में आज राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग और राज्य सरकार की ओर से जेल में सुनवाई करवाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की।
राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस गोविन्द माथुर व जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने सरकार के पक्ष को सुनने के बाद मौखिक रूप से कहा कि दो दिन का समय है सुधार कर लें अन्यथा फिर से जेल में सुनवाई होगी। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवकुमार व्यास ने पक्ष रखते हुए कहा कि आसाराम के समर्थक आए दिन कोर्ट परिसर में हंगामा करते हैं। ऐसे में मामले की सुनवाई को जेल में ही शिफ्ट किया जाए तो बेहतर रहेगा।
हाईकोर्ट ने सरकार के पक्ष को जानने के बाद आसाराम की ओर से कोर्ट में पेश हुए अधिवक्ताओं ने दो दिन का समय मांगा और कहा कि आसाराम व उनके समर्थकों को समझाईश करेंगे ।हाईकोर्ट ने अंतिम मौका देते हुए कहा कि इस बार सुधार नहीं किया तो निश्चित रूप से जेल में सुनवाई के आदेश पारित किए जाएंगे।
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राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस गोविन्द माथुर व जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने सरकार के पक्ष को सुनने के बाद मौखिक रूप से कहा कि दो दिन का समय है सुधार कर लें अन्यथा फिर से जेल में सुनवाई होगी। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवकुमार व्यास ने पक्ष रखते हुए कहा कि आसाराम के समर्थक आए दिन कोर्ट परिसर में हंगामा करते हैं। ऐसे में मामले की सुनवाई को जेल में ही शिफ्ट किया जाए तो बेहतर रहेगा।
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हाईकोर्ट ने सरकार के पक्ष को जानने के बाद आसाराम की ओर से कोर्ट में पेश हुए अधिवक्ताओं ने दो दिन का समय मांगा और कहा कि आसाराम व उनके समर्थकों को समझाईश करेंगे ।हाईकोर्ट ने अंतिम मौका देते हुए कहा कि इस बार सुधार नहीं किया तो निश्चित रूप से जेल में सुनवाई के आदेश पारित किए जाएंगे।
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