{"_id":"595a3f844f1c1b172b8b4a1c","slug":"artisans-from-mumbai-are-making-chairs-for-saints","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मुम्बई से आए कारीगर बना रहे हैं संतों के लिए कुटिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुम्बई से आए कारीगर बना रहे हैं संतों के लिए कुटिया
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 03 Jul 2017 06:36 PM IST
विज्ञापन
बन रही कुटिया
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कहते हैं संतों की कुटिया भी संतों की तरह ही पवित्र होती है, क्योंकि उसमें प्रकृति का योग रहता है। यहां भी ऐसी ही तैयारी है जहां सैकड़ों संतों के लिए मुम्बई से आए कारीगर कुटिया बना रहे हैं। इन खास कुटियाओं में ये संत चार महीनों तक रहेंगे।
ये कुटिया एक-दो नहीं बल्कि करीब 80 हैं, जिन्हें बनाने के लिए मुम्बई से खास कारीगर बुलाए गए हैं। जानकारी के अनुसार उदयपुर के उबेश्वर धाम में छह जुलाई से चातुर्मास का आयोजन शुरू होगा।
इसके लिए उबेश्वर धाम स्थित मां वैष्णोदेवी स्थल पर तैयारियां जोरों पर हैं। बताया जा रहा है कि इस चातुर्मास के दौरान काशी से पधारे दांडी स्वामी अवधेशानंद महाराज के सान्निध्य में विविध आयोजन होंगे।
विज्ञापन
इन आयोजनों में काशी के 51 विशिष्ट संतों सहित तीन सौ अन्य संत रोजाना विशाल यज्ञशाला में हवन करेंगे और आहुतियां देंगे। इन संतों के रहने के लिए यहां ऋषि कुटिया का निर्माण भी किया जा रहा है।
विज्ञापन
ये कुटिया एक-दो नहीं बल्कि करीब 80 हैं, जिन्हें बनाने के लिए मुम्बई से खास कारीगर बुलाए गए हैं। जानकारी के अनुसार उदयपुर के उबेश्वर धाम में छह जुलाई से चातुर्मास का आयोजन शुरू होगा।
विज्ञापन
इसके लिए उबेश्वर धाम स्थित मां वैष्णोदेवी स्थल पर तैयारियां जोरों पर हैं। बताया जा रहा है कि इस चातुर्मास के दौरान काशी से पधारे दांडी स्वामी अवधेशानंद महाराज के सान्निध्य में विविध आयोजन होंगे।
विज्ञापन
इन आयोजनों में काशी के 51 विशिष्ट संतों सहित तीन सौ अन्य संत रोजाना विशाल यज्ञशाला में हवन करेंगे और आहुतियां देंगे। इन संतों के रहने के लिए यहां ऋषि कुटिया का निर्माण भी किया जा रहा है।
जोधपुर से मंगवाई जा रही है ये विशेष घास
संतों के लिए बनी कुटियां
- फोटो : amar ujala
कुटिया के निर्माण के लिए धामण घास जोधपुर से मंगवाई गई है, जिसके जरिये इन कुटियाओं का निर्माण कार्य जारी है। आगामी छह जुलाई को यहां धाम में चातुर्मास के लिए संतों का मंगल प्रवेश होगा, जिसमें अवधेशानंद महाराज करीब 300 संतों और हजारों भक्तों के साथ उदयपुर के गंगोद्भव कुंड से उबेश्वर महादेव तक 17 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे।
बताया जा रहा है कि चातुर्मास के दौरान रोजाना करीब 6-7 हजार लोग उबेश्वर धाम में संतों का आशीर्वाद लेने पहुंचेंगे।
बताया जा रहा है कि चातुर्मास के दौरान रोजाना करीब 6-7 हजार लोग उबेश्वर धाम में संतों का आशीर्वाद लेने पहुंचेंगे।