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कभी भी हो सकती है नए मुख्य सचिव की घोषणा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 29 Jun 2017 03:06 PM IST
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मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे
- फोटो : amar ujala
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राजस्थान में मुख्य सचिव के नाम की घोषणा कभी भी हो सकती है। वर्तमान मुख्य सचिव ओ.पी. मीणा शुक्रवार को रिटायर हो रहे हैं। अगले महीने नए मुख्य सचिव राजस्थान में नौकरशाही की कमान सम्भालेंगे। माना जा रहा है कि चुनावी साल को देखते हुए सरकार अपने हितों के अनुसार ही सीएस की तलाश कर रही है।
मुख्य सचिव के पद के लिए तीन नामों की जोर-शोर से चर्चा चल रही है। वन, पर्यावरण और पर्यटन के एसीएस एनसी गोयल, एचसीएम रीपा की एसीएस गुरजौत कौर व एसीएस इंफ्रास्ट्रक्चर डी.बी. गुप्ता, तीनों सीएस की दौड़ में हैं। अब देखना यह है कि सरकार इन तीनों में से किस को इस आला दर्जे की नौकरशाही सौंपती है।
सूत्रों ने बताया कि ओ.पी. मीना के रिटायर होने के बाद 1980 बैच के आईएएस अशोक शेखर सबसे वरिष्ठ होंगे। लेकिन हर सरकार वरिष्ठता तो दरकिनार करते हुए अपने हित के अनुसार मुख्य सचिव की नियुक्ति करती है। माना जा रहा है कि इस बार भी ऐसा ही कुछ होने वाला है और सीएस के लिए शायद अशोक शेखर का नम्बर नहीं आए।
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रिटायरमेंट की तारीखों के हिसाब से 1981 बैच की गुरजौत कौर यदि सीएस बनती हैं, तो वे जनवरी 2019 तक इस पद पर रहेंगी। इसके अलावा यदि 1982 के बैच के एन.सी. गोयल को ये कुर्सी दी जाती है, तो वे अप्रेल 2018 तक सीएस बने रहेंगे। इधर, 1983 के बैच के डी.बी. गुप्ता को आला नौकरशाह बनाया जाता हे, तो वे सितम्बर 2020 तक इस जिम्मेदारी को सम्भाल सकते हैं।
हालातों के हिसाब से 1980 के बैच से अधिकारियों की सीएस बनने की सम्भाना कम ही नजर आती है। ऐसे में 1981, 1982 और 1983 के बैच के आईएएस में से किसी अधिकारी का चुनाव सम्भव है।
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मुख्य सचिव के पद के लिए तीन नामों की जोर-शोर से चर्चा चल रही है। वन, पर्यावरण और पर्यटन के एसीएस एनसी गोयल, एचसीएम रीपा की एसीएस गुरजौत कौर व एसीएस इंफ्रास्ट्रक्चर डी.बी. गुप्ता, तीनों सीएस की दौड़ में हैं। अब देखना यह है कि सरकार इन तीनों में से किस को इस आला दर्जे की नौकरशाही सौंपती है।
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सूत्रों ने बताया कि ओ.पी. मीना के रिटायर होने के बाद 1980 बैच के आईएएस अशोक शेखर सबसे वरिष्ठ होंगे। लेकिन हर सरकार वरिष्ठता तो दरकिनार करते हुए अपने हित के अनुसार मुख्य सचिव की नियुक्ति करती है। माना जा रहा है कि इस बार भी ऐसा ही कुछ होने वाला है और सीएस के लिए शायद अशोक शेखर का नम्बर नहीं आए।
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रिटायरमेंट की तारीखों के हिसाब से 1981 बैच की गुरजौत कौर यदि सीएस बनती हैं, तो वे जनवरी 2019 तक इस पद पर रहेंगी। इसके अलावा यदि 1982 के बैच के एन.सी. गोयल को ये कुर्सी दी जाती है, तो वे अप्रेल 2018 तक सीएस बने रहेंगे। इधर, 1983 के बैच के डी.बी. गुप्ता को आला नौकरशाह बनाया जाता हे, तो वे सितम्बर 2020 तक इस जिम्मेदारी को सम्भाल सकते हैं।
हालातों के हिसाब से 1980 के बैच से अधिकारियों की सीएस बनने की सम्भाना कम ही नजर आती है। ऐसे में 1981, 1982 और 1983 के बैच के आईएएस में से किसी अधिकारी का चुनाव सम्भव है।