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गैंगस्टर आनंदपाल का कैसे हुआ एनकाउंटर, सामने आई पुलिस की प्लानिंग
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 25 Jun 2017 04:47 PM IST
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गैंगस्टर आनंदपाल
- फोटो : File
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गैंगस्टर आनंदपाल सिंह इस बार भी चकमा दे कर भाग नहीं जाए, इसके लिए पुलिस ने इस पूरी तैयारी के साथ चुरू के मालासर में दबिश दी थी।
एनकाउंटर के वक्त मौजूद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रात करीब नौ बजे पुलिस के 30—35 कमांडों और जवानों के साथ चुरू और नागौर के पुलिस अधिकारियों के साथ रतनगढ़ के मालासर पहुंचे और वहां श्रवण सिंह के मकान को घेर लिया। पहुंचते ही सबसे मकान के पास खड़ी उसकी गाड़ी को पंचर कर दिया तथा उस वक्त घर में आनंदपाल के साथ—साथ तीन महिलाएं और तीन पुरुष तथा कुछ बच्चे मौजूद थे। ये सभी ग्राउंड फ्लोर पर बने कमरों में रह रहे थे। इन सभी को एक कमरे में बंद कर दिया।
उस समय आनंदपाल पहली मंजिल पर था। यहां दो कमरे हैं और इन तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों से आठ—दस कमांडोज की टीम उपर जाने का प्रयास करती रही। दूसरी टीम बाहर से निगरानी रख रही थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आनंदपाल को सरेंडर करने के लिए कहा तो उसने बाहर खड़े पुलिस अधिकारियों पर फायर किया। जबाव में सीढ़ियों के पास खड़ी टीम ने फायर किया।
इसके बाद आनंदपाल कभी बाहर वाली टीम पर तो कभी सीढ़ियों के रास्ते उपर पहुंचने वाली टीम पर फायर करता रहा। इस दौरान वह कभी एक कमरे में तो कभी दूसरे कमरे में जाकर फायर करता। करीब एक घंटे तक दोनों ओर फायरिंग हुई। पुलिस के अनुसार आनंदपाल ने 100 राउंड फायर एके 47 से किए। पुलिस की ओर से 50 राउंड फायर की बात कही जा रही है, लेकिन कुछ लोग इससे कहीं ज्यादा राउंड फायर होने के दावे कर रहे है।
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एनकाउंटर के वक्त मौजूद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रात करीब नौ बजे पुलिस के 30—35 कमांडों और जवानों के साथ चुरू और नागौर के पुलिस अधिकारियों के साथ रतनगढ़ के मालासर पहुंचे और वहां श्रवण सिंह के मकान को घेर लिया। पहुंचते ही सबसे मकान के पास खड़ी उसकी गाड़ी को पंचर कर दिया तथा उस वक्त घर में आनंदपाल के साथ—साथ तीन महिलाएं और तीन पुरुष तथा कुछ बच्चे मौजूद थे। ये सभी ग्राउंड फ्लोर पर बने कमरों में रह रहे थे। इन सभी को एक कमरे में बंद कर दिया।
उस समय आनंदपाल पहली मंजिल पर था। यहां दो कमरे हैं और इन तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों से आठ—दस कमांडोज की टीम उपर जाने का प्रयास करती रही। दूसरी टीम बाहर से निगरानी रख रही थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आनंदपाल को सरेंडर करने के लिए कहा तो उसने बाहर खड़े पुलिस अधिकारियों पर फायर किया। जबाव में सीढ़ियों के पास खड़ी टीम ने फायर किया।
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इसके बाद आनंदपाल कभी बाहर वाली टीम पर तो कभी सीढ़ियों के रास्ते उपर पहुंचने वाली टीम पर फायर करता रहा। इस दौरान वह कभी एक कमरे में तो कभी दूसरे कमरे में जाकर फायर करता। करीब एक घंटे तक दोनों ओर फायरिंग हुई। पुलिस के अनुसार आनंदपाल ने 100 राउंड फायर एके 47 से किए। पुलिस की ओर से 50 राउंड फायर की बात कही जा रही है, लेकिन कुछ लोग इससे कहीं ज्यादा राउंड फायर होने के दावे कर रहे है।
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शीशा बना मददगार
यहां हुआ है आनंदपाल का एनकाउंटर
- फोटो : Amar Ujala
इस दौरान वहां एक शीशा रखा था। सीढ़ियों के पास मौजूद टीम के अधिकारियों ने इस शीशे को हॉकी स्टिक की मदद से सीढ़ियों के पास ऐसे स्थान पर सरकाया जहां से उसमें आनंदपाल का मूवमेंट नजर आता रहे। इस शीशे में देखकर पुलिस ने अपनी ओर से फायरिंग की।
इस बीच कांस्टेबल सोहनलाल और धर्मपाल तथा इंस्पेक्टर सूर्यवीर सिंह छत तक पहुंचने में सफल हो गए, सोहनलाल की गोली आनंदपाल को लगी। इस दौरान आनंदपाल की गोलियां भी सोहनलाल को लग गई। इसके बाद घायल हुए आनंदपाल को अन्य जवानों ने मार गिराया। गोलियों से बचने के चक्कर में एक इस्पेक्टर के छत से कूदने की भी बात सामने आ रही है। इससे उनके हाथ में फ्रेक्चर आ गया।
इस बीच कांस्टेबल सोहनलाल और धर्मपाल तथा इंस्पेक्टर सूर्यवीर सिंह छत तक पहुंचने में सफल हो गए, सोहनलाल की गोली आनंदपाल को लगी। इस दौरान आनंदपाल की गोलियां भी सोहनलाल को लग गई। इसके बाद घायल हुए आनंदपाल को अन्य जवानों ने मार गिराया। गोलियों से बचने के चक्कर में एक इस्पेक्टर के छत से कूदने की भी बात सामने आ रही है। इससे उनके हाथ में फ्रेक्चर आ गया।
मोबाइल और डायरियां खोलेगी राज
आनंदपाल की मौत के बाद पुलिस ने वहां कमरों की तलाशी ली। यहां पुलिस को तीन मोबाइल फोन और कुछ डायरियां मिली है। चुरू एएसपी राहुल बारहठ का कहना है कि इसकी जांच की जा रही है। इनके आधार पर आनंदपाल को पनाह देने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।