सोहराबुद्दीन केस: IPS दिनेश और डी.जी. बंजारा को CBI कोर्ट ने किया बरी
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वर्तमान में दिनेश एम.एन. राजस्थान एसओजी में आईजी के पद पर हैं। सोहराबुद्दीन मामले में सीबीआई ने कोर्ट में पेश की चार्जशीट में बताया था कि सोहराबुद्दीन का एनकाउंटर नहीं हुआ था, यह एक कॉन्ट्रेक्ट मर्डर था।
सोहराबुद्दीन राजस्थान के मार्बल व्यवसायियों से वसूली कर रहा था। आरके मार्बल के मालिक विमल पाटनी से वसूली के लिए धमकी दी थी। पाटनी ने तत्कालीन गुजरात के मंत्री और वर्तमान बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और राजस्थान गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया से संपर्क किया था।
सीबीआई चार्जशीट के अनुसार सोहराबुद्दीन की हत्या का कॉन्ट्रेक्ट विमल पाटनी ने दिया था, हत्या अमित शाह और कटारिया के कहने पर गुजरात और राजस्थान की पुलिस ने की थी।
सीबीआई ने इस मामले में तीन राज्यों के 35 लोगों को आरोपी बनाया था। जिसमें वर्तमान भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह, राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया सहित कई लोगों को बरी कर दिया गया है।
कल इन्हें लगा था ये झटका, हो गई थी डिस्चार्ज एप्लीकेशन खारिज
हालांकि, एक दिन पूर्व ही सोमवार को पुलिस को उस समय झटका लगा था जब उदयपुर के एसआई हिमांशु सिंह और श्याम सिंह की डिस्चार्ज एप्लीकेशन को मुंबई कोर्ट ने खारिज कर दिया।
इससे करीब एक सप्ताह पहले कोर्ट ने पुलिस निरीक्षक अब्दुल रहमान की डिस्चार्ज एप्लीकेशन को भी खारिज कर दिया था। जिन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने 13 लोगों को बरी किया, उन्हीं तथ्यों के अधार पर राजस्थान के निरीक्षक अब्दुल रहमान, एसआई हिमांशु सिंह और श्याम सिंह ने धारा 197 में डिस्चार्ज एप्लीकेशन लगाई थी, जिसे कोर्ट ने नहीं माना था।
रहमान के आवेदन के खारिज होने से एक दिन पहले 24 अगस्त को हैड कांस्टेबल दलपतसिंह को कोर्ट ने रिहा किया था। ऐसे में सभी के बरी होने की उम्मीदें बढ़ गई थीं,QA लेकिन बाद में अब्दुल रहमान, हिमांशु सिंह और श्याम सिंह की डिस्जार्च एप्लीकेशन अदालत ने खारिज कर दी।