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डॉक्टर ने हाथ खड़े किए, अस्पताल के बाहर सड़क पर हुई डिलेवरी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 01 Jul 2017 07:37 PM IST
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अपनी नवजात बच्ची के साथ महिला
- फोटो : अमर उजाला
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आठ माह की गर्भवती को पीएचसी लेकर गए तो वहां तैनात डॉक्टर ने सुविधा नहीं होने की दुहाई देते हुए हाथ खड़े कर दिए। जब उसे वहां से लेकर जाने लगे तो पीएचसी के बाहर ही डिलेवरी हो गई।
जननी सुरक्षा योजना की पोल शनिवार को अलवर जिले के अकबरपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर खुली। यहां मालाखेड़ा के सिया का बास निवासी देवाराम गर्भवती पत्नी लता का प्रसव कराने के लिए इस स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा। परिजनों का कहना है कि यहां पर मौजूद महिला चिकित्सक ने बिना जांच किए उसे अलवर के जनाना अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
इसके बाद जैसे परिजन प्रसूता को लेकर अस्पताल से बाहर निकले, उसकी डिलेवरी हो गई। उसने लड़की को जन्म दिया। इसके बाद परिजनों ने वहां हंगामा किया और महिला डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसके बाद मां—बेटी को अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां दोनों स्वस्थ्य बताए जा रहे है।
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जननी सुरक्षा योजना की पोल शनिवार को अलवर जिले के अकबरपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर खुली। यहां मालाखेड़ा के सिया का बास निवासी देवाराम गर्भवती पत्नी लता का प्रसव कराने के लिए इस स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा। परिजनों का कहना है कि यहां पर मौजूद महिला चिकित्सक ने बिना जांच किए उसे अलवर के जनाना अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
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इसके बाद जैसे परिजन प्रसूता को लेकर अस्पताल से बाहर निकले, उसकी डिलेवरी हो गई। उसने लड़की को जन्म दिया। इसके बाद परिजनों ने वहां हंगामा किया और महिला डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसके बाद मां—बेटी को अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां दोनों स्वस्थ्य बताए जा रहे है।
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