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डाक्टरों की आपसी लड़ाई में मासूम को गंवाना पड़ा अपना हाथ
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 02 Jun 2017 10:07 AM IST
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हरीश
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जोधपुर का महात्मा गांधी अस्पताल एक सात वर्षीय मासूम के लिए अभिशाप बन गया। यहां डॉक्टरों की आपसी खींचतान के कारण मासूम को अपना हाथ गंवाना पड़ा। जानकारी के अनुसार बाड़मेर का सात वर्षीय बिजली की डीपी के कारण झुलस गया था। जिसे ईलाज के लिए 20 मई को जोधपुर लाया गया था। इस अस्पताल में उसे बर्न यूनिट में भर्ती किया गया। चार दिन तक हरीश के पिता बर्न यूनिट में भर्ती अपने बेटे के ईलाज के लिए डॉ भारती से मिन्नतें करते रहें।
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लेकिन डॉ भारती पर आरोप है कि उन्होंने मासूम का आॅपरेशन नहीं किया। इसके बाद हरीश को 24 मई को दूसरी यूनिट में भर्ती कराया गया। जहां उसका आॅपरेशन किया गया तो उसका हाथ काटना पड़ा। वहीं डॉक्टर भारती का कहना है कि उन्होंने कोई लापरवाही नहीं कि है अपितु दूसरी यूनिट के डॉक्टर उन्हें बदनाम कर रहें है। उनका कहना है कि इस केस के लिए उन्होंने अन्य चिकित्सकों से सलाह मांगी थी। लेकिन डॉक्टर गालवा ने जनरल सर्जरी का केस बताकर आॅपरेशन करने के लिए मना कर दिया था।
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मामले को तूल पकड़ता देखकर अस्पताल प्रशासन ने डॉ यूडी शर्मा की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित कर दी है। अस्पताल से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सकों के बीच काफी खींचतान है। जिसका खामियाजा यहां आए दिन मरीजों का उठाना पड़ता है।
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