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बालश्रम से मिली मुक्ति, घर लौटने लगे तो खिली मुस्कान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 22 May 2017 04:42 PM IST
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बाल मजदूर
- फोटो : demo pic
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पिछले दिनों जयपुर में मुक्त करवाए गए बाल श्रमिकों के चेहरे पर सोमवार को खुशी देखने को मिली। इन बच्चों को इनके घर के लिए रवानगी दी गई। मानव तस्करी विरोधी यूनिट, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हैल्प लाइन व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इन बच्चों को मुक्त करवाया गया था। बाल श्रम से मुक्त कराए गए 94 बालकों को सोमवार को रेल के जरिए घर वापिस भेजा गया।
इन बच्चों को बीकानेर गुवाहाटी रेल से बिहार भेजा गया। इन बच्चों को पटना पहुंचाया जाएगा। ये बच्चे प्रदेश में बाल श्रमिकों के मुक्त करवाने के लिए गए अभियान में मुक्त करवाए गए थे। ये बच्चे चूड़ी कारखाने, ढ़ाबे रेस्टोरेंट आदि जगहों पर काम कर रहे थे। बच्चों ने घर लौटते समय खुशी जाहिर की।
इन बच्चों की दोबारा बालश्रम में वापसी न हो इसके लिए भी इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए बिहार और उत्तरप्रदेश, जहां के बच्चे सबसे ज्यादा राजस्थान में बालश्रम में लिप्त होते हैं, वहां के अधिकारियों से बात की गई है। कोशिश है कि इन बच्चों के लिए जरूरी सारी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं, जिससे ये दोबारा इस दलदल में न लौटें।
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इन बच्चों को बीकानेर गुवाहाटी रेल से बिहार भेजा गया। इन बच्चों को पटना पहुंचाया जाएगा। ये बच्चे प्रदेश में बाल श्रमिकों के मुक्त करवाने के लिए गए अभियान में मुक्त करवाए गए थे। ये बच्चे चूड़ी कारखाने, ढ़ाबे रेस्टोरेंट आदि जगहों पर काम कर रहे थे। बच्चों ने घर लौटते समय खुशी जाहिर की।
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इन बच्चों की दोबारा बालश्रम में वापसी न हो इसके लिए भी इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए बिहार और उत्तरप्रदेश, जहां के बच्चे सबसे ज्यादा राजस्थान में बालश्रम में लिप्त होते हैं, वहां के अधिकारियों से बात की गई है। कोशिश है कि इन बच्चों के लिए जरूरी सारी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं, जिससे ये दोबारा इस दलदल में न लौटें।
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