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रेलवे स्टेशन पर ये सेवा देख आप हो जाएंगे तृप्त
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 10 Jul 2017 04:34 PM IST
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गांधी नगर रेलवे स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
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रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए नल लगे होते है। इन नलों में या तो पानी नहीं आता या फिर वह दूषित होता है। ऐसे में लोग स्टेशन पर पीने के पानी के लिए बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर होते है।
यात्रियों की इस समस्या को दूर करने का बीड़ा सेवाभावी लोगों ने उठाया है। जयपुर के गांधी नगर, दौसा के बांदीकुई और खैरथल रेल्वे स्टेशन समेत कई स्टेशन पर इनकी सेवा यात्रियों को तृप्त कर देती है। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर पहुंचती है ये सेवाभावी लोग यात्रियों को पानी पिलाने के लिए हाथ में जग लिए दौड़ पड़ते है। बर्फ का ठंडा पानी पीकर यात्री सकुन महसूस करते है। जयपुर के गांधी नगर रेलवे स्टेशन पर वर्ष 2012 से आठ-दस सेवाभावी लोग की टीम नियमित रुप से इस काम को कर रही है।
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यात्रियों की इस समस्या को दूर करने का बीड़ा सेवाभावी लोगों ने उठाया है। जयपुर के गांधी नगर, दौसा के बांदीकुई और खैरथल रेल्वे स्टेशन समेत कई स्टेशन पर इनकी सेवा यात्रियों को तृप्त कर देती है। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर पहुंचती है ये सेवाभावी लोग यात्रियों को पानी पिलाने के लिए हाथ में जग लिए दौड़ पड़ते है। बर्फ का ठंडा पानी पीकर यात्री सकुन महसूस करते है। जयपुर के गांधी नगर रेलवे स्टेशन पर वर्ष 2012 से आठ-दस सेवाभावी लोग की टीम नियमित रुप से इस काम को कर रही है।
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दो बजे बाद होती है सेवा
गांधी नगर रेलवे स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
गोपालपुरा निवासी जयपाल सिंह बताते हैं कि उनकी पूरी टीम दोपहर करीब दो बजे तक गांधी नगर रेलवे स्टेशन पहुंच जाती है।
दरअसल दो बजे बाद इस स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही ज्यादा रहती है। इस काम को करके उन्हें सकुन मिलता है। रिटायर्ड प्रिंसिपल रह चुके सिंह बताते हैं कि पुण्य के इस काम से उनके साथ लोग स्वत: ही जुड़ रहे है। अब गर्मी में पानी पिलाने के साथ ही एसएमएस अस्पताल में जाकर लोगों की पर्ची कटवाने, जांच की जानकारी देने, ईलाज से संबंधी जानकारी देने का काम शुरु करने जा रहे हैं।
दरअसल दो बजे बाद इस स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही ज्यादा रहती है। इस काम को करके उन्हें सकुन मिलता है। रिटायर्ड प्रिंसिपल रह चुके सिंह बताते हैं कि पुण्य के इस काम से उनके साथ लोग स्वत: ही जुड़ रहे है। अब गर्मी में पानी पिलाने के साथ ही एसएमएस अस्पताल में जाकर लोगों की पर्ची कटवाने, जांच की जानकारी देने, ईलाज से संबंधी जानकारी देने का काम शुरु करने जा रहे हैं।