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11 साल के बालक को कंज्यूमर कोर्ट ने दिलाया उसका हक
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 03 May 2017 05:53 PM IST
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- फोटो : Internet
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राजस्थान में एक 11 साल के बालक ने अपने हक के लिए कंज्यूमर कोर्ट में अर्जी लगाई। कंज्यूमर कोर्ट ने उसे सुना और उसकी शिकायत पर एक ट्रेवल एजेंसी पर जुर्माना ठोका।
मामले के अनुसार 6 अगस्त 2016 को जोधपुर निवासी 11 वर्षीय पुरु सोनी के पिता बालमुकुंद सोनी ने जोधपुर से बूंदी जाने के लिए स्वयं की और पुत्र के लिए एक निजी ट्रैवल एजेंसी लक्ष्मी ट्रेवल्स से 900 रुपए देकर दो टिकटें बुक कराई थीं। बाद में किन्हीं कारणों से दोनों बूंदी नहीं जा सके और बच्चे के पिता ने उसी दिन फोन पर टिकट कैंसिल करा दी।
11 अगस्त 2016 को जब परिवादी बालक की मां कैंसिल टिकट की राशि लेने ट्रैवल एजेंसी पहुंची तो एजेंट ने उन्हें पैसे देने से इंकार कर दिया। पुरु सोनी ने अपने पिता बालमुकुंद सोनी की मदद से उपभोक्ता संरक्षण मंच पर न्याय की गुहार लगाई जिसके बाद अदालत ने ट्रैवल एजेंसी को परिवादी को टिकट की 75 फीसदी बकाया राशि लौटाने और 3 हजार रुपए की मानसिक क्षति एवं परिवाद व्यय के रुप में चुकाने का आदेश सुनाया।
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ट्रेवल एजेंसी ने टिकट के पीछे अंकित नियम 9 के अनुसार टिकट कैंसिल कराने पर 25 फीसदी राशि काटते हुए बकाया 75 फीसदी राशि ग्राहक को अदा करने की शर्त नहीं मानी थी।
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मामले के अनुसार 6 अगस्त 2016 को जोधपुर निवासी 11 वर्षीय पुरु सोनी के पिता बालमुकुंद सोनी ने जोधपुर से बूंदी जाने के लिए स्वयं की और पुत्र के लिए एक निजी ट्रैवल एजेंसी लक्ष्मी ट्रेवल्स से 900 रुपए देकर दो टिकटें बुक कराई थीं। बाद में किन्हीं कारणों से दोनों बूंदी नहीं जा सके और बच्चे के पिता ने उसी दिन फोन पर टिकट कैंसिल करा दी।
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11 अगस्त 2016 को जब परिवादी बालक की मां कैंसिल टिकट की राशि लेने ट्रैवल एजेंसी पहुंची तो एजेंट ने उन्हें पैसे देने से इंकार कर दिया। पुरु सोनी ने अपने पिता बालमुकुंद सोनी की मदद से उपभोक्ता संरक्षण मंच पर न्याय की गुहार लगाई जिसके बाद अदालत ने ट्रैवल एजेंसी को परिवादी को टिकट की 75 फीसदी बकाया राशि लौटाने और 3 हजार रुपए की मानसिक क्षति एवं परिवाद व्यय के रुप में चुकाने का आदेश सुनाया।
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ट्रेवल एजेंसी ने टिकट के पीछे अंकित नियम 9 के अनुसार टिकट कैंसिल कराने पर 25 फीसदी राशि काटते हुए बकाया 75 फीसदी राशि ग्राहक को अदा करने की शर्त नहीं मानी थी।