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इंटरनेशनल

मंगलवार, 31 मार्च 2020

बेल्जियम में मालिक से बिल्ली हुई संक्रमित, मगर विशेषज्ञ बोले-घबराएं नहीं

'किम जोंग उन' ने कोरोना वायरस का फिर बनाया मजाक, महीने भर के अंदर चौथी बार किया मिसाइल का परीक्षण

दुनियाभर में कोरोना वायरस महामारी के बीच परमाणु हथियारों से लैस उत्तर कोरिया ने "सुपर-लार्ज मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर" का सफल परीक्षण किया है। सोमवार को उत्तर कोरिया की मीडिया की तरफ इस परीक्षण की पुष्टि की गई है। हालांकि, इस दौरान ड्रिल में 'किम जोंग उन' की मौजूदी रही या नहीं इसे लेकर कुछ भी नहीं बताया गया है। दरअसल विश्लेषकों का कहना है कि प्योंगयांग अपने लॉन्च को सामान्य दिखाने की कोशिश करता है। यही कारण है कि 'किम जोंग उन' को लेकर कुछ भी नहीं कहा गया है। 

दुनिया भर के देश जहां कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं, वहीं इस महीने उत्तर कोरिया ने अब तक चार मिसाइल परीक्षण किए हैं। दरअसल कोरोना वायरस को लेकर उत्तर कोरिया यह कहता आया है कि उसके देश में COVID-19 का एक भी मामला सामने नहीं आया है।

कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने अपनी रिपोर्ट में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं किया है कि 'किम' ने रविवार का परीक्षण निर्देशित किया था, जो कि हैरान करने वाली बात है। दरअसल अब तक जब भी उत्तर कोरिया कोई भी मिसाइल का परीक्षण करता था, तब उसमें 'किम जोंग उन' की सक्रियता और उनकी तस्वीर को हमेशा बढ़चढ़ कर दिखाया जाता था। लेकिन इस बार किए गए परिक्षण में 'किम जोंग उन' की कोई भी तस्वीर सामने नहीं आई है। बल्कि, इस बार उत्तर कोरिया की न्यूज एजेंसी KCNA की तरफ से बताया गया है कि इस परीक्षण का नेतृत्व सत्तारूढ़ पार्टी के उपाध्यक्ष री प्योंग चोल और संचालन अकादमी ऑफ़ नेशनल डिफेंस साइंस की तरफ से किया गया है।

दरअसल दक्षिण कोरिया ने रविवार को ही बता दिया था कि उत्तर कोरिया की तरफ से दो संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइलें समुद्र में छोड़ी गई हैं। दक्षिण कोरिया ने कहा थाजब पूरी दुनिया इस समय कोरोना वायरस महामारी का मुकाबला कर रही है, ऐसे में उत्तर कोरिया का मिसाइलों का परीक्षण बिल्कुल गलत है।

इस पूरे मामले पर दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने कहा था कि रविवार की सुबह उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय शहर वोनसान से निकली मिसाइलें कोरियाई प्रायद्वीप और जापान के बीच समुद्र में गिरते हुए देखी गईं थी। उन्होंने बताया था मिसाइलों की अधिकतम ऊंचाई 30 किलोमीटर थी, जो करीब 230 किलोमीटर तक सफर करते हुए देखी गईं। उत्तर कोरिया की इस कार्रवाई पर पहले से ही दक्षिण कोरिया और अमेरिका के खुफिया अधिकारी नजर बनाए हुए थे।
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कोरोना वायरस से पाकिस्तान के महान स्क्वॉश खिलाड़ी आजम खान का लंदन में निधन

संयुक्त राष्ट्र में तैनात वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने पद से दिया इस्तीफा  

संयुक्त राष्ट्र में तैनात भारत के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सुधीर राजकुमार संयुक्त राष्ट्र के संयुक्त कर्मचारी पेंशन कोष में संपत्तियों के निवेश मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रतिनिधि के पद पर तैनात थे। 

सुधीर राजकुमार को संरा महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने अक्तूबर 2017 में इस पद पर नियुक्त किया था।
 
गुतारेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राजकुमार ने संयुक्त राष्ट्र के संयुक्त कर्मचारी पेंशन कोष में संपत्तियों के निवेश मामलों के लिए संरा महासचिव के प्रतिनिधि के पद से इस्तीफा दे दिया है जो 31 मार्च से प्रभावी होगा। 

इस बयान में राजकुमार के इस्तीफा देने की वजह निजी व पारिवारिक बताई गई है। गुतारेस ने राजकुमार का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और उनकी सेवाओं के लिए आभार जताया है।
 
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संयुक्त राष्ट्र में तैनात भारतीय अधिकारी ने दिया इस्तीफा संयुक्त राष्ट्र में तैनात भारतीय अधिकारी ने दिया इस्तीफा

पाक विदेश मंत्रालय ने फिर छेड़ा कश्मीर राग, यासीन मलिक की रिहाई की मांग

दुनिया भले ही कोरोना से जंग लड़ रही हो और पाकिस्तान में खुद कोविड-19 के डेढ़ हजार से ज्यादा मामले हों, लेकिन ऐसी स्थिति में भी उसका कश्मीर राग बरकरार है। पाकिस्तानी विदेश विभाग ने बयान जारी कर एक बार फिर अलगाववादी नेता यासीन मलिक समेत तमाम कश्मीरी नेताओं और युवाओं की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए और भारतीय सुरक्षा बलों पर कश्मीर में अत्याचार करने के आरोप लगाए। 

पाकिस्तान ने यासीन मलिक के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा है कि उन्हें 30 साल पुराने एक फर्जी मामले में जबरन गिरफ्तार किया गया है और घाटी में पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) और आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर एक्ट जैसे कानूनों के तहत कश्मीर की जनता पर जुल्म ढाए जा रहे हैं। पाकिस्तान विदेश विभाग की प्रवक्ता आयशा फारुकी ने अपने बयान में कहा है कि हजारों कश्मीरी युवाओं, सिविल सोसाइटी के सदस्यों, पत्रकारों और कश्मीरी नेताओं को जेल में डाल दिया गया है। 

पाक ने कहा, हजारों लोगों को अपने परिवारों से दूर कर दिया गया है। पांच अगस्त 2019 के बाद से सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं। वहां के लोग 4जी नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं कर सकते। आयशा फारुकी ने बयान में कहा है कि जब पूरे देश और दुनिया में कोरोना जैसे खतरनाक वायरस का आतंक है, ऐसे में भारतीय सेना के नौ लाख जवान कश्मीरियों पर अत्याचार कर रहे हैं।

पाकिस्तान ने खास तौर से यासीन मलिक के प्रति हमदर्दी जताते हुए कहा है कि मलिक जेल में बीमार हैं और अपने खिलाफ लगाए गए झूठे आरोपों के खिलाफ जेल में ही आमरण अनशन की धमकी दी है। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह कश्मीर में मानवाधिकार हनन और स्थानीय लोगों पर ढाये जा रहे जुल्म रोकने के लिए भारत पर दबाव डाले और वहां से तत्काल इंटरनेट बैन हटाने और ऐसी गंभीर स्थिति में वहां जरूरी मेडिकल सुविधाएं और जरूरी सामान पहुंचाने को कहे। 

पाकिस्तान ने कहा है कि भारत तत्काल हुर्रियत नेताओं समेत तमाम गिरफ्तार नेताओं को रिहा करे, इंटरनेट सेवा बहाल करे और पीएसए जैसे कानून हटाए। गौरतलब है कि दो हफ्ते पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए हुई सार्क की बैठक के दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की ओर से वहां के स्वास्थ्य सचिव डॉ जफर मिर्जा ने पीएम मोदी का ध्यान कश्मीर की ओर दिलाने की कोशिश की थी।
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कोरोना: ओलंपिक के लिए झूठ बोल रहा था जापान, दुनिया से छिपा रहा था अपनी बीमारी!

कोरोना वायरस के कारण पिछले एक महीने के भीतर ही दुनिया भर के लगभग सारे बड़े खेल टूर्नामेंट्स रद्द कर दिए गए। विश्व की सबसे महंगी टी-20 क्रिकेट लीग IPL को भी टाल दिया गया, जिस तरह से इस अनजान बीमारी से लोग मर रहे थे, उससे ओलंपिक भी अछूता नहीं रहा। यह तकरीबन तय लग रहा था कि टोक्यो 2020 को आगे बढ़ा दिया जाएगा और हुआ भी यही। इतिहास में पहली बार किसी बीमारी की वजह से ओलंपिक एक साल के लिए टाल दिया गया। टोक्यो ओलंपिक खेलों का आयोजन 24 जुलाई से 9 अगस्त तक होना था। अब 30 मार्च को नई तारीख आई और इसके मुताबिक इन खेलों का आयोजन 23 जुलाई 2021 से 8 अगस्त 2021 के बीच होगा।

टालने में इतनी देर क्यों?

पूरी दुनिया की कई नेशनल ओलंपिक कमेटियां (एनओसी) पहले ही इस आयोजन को टालने का अनुरोध कर चुकीं थीं। कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने तो साफतौर पर कह दिया था कि उनके एथलीट इन खेलों में हिस्सा नहीं लेंगे। इस बारे में उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना था कि IOC (इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी) और टोक्यो 2020 के आयोजक चाह रहे थे कि खेलों को टालने की पहल उनकी ओर से न हो। ऐसा इसलिए, क्योंकि ओलंपिक को आगे बढ़ाने के फैसले से व्यापारिक और कानूनी दुष्परिणाम होंगे और कोई भी इसकी जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता था। यह स्थिति इसलिए भी बनी रही, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से कभी कोई ऐसा आदेश नहीं आया, जिसमें कहा गया हो कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते ओलंपिक नहीं हो सकते।

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Coronavirus: उत्तराखंड के धारचुला में फंसे सैकड़ों नेपाली मजदूर, सीमा नहीं खोल रहा नेपाल

death in china due to corona
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और आसपास के इलाकों में काम करने वाले तीन सौ से ज्यादा नेपाली मजदूर धारचुला में नेपाल की सीमा पर जमा हैं, लेकिन नेपाल सरकार उनके लिए अपने देश की सीमा नहीं खोल रही। ये मजदूर पिछले चार दिनों से यहां जमा हैं और जगह-जगह से दो-तीन दिनों तक पैदल चलकर यहां पहुंचे हैं।

कोरोना वायरस के खतरे से बचने के लिए नेपाल ने भारत और चीन से जुड़ने वाली अपनी सभी सीमाएं सील कर रखी हैं। महाकाली नदी के किनारे जमा ये सैकड़ों नेपाली मजदूर अपनी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और अपने घर जाने के लिए सीमा खोलने की मांग कर रहे हैं।

नेपाल ने 27 मार्च को महज तीन घंटे के लिए सीमा खोली थी, जिससे 225 नेपाली वापस जा सके थे। उसके बाद से यहां जमा होने वाले नेपाली मजदूरों की संख्या तो बढ़ती जा रही है, लेकिन सीमा न खुलने की वजह से वो अपने देश नहीं जा पा रहे।

भारतीय सीमा सुरक्षा बल का कहना है कि भारत ने अपनी तरफ से उन्हें जाने की इजाजत दे रखी है, लेकिन नेपाल की तरफ से काली नदी के पुल को नहीं खोला जा रहा है ताकि ये लोग वहां जा सकें।  

धारचुला में फंसे एक नेपाली नागरिक दिलेन्द्र महाता के मुताबिक पिछले तीन दिनों से यहां जमा लोग खाने पीने का कोई सामान खरीद नहीं पा रहे हैं, लेकिन सीमा सुरक्षा बल के जवान और चैंबर ऑफ कॉमर्स के लोग उन्हें खाना उपलब्ध करा रहे हैं।

दूसरी तरफ धारचुला के मुख्य जिला अधिकारी यजुनाथ पौडेल का दावा है कि इन स्थानीय लोगों को वापस लाने की कोशिशें और इनकी मेडिकल जांच के बाद इन्हें क्वारंटीन में भेजने की तैयारियां की जा रही हैं और सारी तैयारियां पूरी होने के बाद उन्हें वापस नेपाल में प्रवेश देने का फैसला लिया जाएगा।
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कोरोना से पूरी तरह ठीक हुए प्रिंस चार्ल्स, एक सप्ताह तक खुद को एकांतवास में रखा था

कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद सोमवार को प्रिंस चार्ल्स एकांतवास से बाहर आए। एक सप्ताह पहले उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उन्होंने खुद को एकांतवास में कर लिया था। शाही प्रवक्ता ने इस बात की जानकारी दी है। 

ब्रिटिश सिंहासन के 71 वर्षीय वारिस ने पिछले हफ्ते एबरडीनशर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) द्वारा परीक्षण किए जाने के बाद स्कॉटलैंड में रानी की बाल्मोरल एस्टेट में खुद को एकांतवास में कर लिया था। 

शाही प्रवक्ता ने कहा कि क्लेरेंस हाउस ने आज (सोमवार) पुष्टि की है कि अपने डॉक्टर के साथ परामर्श करने के बाद द प्रिंस ऑफ वेल्स अब एकांतवास से बाहर आ गए हैं। उनके क्लेरेंस हाउस शाही कार्यालय ने कहा है कि राजकुमार का स्वास्थ्य अब ठीक है और सरकार के प्रतिबंधों का पालन करते हुए वह घर से काम कर रहे थे।

उनकी पत्नी और डचेस ऑफ कॉर्नवाल कैमिला ने उनके साथ ही जांच करवाई थी, जिसमें डचेस की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी और प्रिंस चार्ल्स की रिपोर्ट पॉजिटिव। इसके बाद प्रिंस ने खुद को एकांतवास में रखने का निर्णय लिया था। 

शाही जोड़े की पिछले सोमवार को जांच की गई थी, जिसके बाद वे एक जेट में स्कॉटलैंड चले गए थे और तब से वे वहीं रुके हुए थे। क्लेरेंस हाउस ने उस समय कहा था कि यह पता लगाना संभव नहीं है कि प्रिंस ने हाल के सप्ताहों में अपनी सार्वजनिक कार्यों में उच्च व्यस्तताओं के कारण कैसे वायरस से संक्रमित हुए है। 

कोरोना वायरस महामारी के फैलने पर प्रिंस चार्ल्स ने हाथ मिलाने की जगह नमस्ते करने पर जोर दिया था, जिसको लेकर वह अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में बने रहे। लेकिन जैसे ही उनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उन्होंने खुद को बाल्मोरेल एस्टेट में एकांतवास में करके सात दिन बिताने का निर्णय लिया।

इससे पहले, बकिंघम पैलेस ने कहा था कि 93 वर्षीय क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय ने पिछली बार 12 मार्च को अपने बेटे को देखा था और फिलहाल वह 98 वर्षीय पति प्रिंस फिलिप के साथ विंडसर कैसल में रह रही है। 

ब्रिटेन में लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया जा रहा है क्योंकि वहां इस जानलेवा वायरस से मरने वालों की संख्या 1,228 तक पहुंच गई है। वही इस वायरस से अब तक 19,522 लोग संक्रमित है। 
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Tokyo Olympics: सामने आई नई तारीख, 23 जुलाई 2021 से शुरू होगा 'खेलों का महाकुंभ'

कोरोना वायरस के चलते एक साल के लिए टाल दिए गए टोक्यो ओलंपिक की नई तारीखों की घोषणा सोमवार को हो गई। टोक्यो ओलंपिक के आयोजनकर्ताओं ने बताया कि अब 23 जुलाई 2021 को ओपनिंग सेरेमनी और समापन समारोह आठ अगस्त 2021 को होंगे। पैरालंपिक खेल 24 अगस्त 2021 से पांच सितंबर 2021 के बीच होंगे। मगर इन खेलों को टोक्यो 2020 के नाम से ही पहचाना जाएगा। इसके पहले ये खेल 24 जुलाई 2020 से शुरू होने वाले थे, जिन्हें भारी दबाव के बाद टाल दिया गया था।

ऐसी भी अटकलें थी कि खेलों को बसंत के महीने में कराया जाए जब जापान में चेरी ब्लॉसम के खिलने का समय होता है, लेकिन उस समय यूरोपीय फुटबॉल और उत्तर अमेरिकी खेल लीग होती है। टोक्यो आयोजन समिति के प्रमुख योशिरो मोरी और सीईओ तोशिरो मुतो ने कहा था कि नई तारीखों पर खेलों के आयोजन की लागत बहुत अधिक होगी।



स्थानीय रिपोर्ट्स की माने तो यह लागत अरबों डॉलर बढ़ जाएगी और इसका बोझ जापान के करदाताओं पर पड़ेगा। मुतो ने लागत की गणना में पारदर्शिता बरतने का वादा किया। जापान आधिकारिक तौर पर ओलंपिक की मेजबानी पर 12.6 अरब डॉलर खर्च कर रहा है। जापानी सरकार के एक आडिट ब्यूरो ने हालांकि कहा कि लागत इसकी दोगुनी है।

ओलंपिक टालने का था भारी दबाव

दरअसल, कोरोना के कहर के बाद सिर्फ दुनिया की रफ्तार ही नहीं थमी, बल्कि एक के बाद एक कई इंटरनेशनल खेल इवेंट्स भी रद्द कर दिए गए थे। 'खेलों का महाकुंभ' कहलाए जाने वाला ओलंपिक भी एक साल के लिए आगे बढ़ा दिया गया था। यह पहला मौका था, जब किसी महामारी के वजह से ओलंपिक अपने तय समय पर शुरू नहीं हो पाया।

कोरोना वायरस के प्रकोप से परेशान होकर कनाडा ने एलान किया था कि वह टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा नहीं लेगा। इसके ठीक बाद ऑस्ट्रेलियाई ओलंपिक कमिटी ने भी अपने खिलाड़ियों को कहा था कि वे सभी अगले साल यानी 2021 को ध्यान में रखते हुए ओलंपिक की तैयारियां करें।

अमेरिका और न्यूजीलैंड की ओर से भी ओलंपिक को एक साल के लिए टालने का दबाव बन था। ओलंपिक खेलों के लिए जापान के स्टेडियम काफी पहले ही तैयार हो गए थे और बड़ी संख्या में टिकट भी बिक गए थे, कोरोना के कारण अब जापान को अरबों का नुकसान झेलना पड़ रहा है।

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अफगानिस्तान: तालिबान हमले में 11 अफगान सैनिकों और पुलिसकर्मियों की मौत

अफगानिस्तान के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में तालिबान के हमलों में 11 अफगान सैनिकों और पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। रक्षा मंत्रालय और एक प्रांतीय अधिकारी ने सोमवार को बताया कि आतंकवादियों ने दक्षिणी जाबुल प्रांत के अर्गनदेब जिले में रविवार की रात एक सैन्य जांच चौकी को निशाना बनाया जिसमें छह सैनिकों की मौत हो गई।

एक प्रांतीय अधिकारी मबोबुल्ला गफारी ने बताया कि उत्तरी बागलान प्रांत में एक जांच चौकी पर तालिबान के हमले में सुरक्षा बलों के पांच सदस्यों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गये। हालांकि, तालिबान ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।

काबुल पुलिस प्रमुख के प्रवक्ता फिरदौस फरामाज ने बताया कि सोमवार को राजधानी काबुल में एक वाहन में लगाये गये बम में विस्फोट होने से चार लोग घायल हो गये।
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कोरोना का असर, चीन ने घटाई रिवर्स रेपो दर, ज्यादा कर्ज देने के लिए प्रेरित होंगे बैंक

कोरोना वायरस महामारी से पिछले दो महीनों से चीन ठहर सा गया है। अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए और जनता को राहत देने के लिए चीन की सरकार ने सोमवार को रिवर्स रेपो रेट (आरआरआर) में 0.20 फीसदी की कटौती की। इस कदम से बैंक अपना पैसा पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (चीन का केंद्रीय बैंक) के पास अतिरिक्त धन रखने के बजाय बाजार में उधार देने को प्रेरित होंगे।

विनिर्माण क्षेत्र में शुरू हुआ उत्पादन
मालूम हो कि चीन सरकार ने नुकसान की भरपाई के लिए अपने विनिर्माण क्षेत्र को पूरी क्षमता के साथ चालू करने की तैयारी की है। इस संदर्भ में चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमआईआईटी) ने कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से चीन में बंद के बाद अब विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादन फिर शुरू हो गया है। देश की 98.6 फीसदी प्रमुख औद्योगिक कंपनियों ने फिर काम शुरू कर दिया है।

बहाल हो रही है सामान्य स्थिति 
एमआईआईटी के उपाध्यक्ष Xin Guobin ने कहा कि करीब 28.4 लाख डॉलर से अधिक वार्षिय आय वाली औद्योगिक कंपनियों में लगभग 89.9 फीसदी कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस का केंद्र रहे हुबेई प्रांत में सामान्य स्थिति बहाल हो रही है और 95 फीसदी औद्योगिक कंपनियों में फिर काम शुरू हो गया है।

आगे शिन्हुआ ने कहा कि विटामिन, एंटीबायोटिक, एंटीपीयरेटिक और एनाल्जेसिक अवयवों का उत्पादन करने वाली बड़ी दवा कंपनियों का उत्पादन और संचालन सामान्य हो गया है। इस बीच, 76 फीसदी छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों ने देशव्यापी काम करना शुरू कर दिया है।

सात दिन के लिए रिवर्स रेपो दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर
पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (पीबीओसी) ने कहा कि उसने 50 अरब युआन के रिवर्स रपो के अभियान की शुरुआत की और सात दिन के रिवर्स पुनर्खरीद दर को 2.40 फीसदी से घटाकर 2.20 फीसदी कर दिया। इसपर कैपिटल इकोनॉमिक्स में चीन मामलों के वरिष्ठ अर्थशास्त्री जूलियन इवांस-प्रिचार्ड ने कहा कि, "यह 2015 के बाद से सबसे बड़ी कटौती है और सात दिन के लिए रिवर्स रेपो दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर है।"

वैश्विक महामारी से दुनिया में कोहराम
मालूम हो कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया में कोहराम मचा हुआ है। इस जानलेवा वायरस की वजह से दुनियाभर में अब तक सात लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं, वहीं इससे अब तक 33 हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। अमेरिका में एक दिन में 518 लोगों की मौत हुई है। अमेरिका में मृतकों की संख्या 2400 और इटली में 10,700 से अधिक हो चुकी है। इसी बीच ट्रंप ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण अमेरिका में दो हफ्तों में मृत्यु दर सर्वाधिक हो सकती है। 
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