{"_id":"600ef7690b1213022307b987","slug":"why-this-republic-day-should-be-based-on-jai-vigyan-theme-here-is-all-you-need-to-know","type":"story","status":"publish","title_hn":"तकनीक के क्षेत्र में कम नहीं है भारत, इसलिए गणतंत्र दिवस पर हो 'जय विज्ञान'","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
तकनीक के क्षेत्र में कम नहीं है भारत, इसलिए गणतंत्र दिवस पर हो 'जय विज्ञान'
Tue, 26 Jan 2021 01:02 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 26 Jan 2021 01:02 PM IST
विज्ञापन
तिरंगा ध्वज
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साल 2020 जब आया तो अपने साथ कोरोना या कोविड-19 नाम की महामारी भी लेकर आया। पूरा साल लॉकडाउन और अनलॉक के बीच ही बीत गया। इस महामारी का मुकाबला वैज्ञानिकों के बगैर करना तो दूर सोचना भी मुश्किल था। हमारे देश और दुनिया के वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत, शोध और नवोन्मेषण का ही नतीजा है कि एक वर्ष के भीतर दुनिया ने इस महामारी से लड़ने के लिए टीका विकसित कर लिया है। और तो और हमारे देश समेत दुनिया के कई देशों में टीकाकरण भी शुरू हो चुका है।
विज्ञापन
इसी कोरोनाकाल में जब गणतंत्र दिवस आया तो अमर उजाला ने तय किया कि इसे 'जय विज्ञान' थीम के साथ मनाया जाए। हमने भारतीय आविष्कारों और वैज्ञानिक विकास को सरल भाषा में अपने पाठकों को पढ़ाने के लिए जय विज्ञान के तहत कई विषयों पर खबरें और जानकारीपरक आलेख तैयार किए हैं। इसमें जीवन के लगभग सभी महत्वपूर्ण पहलुओं में विज्ञान के योगदान को बताने का प्रयास किया गया है।
विज्ञापन
हमारी इस पहल का उद्देश्य केवल यह समझाना है कि मानव सभ्यता और हमारा देश आज जहां तक पहुंचा है, उसमें विज्ञान और वैज्ञानिकों का योगदान किसी से भी कम नहीं है। देश की रक्षा और सुरक्षा के लिए सैन्य जवान महत्वपूर्ण हैं। पेट भरने के लिए अन्न चाहिए, जो किसान अपने खून-पसीने से सींचकर खेतों में उगाता है। और इन दोनों क्षेत्रों को धार विज्ञान और तकनीक ही देती है। इसके अलावा रोजमर्रा के जीवन में विज्ञान और तकनीकी की उपस्थिति से हम सभी वाकिफ हैं।
विज्ञापन
हमारे देश के तीसरे प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री जी ने एक नारा दिया था, जय जवान जय किसान। अब इसमें विज्ञान भी जुड़ चुका है। इसलिए जय जवान, जय किसान के साथ जय विज्ञान भी कहा जाता है। हमें आशा है कि आपको हमारी यह प्रस्तुति पसंद आएगी। आपके फीडबैक का हमें इंतजार है।
ये हैं जय विज्ञान के अंतर्गत हमारी विशेष प्रस्तुतियां:
गणतंत्र के 71 साल : विज्ञान के क्षेत्र में इनके नाम हैं बड़े कीर्तिमान और उपलब्धियां, जानें क्या-क्या हैं रिकॉर्ड
कोरोना वैक्सीन के अलावा और कौन-कौन से टीके बनाता है सीरम इंस्टीट्यूट? जानिए सबकुछ
मिलिए उन वैज्ञानिकों से जिन्होंने ईजाद की कोवैक्सीन, भारत बायोटेक के इन लोगों की है अहम भूमिका
कोरोना वैक्सीन पर काम कर रही हैं ये सात भारतीय कंपनियां, जानिए इनके बारे में सबकुछ
भारत के टॉप-5 सुपर कंप्यूटर जिनका लोहा मानती है दुनिया
कोरोना से लड़ने में टेक्नोलॉजी का भारत में कैसे हुआ इस्तेमाल
जब भारत सरकार ने लॉन्च किया दुनिया का सबसे बड़ा एप चैलेंज
टेक्नोलॉजी दे रही है भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर को नई रफ्तार, भविष्य में साथ देंगी ये तकनीकें
गणतंत्र दिवस विशेष: सात दशकों में भारत में कैसी फली-फूली ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री
विज्ञान ने किए खेलों में क्रांतिकारी बदलाव, इन तकनीकों की मदद से मुकाबले हुए और रोमांचक
गणतंत्र के 71 साल : इस मंदिर, मस्जिद और चर्च के नाम दर्ज हैं ये रिकॉर्ड, कोई नहीं तोड़ सकता
गणतंत्र के 71 साल : इन 10 देशों से हैं भारतीय संविधान का खास नाता, जानें अहम बातें
इन आकर्षक वॅालपेपर्स के जरिए दें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
गणतंत्र दिवस के दिन सुनें ये गाने, दिल में जगा देंगे देशभक्ति
1966 के बाद इस गणतंत्र दिवस पर पहली बार होगा ऐसा, परेड में शामिल नहीं होगा कोई विदेशी अतिथि
इस बार कुछ इस तरह मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस, पहली बार राजपथ पर दिखेगा ये नजारा
भारतीय गणतंत्र दिवस की पहली 10 परेड, 55 साल बाद 2021 में कोई मुख्य अतिथि नहीं
गैस चैंबर में रखी है संविधान की मूल प्रति, जानें इसकी असल वजह