मंगलवार को देश 72वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। भारत में हर साल लोकतंत्र के इस महापर्व को बड़े ही धूमधाम और भव्य तरीके से मनाया जाता है। लेकिन इस बार कोरोना के कारण गणतंत्र दिवस समारोह में काफी बदलाव देखने को मिलेंगे।
भारतीय गणतंत्र दिवस की पहली 10 परेड, 55 साल बाद 2021 में कोई मुख्य अतिथि नहीं
आजादी के बाद शुरुआती दिनों के दौरान भारत में भव्य गणतंत्र दिवस परेड के लिए एक निश्चित स्थान नहीं था। गणतंत्र परेड लाल किले, रामलीला मैदान, किंग्सवे और इरविन स्टेडियम जैसे विभिन्न स्थानों पर आयोजित की जाती थी, लेकिन 1955 में परेड स्थल तय किया गया और इसे राजपथ पर आयोजित किया जाने लगा।
जो परंपरा भारत में वर्षों से जारी है वह गणतंत्र दिवस परेड के लिए मुख्य अतिथि की उपस्थिति रही है। भारत ने अभी तक कई पड़ोसी देशों और राष्ट्रों से राजनीतिक नेताओं को परेड के लिए आमंत्रित किया है। यहां तक कि दो बार पाकिस्तान से भी मुख्य अतिथि आ चुके हैं।
पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद (1955)
1955 में भारत की पहली गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद थे। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद, पाकिस्तान अक्सर भारतीय गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि रहा है। मलिक गुलाम मोहम्मद राजपथ पर पहले अतिथि थे।
चीन के मार्शल ये जियानयिंग (1958)
भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव के बीच मार्शल ये जियानयिंग को 1958 में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। इस आमंत्रण के बाद प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू दोनों देशों के बीच शांति की उम्मीद कर रहे थे।