VHP: वीएचपी बोली- नेहरू की परंपरा निभा रही सोनिया-खरगे, राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में न आना दुर्भाग्यपूर्ण
विहिप नेता शरद शर्मा ने कहा कि हिंदू समाज यह मानता है कि भगवान के दरबार में जाने का सौभाग्य उसी को मिलता है, जिसे भगवा स्वयं चाहते हैं। ऐसे में राम का दर्शन उसी को मिलेगा, जिसे वे दर्शन देना चाहते हैं। कांग्रेस की सोच सदैव राजनीति से प्रेरित रही है। वह हर जगह वोट बैंक तलाशती है...
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श्रीराम जन्मभूमि पर भगवान राम के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में निमंत्रण मिलने के बाद भी सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के न जाने पर विश्व हिंदू परिषद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विहिप ने कहा है कि कांग्रेस अभी भी नेहरू की वही परंपरा निभा रही है, जिसमें उन्होंने आजादी के बाद बने सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में जाने से इनकार कर दिया था।
विहिप नेता शरद शर्मा ने कहा कि हिंदू समाज यह मानता है कि भगवान के दरबार में जाने का सौभाग्य उसी को मिलता है, जिसे भगवा स्वयं चाहते हैं। ऐसे में राम का दर्शन उसी को मिलेगा, जिसे वे दर्शन देना चाहते हैं। कांग्रेस की सोच सदैव राजनीति से प्रेरित रही है। वह हर जगह वोट बैंक तलाशती है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में भी सोमनाथ की मुक्ति और प्राणप्रतिष्ठा के दौरान गांधी खानदान के पूर्वज पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भी इसका विरोध किया था, जबकि लौह पुरुष सरदार पटेल ने राजेंद्र बाबू के सानिध्य में सोमनाथ की आधारशिला रखी थी। उन्होंने कहा कि केवल वोट बैंक खोने के डर से कांग्रेस का भगवान राम की मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा में न जाना हास्यास्पद है।