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Mathura Janmashtami 2026: Celebration of Kanha's birth at the Mathura temple; enthusiasm among devotees across
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मथुरा के मंदिर में कान्हा के जन्म का उत्सव, देशभर में भक्तो में उत्साह
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुक्रवार की मध्यरात्रि जैसे ही घड़ी की सुइयों ने ठीक 12 बजने का संकेत दिया, भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठी। मान्यता के अनुसार इसी शुभ घड़ी में भगवान श्रीकृष्ण ने कंस के अत्याचार से त्रस्त धरती को मुक्ति दिलाने और धर्म की स्थापना के लिए मथुरा की पावन धरती पर अवतार लिया था। मध्यरात्रि में भगवान के जन्म की घोषणा होते ही मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। मंदिरों में घंटियां, शंख और विभिन्न प्रकार के वाद्ययंत्र गूंजने लगे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही विशेष पूजा-अर्चना और जन्मोत्सव की विधियां शुरू कर दी गईं। चारों तरफ ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ और ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ जैसे जयकारे गूंजने लगे। भारी संख्या में मथुरा पहुंचे श्रद्धालुओं ने कान्हा के जन्म की खुशी में जमकर उत्सव मनाया और एक-दूसरे को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का विशेष श्रृंगार किया गया और उन्हें नए वस्त्र एवं आभूषणों से सजाया गया। ज
न्म के बाद भगवान की आरती की गई और भक्तों ने श्रद्धा के साथ दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण और उनके माता-पिता देवकी तथा वासुदेव की जय-जयकार से मंदिर परिसर गूंजता रहा। मथुरा की गलियों से लेकर प्रमुख मंदिरों तक हर तरफ श्रद्धा और उत्साह का माहौल दिखाई दिया। बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवा भक्त भगवान के जन्मोत्सव में शामिल हुए। कई श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते नजर आए तो कहीं भक्त भगवान के नाम पर झूमते और नृत्य करते दिखाई दिए। मध्यरात्रि के इस विशेष आयोजन ने मथुरा की धार्मिक और सांस्कृतिक छटा को और भी भव्य बना दिया। मंदिरों को आकर्षक रोशनी, फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया था, जिसकी खूबसूरती देखते ही बन रही थी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर भक्तों में ऐसा उत्साह नजर आया मानो पूरी मथुरा नगरी नंदलाल के आगमन की खुशी में डूब गई हो। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए यह क्षण बेहद भावुक और यादगार रहा। जन्माष्टमी के इस पावन पर्व पर मथुरा में आध्यात्मिकता, आस्था और उत्सव का अनोखा संगम देखने को मिला। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही पूरा वातावरण ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से गूंज उठा और भक्तों ने पूरी श्रद्धा एवं उमंग के साथ कान्हा के जन्म का उत्सव मनाया।
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