Karnataka Truck Strike: 'नौ माह में डीजल ₹5 महंगा, CM सिद्धरमैया से वार्ता विफल'; ट्रक चालकों का आंदोलन जारी..
Karnataka Truck Strike: कर्नाटक में ट्रकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण माल ढुलाई प्रभावित हो रही है। आंदोलन का एलान कर वाहनों का चक्का थाम चुके चालकों के महासंघ और कांग्रेस की सिद्धरमैया सरकार के बीच वार्ता विफल हो गई है। इस फेडरेशन का आरोप है कि बीते नौ महीने में डीजल पांच रुपये महंगा हुआ है। चालकों का उत्पीड़न हो रहा है। मांग पूरी होने तक कर्नाटक में ट्रक चालकों की हड़ताल जारी रहेगी।
विस्तार
ईंधन की कीमतों में उछाल के विरोध में कर्नाटक के ट्रक चालक अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं। आंदोलन कर रहे ट्रक चालकों के एक संगठन ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ वार्ता की। हालांकि, वार्ता विफल रही। संगठन के एक पदाधिकारी ने बताया कि ट्रक चालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने ट्रक चालकों से जनहित में हड़ताल खत्म करने की अपील की, लेकिन चालकों ने पहले मांगों को पूरा करने को कहा। मांगों में डीजल की कीमतों में कटौती और टोल संबंधी मुद्दों का ठोस समाधान करना शामिल हैं।
हड़ताल के कारण राज्य भर में ट्रक टर्मिनलों पर खड़े रहे वाहन
बता दें कि इस हड़ताल के कारण राज्य के भीतर और बाहर माल के परिवहन पर असर पड़ रहा है। 129 ट्रक एसोसिएशन का नेतृत्व कर रहे कर्नाटक राज्य लॉरी मालिक एवं एजेंट एसोसिएशन फेडरेशन (FOKSLOAA) के मुताबिक हड़ताल के कारण राज्य भर में ट्रक टर्मिनलों पर ट्रक खड़े रहे। हालात बिगड़ता देख मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मंगलवार शाम को FOKSLOAA के पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
ये भी पढ़ें: कर्नाटक में आधी रात से ट्रकों की हड़ताल शुरू, पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से नाराज
ईंधन की कीमतों में उछाल से तनाव, चालकों का उत्पीड़न
FOKSLOAA का दावा है कि बीते नौ महीने में डीजल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) में भारी वृद्धि हुई है। डीजल की कीमत में पांच रुपये प्रति लीटर की वृद्धि होने के कारण ट्रांसपोर्टरों की परिचालन लागत भी बढ़ी है। टोल प्लाजा पर लगातार जबरन वसूली और उत्पीड़न हो रहा है। ट्रक चालकों को अनावश्यक तनाव और वित्तीय बोझ झेलना पड़ता है। सरकार ने पुराने वाहनों के फिटनेस नवीनीकरण शुल्क को भी बढ़ाने का एलान किया है। इससे छोटे और मध्यम ऑपरेटरों पर मार पड़ेगी।
ट्रक चालक सरकार के खिलाफ आंदोलनरत
फेडरेशन का दावा है कि राजधानी बंगलूरू में प्रवेश निषेध प्रतिबंध अनुचित हैं। परिचालन दक्षता और माल की समय पर डिलीवरी में अड़चन आती है। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और माइक्रोफाइनांस संस्थाएं उत्पीड़न कर रही हैं। अवैध रूप से वाहन जब्त करना और वाहन मालिकों का मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। इन्हीं मुद्दों के कारण ट्रक चालक सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।
ट्रकों की हड़ताल कितनी व्यापक
पूरे प्रकरण पर ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष हरीश सभरवाल ने कहा, शुरुआती प्रतिक्रिया से पता चलता है कि आंदोलन सफल रहा। भारत के किसी भी हिस्से से ट्रक कर्नाटक में प्रवेश नहीं करेंगे। कर्नाटक के ट्रक राज्य से बाहर नहीं जाएंगे।
ये भी पढ़ें: Maharashtra: 'हर मुलाकात का राजनीतिक मतलब निकालना सही नहीं', राज ठाकरे से भेंट पर बोले उप मुख्यमंत्री शिंदे
बातचीत विफल होने के बाद सीएम सिद्धरमैया की अपील
फेडरेशन के अध्यक्ष जीआर शानमुगप्पा ने बताया कि सीएम के साथ बैठक के दौरान प्रदर्शनकारी डीजल की कीमतें कम करने की मांग पर अड़े थे, लेकिन सरकार ने उनकी मांग खारिज कर दी। फेडरेशन महासचिव सोमसुंदरम बालन ने कहा कि बातचीत विफल हो गई है। हमारी हड़ताल जारी रहेगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से भी बयान जारी किया गया। सरकार के मुताबिक बजट में डीजल पर शुल्क में दो रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पड़ोसी राज्यों की तुलना में हमारे राज्य में डीजल की कीमत कम है। ट्रक चालकों के महासंघ की मांगों से सरकार अवगत है। मुख्यमंत्री ने ट्रक मालिकों से सरकार के साथ सहयोग करने की अपील कर कहा कि सरकार गरीबों के हित में फैसले कर रही है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.