दुष्कर्म के आरोपी बसपा सांसद अतुल राय को सुप्रीम कोर्ट से राहत
उच्चतम न्यायालय ने मऊ की घोसी संसदीय सीट से सांसद अतुल राय को सांसद के तौर पर शपथ ग्रहण करने के लिए दो दिन की पेरोल देने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले में शुक्रवार को हस्तक्षेप करने से मना कर दिया।
उल्लेखनीय है कि अतुल राय के खिलाफ एक मई, 2019 को वाराणसी के लंका पुलिस थाने में दुष्कर्म के एक मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। राय ने घोसी संसदीय सीट से चुनाव लड़ा और 19 मई, 2019 को उन्हें विजेता घोषित किया गया। जमानत नहीं मिलने की वजह से वह सांसद के तौर पर शपथ ग्रहण नहीं कर पाए।
न्यायमूर्ति डी. वाय. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने उच्च न्यायालय के 23 जनवरी को सुनाए फैसले के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने राय को बजट सत्र के दौरान नई दिल्ली में सांसद के तौर पर शपथ ग्रहण करने के लिए दो दिन की पेरोल दी थी।
अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि राय पुलिस हिरासत में 29 जनवरी को नई दिल्ली जाएंगे और शपथ ग्रहण के बाद पुलिस उन्हें 31 जनवरी, 2020 को वापस हिरासत में ले लेगी।
Supreme Court refuses to interfere in the Allahabad High Court order granting 2-day parole to Bahujan Samaj Party (BSP) MP Atul Rai to attend his oath-taking as a Member of Parliament, in New Delhi. Rai is currently in jail in a rape case.
— ANI (@ANI) January 30, 2020