फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बस-ऑटो में यौन प्रताड़ना झेल रहीं छोटे शहरों की महिलाएं, यह शहर है अव्वल

Thu, 28 Nov 2019 11:16 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: योगेश साहू Updated Thu, 28 Nov 2019 11:16 AM IST
विज्ञापन
small towns Women facing sexual harassment in bus auto Jodhpur city first with Highest 67 Percent
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media

महिलाओं के साथ यौन प्रताड़ना के मामले महानगरों के बजाए छोटे शहरों में कहीं अधिक हैं। इनमें भी महिलाओं को सबसे ज्यादा सार्वजनिक परिवहन वाले वाहनों जैसे बस और ऑटो में परेशान किया जाता है। इस मामले में राजस्थान का जोधपुर शहर अव्वल है।



यह बात एक सर्वे में सामने आई है। मध्य भारत के छोटे शहरों में सुरक्षा मानकों को जांचने के लिए भोपाल, ग्वालियर और जोधपुर में 9133 महिलाओं को लेकर यह सर्वे किया गया था। एशिया फाउंडेशन, सेफ्टीपिन और सेंटर सोशल रिसर्च द्वारा 'वुमन एंड मॉबिलिटी' पर यह सर्वे कराया गया था। 

सर्वे में यह शहर रहा अव्वल

small towns Women facing sexual harassment in bus auto Jodhpur city first with Highest 67 Percent
प्रतीकात्मक तस्वीर

सर्वे के नतीजों को देखने पर पता चलता है कि राजस्थान के जोधपुर में सबसे ज्यादा यौन प्रताड़ना के 67 फीसदी मामले रोडवेज बस, ई-रिक्शा, ऑटो और ओला-उबर में हो रहे हैं। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल शहर में हर दो में से एक युवती को गंदी नजरों और हरकतों का शिकार होना पड़ता है। वहीं मध्यप्रदेश के ही ग्वालियर शहर में इस तरह के 35 फीसदी मामले सामने आए हैं। 

छोटे शहरों की घटनाओं को सामने लाना था मकसद

small towns Women facing sexual harassment in bus auto Jodhpur city first with Highest 67 Percent
प्रतीकात्मक तस्वीर

इस अध्ययन का मकसद बड़े शहरों के बजाए छोटे शहरों की घटनाओं को सामने लाना था। कारण कि दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों में जब ऐसी कोई घटना होती है तो उसकी राष्ट्रीय पटल पर चर्चा होने लगती है। पूरा देश उस पर बहस करने लगता है। जबकि छोटे शहरों की ऐसी घटनाएं कम ही चर्चा का विषय बन पाती हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

युवतियां बोलीं- पुलिस कुछ नहीं करती

small towns Women facing sexual harassment in bus auto Jodhpur city first with Highest 67 Percent
प्रतीकात्मक तस्वीर

अध्ययन में शामिल 57.1 फीसदी छात्राओं ने और 50 फीसदी अविवाहित युवतियों ने अश्लील हरकतों का शिकार होने की बात कही है। इनमें से 65 फीसदी युवतियों ने कहा कि उन्हें रोज ऐसी स्थिति का शिकार होना पड़ता है। ऐसे में किस-किस की रिपोर्ट लिखाएं। ज्यादातर का कहना था कि ऐसे मामलों में पुलिस भी कुछ नहीं करती।

विज्ञापन

क्या इसके लिए युवतियां खुद जिम्मेदार?

small towns Women facing sexual harassment in bus auto Jodhpur city first with Highest 67 Percent
प्रतीकात्मक तस्वीर

सार्वजनिक परिवहन या पब्लिक ट्रांसपोर्ट में महिलाओं को तंग करने के मामलों का कई श्रेणियों में अध्ययन किया गया। इनमें घूरना, कपड़ों के भीतर झांकना, भद्दी बातें बोलना, गंदे इशारे करना, सटकर खड़े होना और नोंचना जैसी हरकतें शामिल की गईं। सर्वे के दौरान ट्रांसपोर्टरों की भी राय ली गई, उनका कहना था कि ऐसी घटनाओं के लिए खुद युवतियां जिम्मेदार हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed