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RSS: सौहार्द के लिए संघ की मुस्लिम बुद्धिजीवियों संग फिर बैठक, गोहत्या से दूरी चाहता है संघ
Thu, 26 Jan 2023 06:06 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Thu, 26 Jan 2023 06:06 AM IST
सार
संघ के अति विशिष्ट सूत्र ने कहा कि हम शुरू से हिंदुओं की आस्था का सम्मान करने की बात रख रहे हैं। इसमें खासतौर पर गोहत्या से जुड़ा मामला है। मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल इससे दूरी बनाने और इसे गलत बताने के लिए जनमानस तैयार कर रहा है।
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
देश में हिंदू और मुसलमानों के बीच खाई को पाटने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और मुस्लिम बुद्धिजीवियों के बीच बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा है। बीते साल मुस्लिम बुद्धिजीवियों की संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ हुई बैठक के बाद बीते 14 जनवरी को संघ पदाधिकारियों के साथ इनकी एक और अहम बैठक हुई। सौहार्द कायम करने के लिए दोनों पक्षों में पहले सहमति वाले मुद्दों पर आगे बढ़ने की सहमति बनी है।
करीब ढाई घंटे चली इस बैठक में भागवत द्वारा बातचीत के लिए बनाई गई संघ की चार सदस्यीय टीम के तीन सदस्य रामलाल, कृष्ण गोपाल और इंद्रेश कुमार शामिल थे। मुस्लिम बुद्धिजीवियों के प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी, पूर्व एलजी नजीब जंग, शाहिद सिद्दीकी, मलिक मोहतसिम सहित पांच लोग मौजूद थे। बीते साल 22 अगस्त को हुई बैठक में भागवत ने प्रतिनिधिमंडल से हिंदुओं की आस्था से जुड़े विषयों मसलन गो हत्या सहित अन्य अहम मुद्दों पर अल्पसंख्यक मानसिकता में बदलाव लाने पर जोर दिया था। उन्होंने सहमति वाले मुद्दे तलाशने और इस पर व्यापक विमर्श की सलाह देते हुए संघ की ओर से चार सदस्यीय टीम बनाने की बात कही थी।
गोहत्या से दूरी चाहता है संघ
उधर, संघ के अति विशिष्ट सूत्र ने कहा कि हम शुरू से हिंदुओं की आस्था का सम्मान करने की बात रख रहे हैं। इसमें खासतौर पर गोहत्या से जुड़ा मामला है। मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल इससे दूरी बनाने और इसे गलत बताने के लिए जनमानस तैयार कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने इस संदर्भ में मुस्लिम संगठनों से बात की है। इनका कहना है कि गोहत्या को गलत करार देने के सवाल पर मुस्लिम समाज में सहमति बन सकती है। शाहिद ने कहा, हम मानते हैं कि देश सांप्रदायिक सौहार्द से ही विकास कर सकता है। हमारी कोशिश हिंदू और मुसलमानों के बीच नफरत और दूरी कम करने की है। ब्यूरो
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पांचजन्य में भागवत के साक्षात्कार पर हुई बात
मुलाकात के दौरान मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल ने पांचजन्य में प्रकाशित संघ प्रमुख के साक्षात्कार का सवाल उठाया। इस साक्षात्कार में संघ प्रमुख ने कहा था कि देश में मुसलमानों को डरने की जरूरत नहीं है, मगर उसे अपनी मानसिकता बदलनी होगी। शाहिद ने बताया कि संघ के पदाधिकारियों ने बैठक में ही हिंदी में साक्षात्कार के अंश पढ़ कर सुनाए और इसे गलत संदर्भ में पेश किए जाने की बात कही।
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करीब ढाई घंटे चली इस बैठक में भागवत द्वारा बातचीत के लिए बनाई गई संघ की चार सदस्यीय टीम के तीन सदस्य रामलाल, कृष्ण गोपाल और इंद्रेश कुमार शामिल थे। मुस्लिम बुद्धिजीवियों के प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी, पूर्व एलजी नजीब जंग, शाहिद सिद्दीकी, मलिक मोहतसिम सहित पांच लोग मौजूद थे। बीते साल 22 अगस्त को हुई बैठक में भागवत ने प्रतिनिधिमंडल से हिंदुओं की आस्था से जुड़े विषयों मसलन गो हत्या सहित अन्य अहम मुद्दों पर अल्पसंख्यक मानसिकता में बदलाव लाने पर जोर दिया था। उन्होंने सहमति वाले मुद्दे तलाशने और इस पर व्यापक विमर्श की सलाह देते हुए संघ की ओर से चार सदस्यीय टीम बनाने की बात कही थी।
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गोहत्या से दूरी चाहता है संघ
उधर, संघ के अति विशिष्ट सूत्र ने कहा कि हम शुरू से हिंदुओं की आस्था का सम्मान करने की बात रख रहे हैं। इसमें खासतौर पर गोहत्या से जुड़ा मामला है। मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल इससे दूरी बनाने और इसे गलत बताने के लिए जनमानस तैयार कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने इस संदर्भ में मुस्लिम संगठनों से बात की है। इनका कहना है कि गोहत्या को गलत करार देने के सवाल पर मुस्लिम समाज में सहमति बन सकती है। शाहिद ने कहा, हम मानते हैं कि देश सांप्रदायिक सौहार्द से ही विकास कर सकता है। हमारी कोशिश हिंदू और मुसलमानों के बीच नफरत और दूरी कम करने की है। ब्यूरो
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पांचजन्य में भागवत के साक्षात्कार पर हुई बात
मुलाकात के दौरान मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल ने पांचजन्य में प्रकाशित संघ प्रमुख के साक्षात्कार का सवाल उठाया। इस साक्षात्कार में संघ प्रमुख ने कहा था कि देश में मुसलमानों को डरने की जरूरत नहीं है, मगर उसे अपनी मानसिकता बदलनी होगी। शाहिद ने बताया कि संघ के पदाधिकारियों ने बैठक में ही हिंदी में साक्षात्कार के अंश पढ़ कर सुनाए और इसे गलत संदर्भ में पेश किए जाने की बात कही।