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आरजी कर मामला: अदालत के फैसले से नाखुश राजनीतिक दल, जूनियर डॉक्टरों का सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन
Mon, 20 Jan 2025 05:30 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 20 Jan 2025 05:30 PM IST
सार
अदालत के फैसले पर भाजपा नेता तापस रॉय ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जो हुआ वह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं है।
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आरजी कर मामला में सुनवाई
- फोटो : ANI (Video Grab)
विस्तार
पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में प्रशिक्षु डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या मामले में आज अदालत ने सजा का एलान कर दिया। अदालत ने दोपहर 2.45 बजे अपना फैसला सुनाते हुए दोषी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई। आरोपी को उम्रकैद की सजा मिलने पर राज्य में विपक्षी पार्टियों ने नेताओं ने प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने बताया कि वे आरोपी के लिए उच्चतम सजा की मांग कर रहे थे। कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने पूछा कि क्या इस फैसले से आरोपियों को कोई संदेश मिलेगा? राज्य के जूनियर डॉक्टर अदालत के फैसले से खुश नहीं हैं। उन्होंने बताया कि वे आरोपी के लिए सख्त सजा चाह रहे थे। यह सजा काफी नहीं है।
भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने कहा, "हम आरोपी संजय रॉय के लिए उच्चतम सजा की मांग कर रहे थे। पश्चिम बंगाल के लोगों को भरोसा नहीं हो रहा है कि आरजी कर दुष्कर्म और हत्या मामले में केवल एक व्यक्ति शामिल है।"
अदालत के फैसले पर भाजपा नेता तापस रॉय ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जो हुआ वह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं है। कोलकाता पुलिस और सीबीआई ने मामले की जांच की, लेकिन हमें मालूम है कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई है। इसलिए जिन लोगों ने इस घटना की योजना बनाई थी, उनकी जांच होनी चाहिए।"
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कांग्रेस ने दी प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने अदालत के फैसले पर सवाल किया। उन्होंने कहा, "हमारे देश में लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि कई दुखद घटनाएं घटती हैं और लोग न्यायालय में सुनवाई का इंतजार करते रहते हैं, जिसके कारण उदासीनता छाई रहती है। लेकिन इस मामले में तुरंत जांच की गई और अदालत ने भी बहुत कम समय में अपना फैसला सुनाया। फैसला भी उचित है, इसका स्वागत करना चाहिए। क्या इस फैसले से आरोपियों को कोई संदेश मिलेगा?"
अदालत के फैसले से नाखुश जूनियर डॉक्टर
अदालत के फैसले से नाखुश जूनियर डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, "हम कठोर सजा चाह रहे थे। यह सजा काफी नहीं है। हम आरोपी को कठोर सजा दिलाने के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख करेंगे।"
राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व प्रमुख और राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने अदालत के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि कोलकाता पुलिस द्वारा की गई जांच को सीबीआई के समक्ष पेश किया गया और जांच में कमियों के कारण आरोपी को मौत की सजा नहीं बल्कि उम्रकैद की सजा दी गई। पीड़िता के परिवारवाले और हम सभी इससे दुखी हैं। यह जजों की असंवेदनशीलता ही है कि इतने बड़े मामले को दुर्लभतम मामला नहीं कहा गया।"
बता दें कि सियालदह कोर्ट के जज अनिरबन दास ने कहा कि यह दुर्लभतम मामला नहीं है। अदालत ने संजय रॉय पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने कहा कि पीड़ित परिवार को डॉक्टर की मौत के लिए 10 लाख रुपये मुआवजा और सात लाख रुपये अतिरिक्त दिया जाना चाहिए।
संबंधित वीडियो
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भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने कहा, "हम आरोपी संजय रॉय के लिए उच्चतम सजा की मांग कर रहे थे। पश्चिम बंगाल के लोगों को भरोसा नहीं हो रहा है कि आरजी कर दुष्कर्म और हत्या मामले में केवल एक व्यक्ति शामिल है।"
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अदालत के फैसले पर भाजपा नेता तापस रॉय ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जो हुआ वह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं है। कोलकाता पुलिस और सीबीआई ने मामले की जांच की, लेकिन हमें मालूम है कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई है। इसलिए जिन लोगों ने इस घटना की योजना बनाई थी, उनकी जांच होनी चाहिए।"
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कांग्रेस ने दी प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने अदालत के फैसले पर सवाल किया। उन्होंने कहा, "हमारे देश में लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि कई दुखद घटनाएं घटती हैं और लोग न्यायालय में सुनवाई का इंतजार करते रहते हैं, जिसके कारण उदासीनता छाई रहती है। लेकिन इस मामले में तुरंत जांच की गई और अदालत ने भी बहुत कम समय में अपना फैसला सुनाया। फैसला भी उचित है, इसका स्वागत करना चाहिए। क्या इस फैसले से आरोपियों को कोई संदेश मिलेगा?"
अदालत के फैसले से नाखुश जूनियर डॉक्टर
अदालत के फैसले से नाखुश जूनियर डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, "हम कठोर सजा चाह रहे थे। यह सजा काफी नहीं है। हम आरोपी को कठोर सजा दिलाने के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख करेंगे।"
राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व प्रमुख और राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने अदालत के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि कोलकाता पुलिस द्वारा की गई जांच को सीबीआई के समक्ष पेश किया गया और जांच में कमियों के कारण आरोपी को मौत की सजा नहीं बल्कि उम्रकैद की सजा दी गई। पीड़िता के परिवारवाले और हम सभी इससे दुखी हैं। यह जजों की असंवेदनशीलता ही है कि इतने बड़े मामले को दुर्लभतम मामला नहीं कहा गया।"
बता दें कि सियालदह कोर्ट के जज अनिरबन दास ने कहा कि यह दुर्लभतम मामला नहीं है। अदालत ने संजय रॉय पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने कहा कि पीड़ित परिवार को डॉक्टर की मौत के लिए 10 लाख रुपये मुआवजा और सात लाख रुपये अतिरिक्त दिया जाना चाहिए।
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