SIR: राहुल गांधी का दावा- बिहार के 'मृत' मतदाताओं के साथ पी चाय, इस अनुभव के लिए चुनाव आयोग का कहा शुक्रिया
Bihar SIR Row: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी वोट चोरी के मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं। बुधवार को राहुल गांधी ने बिहार के कुछ ऐसे मतदाताओं से मुलाकात की। जिन्हें मृत बताकर उनके नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। राहुल गांधी ने इस अनुभव के लिए चुनाव आयोग पर तंज भी कसा है।
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'अनोखे अनुभव के लिए चुनाव आयोग को धन्यवाद'
राहुल गांधी ने इस वीडियो साझा करते हुए अपने पोस्ट में लिखा- जीवन में बहुत दिलचस्प अनुभव हुए हैं, लेकिन कभी 'मृत लोगों' के साथ चाय पीने का मौका नहीं मिला था। इस अनोखे अनुभव के लिए, धन्यवाद चुनाव आयोग! राहुल गांधी ने बिहार के सात मतदाताओं के एक समूह ने अपने आवास पर मुलाकात की। इन लोगों ने अपने अनुभव साझा किए कि कैसे चुनाव आयोग ने उन्हें "मृत" घोषित कर दिया और उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए।
जीवन में बहुत दिलचस्प अनुभव हुए हैं,
लेकिन कभी 'मृत लोगों' के साथ चाय पीने का मौका नहीं मिला था।
इस अनोखे अनुभव के लिए, धन्यवाद चुनाव आयोग! pic.twitter.com/Rh9izqIFsD— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 13, 2025
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया चुनाव आयोग सूचना नहीं देना चाहता है क्योंकि अगर सूचना दे देगा तो उसका पूरा ‘गेम’ खत्म हो जाएगा। इस मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता संजय यादव भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि आयोग को बताना चाहिए कि जिन 36 लाख मतदाताओं के स्थानांतरित होने की बात की गई है, वो कौन हैं।
वहीं इसके बाद में एक बयान में, कांग्रेस पार्टी ने कहा कि बिहार के सात मतदाता, जो पूरी तरह जीवित हैं, ने आज राहुल गांधी के साथ चाय पी, जबकि चुनाव आयोग की एसआईआर सूची में उन्हें "मृत" बताया गया था। इन मतदाताओं के नाम राम इकबाल राय, हरेंद्र राय, लालमुनि देवी, वचिया देवी, लालवती देवी, पूनम कुमारी और मुन्ना कुमार, सभी तेजस्वी यादव के निर्वाचन क्षेत्र राघोपुर से हैं। 'एसआईआर के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बावजूद उन्हें मतदाता सूची से हटा दिया गया है।'
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यह कोई लिपिकीय त्रुटि नहीं है- कांग्रेस
कांग्रेस ने कहा, 'चुनाव आयोग ने उन लोगों की सूची सार्वजनिक रूप से प्रकाशित नहीं की है जिन्हें उसने मृत, प्रवासी आदि घोषित किया है। जमीनी स्तर पर हमारी टीमें इन लोगों की पहचान केवल इसलिए कर पाईं क्योंकि वे अनौपचारिक रूप से दो-तीन मतदान केंद्रों की चुनाव आयोग की आंतरिक रिपोर्ट प्राप्त करने में कामयाब रहीं।' इसमें आगे कहा गया है कि ये सात मतदाता निर्वाचन क्षेत्र के दो-तीन मतदान केंद्रों के 'अन्यायपूर्ण' रूप से हटाए गए मतदाताओं का एक छोटा सा हिस्सा हैं। 'यह कोई लिपिकीय त्रुटि नहीं है - यह स्पष्ट रूप से राजनीतिक मताधिकार से वंचित करने का मामला है।' कांग्रेस ने कहा, 'बंगलूरू में 'वोट चोरी' का पर्दाफाश होने के बाद, यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार एसआईआर प्रक्रिया में भी समझौता किया गया है। जब जीवित लोगों को मृत घोषित कर दिया जाता है, तो लोकतंत्र को ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।'