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पनामा पेपर्स लीक: प्रधानमंत्री ने 15 दिन के भीतर मांगी पहली जांच रिपोर्ट

Sat, 09 Apr 2016 11:50 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 09 Apr 2016 11:50 AM IST
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Prime Minister Modi asks for first report on Panama Papers revelations in 15 days
Narendra modi - फोटो : Reuters

पनामा पेपर्स लीक में करीब 500 भारतीयों का नाम आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी जानकारी ली और अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर  पहली जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। खोजी पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय संघ (आईसीआईजे) ने हाल ही में पनामा पेपर्स को लीक किया था जिसमें टैक्स हैवन में पैसा जमा करने वाले भारतीयों के नाम का भी खुलासा भी हुआ था।

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बेल्जियम और सऊदी अरब की पांच दिवसीय विदेश यात्रा से वापस आने के तुरंत बाद ही मोदी ने उच्चाधिकारियों की एक बैठक बुलाई थी जिसमें उन्होंने इस मामले की पूरी जानकारी ली थी। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक एक अधिकारी ने बताया कि मोदी 4 अप्रैल की सुबह करीब 1:30 बजे विदेश यात्रा से भारत लैटे थे। उसी दिन सुबह 7 से 7:30 बजे उच्चाधिकारियों की बैठक भी बुला ली और उन्हें 15 दिनों के भीतर इस मामले की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।
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अधिकारी के मुताबिक इस बैठक में उन्होंने इस मामले की जांच कालाधन पर जांच करने वाली विशेष जांच दल को देने के बजाय किसी समिति को सौंपने पर सहमति जताई थी। उन्होंने बताया कि मोदी पहले इस मामले को पूरी तरह से समझना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश करने की बात कही। उनके दिए निर्देशों पर काम भी शुरू हो चुका है।

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पनामा पेपर्स लीक मामले में जांच समिति का गठन

Prime Minister Modi asks for first report on Panama Papers revelations in 15 days
पनामा पेपर्स - फोटो : ICIJ की वेबसाइट से

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी 4 अप्रैल को ही इस बात की घोषणा कर दी थी कि पनामा पेपर्स लीक मामले में जांच समिति का गठन कर दिया गया है जिसमें विभिन्न एजेंसियों के अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। इस जांच समिति में वित्तीय खुफिया इकाई, विदेशी कर और कर अनुसंधान प्रभाग, केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारियों के एक दल को शामिल किया गया। इस समिति ने 7 अप्रैल को अपनी पहली बैठक की थी।

गौरतलब है कि पनामा पेपर्स में दुनिया के उन रईस लोगों के नाम का खुलासा हुआ है जिन्होंने कर चोरी के लिए टैक्स हैवन में अपने पैसों को जमा कराया। इस काम के लिए उन्होंने मोसाक फोंसेका नामक कंपनी की मदद ली जो करीब 40 साल से ऐसे काम को अंजाम देता आया है।

मोसाक फोंसेका के दस्तावेजों के लीक होने के बाद आईसीआईजे की टीम ने करीब एक साल तक इसकी झानबीन की और फिर दुनिया के तमाम लोगों की सूची जारी कर दी। इसी सूची में भारत के भी कई बड़े उद्योगपतियों, राजनेताओं और उनके संबंधित, कलाकारों और कई अन्य लोगों के नाम भी उजागर हुए। इन दस्तावेजों में करीब 500 भारतीयों के नाम शामिल हैं।

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