फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Preparations to sell Remedisvir drug successful in treatment of corona in India

कोरोना वायरस से लड़ने में भारत की मदद करेगी यह दवा, बेचने की हो रही तैयारी

Fri, 22 May 2020 05:26 AM IST
श्रीधर मिश्रा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Fri, 22 May 2020 05:26 AM IST
विज्ञापन
Preparations to sell Remedisvir drug successful in treatment of corona in India
फाइल फोटो - फोटो : PTI
दिग्गज अमेरिकी दवा कंपनी गिलयिड साइंसेज ने अपनी एंटी वायरल दवा रेमडेसिवीर को भारत में बेचने की इजाजत मांगी है। रेमडेसिवीर दवा को चिकित्सकीय परीक्षणों में कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में बेहद प्रभावी माना जा चुका है। इस दवा की मांग दुनिया के सभी देशों में हो रही है। गिलियड साइंसेज ने जल्द ही भारत के केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के पास आवेदन करने की तैयारी कर ली है।
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक गिलियड साइंसेज के अधिकारियों ने बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) के साथ एक चर्चा की है। इस चर्चा का मकसद रेमडेसिवीर को भारत में बेचने का रोडमैप तैयार करना था। इस दौरान मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "अमेरिका स्थित कंपनी अपनी रेमडेसिवीर दवा को भारत में बेचने की अनुमति के लिए आवेदन करने को आतुर है। उन्हें देश में एक नई दवा को मंजूरी देने के लिए आवश्यक विनियामक प्रक्रियाओं की जानकारी दे दी गई है और सभी सुविधाएं देने का आश्वासन भी दिया गया है।" अधिकारी ने आगे कहा, "कंपनी के प्रतिनिधियों ने इस बारे में अपने प्रबंधक बोर्ड से बात करने के बाद दोबारा आने की बात कही है।"
विज्ञापन

सूत्रों का कहना है कि रेमडेसिवीर को लेकर हाल ही में भारत के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) की अध्यक्षता वाले संयुक्त निगरानी समूह (तकनीकी समिति) की हालिया बैठक में भी चर्चा हो चुकी है। लेकिन उस समय इस दवा से जुड़े पर्याप्त वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं होने के चलते इसका उपयोग कोरोना पीड़ितों के लिए करने की छूट नहीं दी गई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह दवा उन चार ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल में से एक है, जिनका चिकित्सकीय ट्रायल डब्ल्यूएचओ के एकजुटता परीक्षण के तहत कई देशों में चल रहा है। भारत को भी इस परीक्षण के तहत 1000 खुराक मिली थीं, जिनका प्रयोग विभिन्न राज्यों में मरीजों पर जारी है। सूत्रों ने कहा कि इस दवा को भारतीय राष्ट्रीय ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल में शामिल करने से पहले इन देशों से आने वाले परिणामों का इंतजार किया जा रहा है।

यूएसएफडीए दे चुका है ईयूए के तहत मंजूरी

कोरोना मरीजों के इलाज में रेमडेसिवीर दवा को इस्तेमाल करने के लिए यूनाइटेड स्टेट्स फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) से मंजूरी मिल चुकी है। यूएसएफडीए ने कंपनी को यह मंजूरी इमरजेंसी यूज ऑथराइजेशन (ईयूए) के तहत दी है। यूएसएफडीए की मंजूरी के आधार पर जापान ने भी कंपनी को नियामकीय मंजूरी दे दी है। भारतीय सूत्रों का कहना है कि यूएसएफडीए की मंजूरी के आधार पर हम भी कंपनी को नए दवा और चिकित्सकीय परीक्षण नियम-2019 के तहत खास परिस्थितियों में चिकित्सकीय परीक्षण के बिना दवा की बिक्री चालू कराने की छूट दे सकते हैं।


क्या है रेमडेसिवीर दवा और कैसे करती है काम

एक अन्य संक्रामक बीमारी इबोला के इलाज के लिए रेमडेसिवीर को तैयार किया गया था। यह एक न्यूक्लियोसाइड राइबोन्यूक्लिक एसिड (आरएनए) पोलीमरेज इनहेबिटर सॉलिड इंजेक्शन है, जिसे जीवाणुरहित पानी और खारे पानी में मिलाकर खुराक तैयार की जाती है। रेमडेसिवीर दवा सीधे वायरस पर हमला करती है। यह न्यूक्लियोटाइड एनालॉग की तरह आरएनए और डीएनए के चार बिल्डिंग ब्लॉक्स में से एक एडेनोसिन को हटाकर खुद को चुपके से वायरस के जीनोम में शामिल कर लेती है और फिर उसकी संचालन प्रक्रिया में शार्ट सर्किट से उसे नष्ट कर देती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed