फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pathankot internal security restructuring began after the attacks

पठानकोट आतंकी हमले के बाद आंतरिक सुरक्षा ढांचे में बदलाव शुरू

Thu, 07 Apr 2016 08:09 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 07 Apr 2016 08:09 AM IST
विज्ञापन
Pathankot internal security restructuring began after the attacks
पठान कोट हमला - फोटो : PTI

 पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने आंतरिक सुरक्षा को धार देना शुरू कर दिया है। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता केएस धतवालिया का भी कहना है कि सरकार आंतरिक सुरक्षा को लेकर संवेदनशील है। इस दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं।

विज्ञापन


सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सीमा पर घुसपैठ को रोकने, विश्वसनीय और समय पर खुफिया सूचना, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए नए मानक (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर, एसओपी), सुरक्षा बलों, अर्ध सैनिक बलों में तालमेल समेत तमाम पहलुओं को पुख्ता किया जा रहा है। सैन्य खुफिया इकाई, आईबी, रॉ, अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस समेत अन्य में तालमेल बढ़ाने, सूचनाओं के विश्लेषण के लिए यूनिट और प्रशिक्षण को धार देने तथा सुरक्षा बलों की मुस्तैदी को लेकर समुचित व्यवस्था बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
विज्ञापन

इस क्रम में सरकार एजेंसियों में रिक्तियों पर भी विशेष ध्यान देने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार आंतरिक सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार के लगातार संपर्क में है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह और गृह सचिव राजीव महर्षि लगातार इस बाबत सक्रिय हैं। केंद्र सरकार इस क्रम में आंतरिक सुरक्षा पर होने वाले आंतरिक सुरक्षा सम्मेलन को लेकर भी संवेदनशील है। इसमें राज्यों से सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखकर विशेष ध्यान देने के लिए कहा जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है

Pathankot internal security restructuring began after the attacks
पठानकोट हमला - फोटो : Reuters

इसी क्रम में पूर्व गृह सचिव मधुकर गुप्ता की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है। इसमें गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा विभाग से हाल में अवकाश प्राप्त किए अशोक प्रसाद, मंत्रालय के सुरक्षा मामलों के सलाहकार और सीआरपीएफ के पूर्व महानिदेशक एस विजय कुमार, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी तथा आईडीएसए के महानिदेशक अरविंद गुप्ता को शामिल किया गया है।

इसके अलावा आईआईटी दिल्ली और रुड़की के निदेशक भी समिति के सदस्य हैं। ताकि सीमा की सुरक्षा के बाबत तकनीकी सहयोग भी मिल सके। बताते हैं यह टीम भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए मौजूदा इंतजाम को केंद्र में रखकर संभावित तैयारियों, तकनीकी जरूरतों, अत्याधुनिक बाड़ अथवा अन्य इंतजाम पर भी गौर करेगी। इसे यह भी सुझाव देने हैं कि घुसपैठ जैसे प्रयासों को रोकने के लिए कौन-कौन, किस तरह और स्तर के प्रयासों की जरूरत है तथा इसके लिए कौन सा मॉडल अपनाया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed