राजनाथ ने पाक को चेताया, 'पहले की फायरिंग तो नहीं गिनेंगे गोलियां'
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पांपोर में हुए आतंकवादी हमले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति भेजी जाएगी। यह समिति हमले से निपटने में हुई चूक का पता लगाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। इसके लिए गृह सचिव को निर्देश दे दिए गए हैं। शनिवार को सीआरपीएफ की बस पर हुए हमले में आठ जवान शहीद हो गए थे।
राजनाथ ने पाक को चेतावनी देते हुए कहा कि हम पहले फायरिंग नहीं करेंगे। लेकिन अगर पाकिस्तान फायरिंग करता है तो हम जवाब में अपनी गोलियां नहीं गिनेंगे।
'जवानों के हौसले की सराहना'
इससे पहले, रविवार को फतेहगढ़ साहिब में बाबा बंदा सिंह बहादुर के 300वें शहीदी समारोह को संबोधित करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि पड़ोसी देश भारत को अस्थिर करने का प्रयास कर रहा है। आतंकियों ने भारतीय जवानों पर छल से हमला किया लेकिन दो आतंकियों को ढेर करना बड़ी कामयाबी है। देश जवानों के हौसले की सराहना करता है।
राजनाथ ने कहा कि जब भी वह इतिहास के पन्नों को पलट कर देखते हैं तो खालसा ही एक ऐसा पंथ देखने को मिलता है जिसने भारतीय सभ्यता और संस्कृति की सुरक्षा के लिए एक कवच के तौर पर काम किया। उन्होंने कहा कि इतिहासकारों ने बाबा बंदा सिंह की वीरगाथा, धर्म के लिए लड़ाई और मजलूमों को उनका हक दिलवाने को उजागर नहीं किया। उनकी शहादत को रहती दुनिया तक याद रखा जाए, इसलिए हमें सराहनीय प्रयास करने होंगे।
समारोह में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, केंद्रीय राज्य मंत्री विजय सांपला भी मौजूद थे।
Published By Rohit Kumar Porwal