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मुर्शिदाबाद हिंसा: वक्फ कानून को लेकर हुए बवाल के बाद सामान्य हो रहे हालात, खुली दुकानें, वापस लौट रहे परिवार
Mon, 14 Apr 2025 02:20 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: बशु जैन
Updated Mon, 14 Apr 2025 02:20 PM IST
सार
शुक्रवार को वक्फ कानून के विरोध में बंगाल के विभिन्न हिस्सों में हिंसा हुई थी। सबसे ज्यादा प्रभावित मुर्शिदाबाद हुआ था। यहां हिंसा भड़कने के कारण पुलिस वैन समेत कई वाहनों में आग लगा दी गई। तीन लोगों की मौत हो गई थी। अब यहां हालात सामान्य हो रहे हैं।
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मुर्शिदाबाद में हिंसा (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद अब हालात सामान्य हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि दुकानें खुलने लगी हैं। साथ ही बवाल के चलते शहर छोड़कर गए परिवार अब वापस लौट रहे हैं। बीते शुक्रवार को मुर्शिदाबाद के सुती, धुलियान, समसेरगंज और जंगीपुर इलाकों में भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी।
मुर्शिदाबाद में सुबह पुलिस ने सार्वजनिक घोषणाएं कीं। इसमें दुकानदारों से कारोबार फिर से शुरू करने और लोगों से सामान्य जीवन में लौटने की अपील की गई। अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) जावेद शमीम ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
उन्होंने कहा कि दुकानें खुलनी शुरू हो गई हैं और लोग वापस लौट रहे हैं। अब तक 19 परिवार अपने घर लौट चुके हैं। मालदा और मुर्शिदाबाद दोनों जिला प्रशासन भागे हुए लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। पुलिस की पहली प्राथमिकता मुर्शिदाबाद में पूर्ण सामान्य स्थिति बहाल करना है और हमें विश्वास है कि यह काम जल्द ही पूरा हो जाएगा।
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ये भी पढ़ें: हिंसा के बाद हिंदुओं के पलायन के दावों से लेकर राष्ट्रपति शासन की मांग तक, बंगाल में क्या चल रहा?
अब तक 210 गिरफ्तारियां हुईं
अतिरिक्त महानिदेशक जावेद शमीम ने कहा कि हिंसा के मामले में अब तक 210 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और जानकारी की पुष्टि करें। अगर हमें शांति बनाए रखनी है तो अफवाह फैलाना बंद करना होगा।
पिता-पुत्र की हत्या की होगी अलग से जांच
पिता और पुत्र की हत्या का जिक्र करते हुए शमीम ने कहा कि एक अलग मामला दर्ज किया जाएगा और इसमें शामिल सभी लोगों - अपराधियों और तमाशबीनों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपियों की सटीक पहचान करने में समय लगेगा, लेकिन किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
ये भी पढ़ें: मुर्शिदाबाद हिंसा पर BSF का बयान- हालात अब बेहतर, लेकिन हमला गंभीर था; कांग्रेस-भाजपा का ममता पर हमला जारी
तीन लोगों की हुई थी मौत
शुक्रवार को वक्फ कानून के विरोध में बंगाल के विभिन्न हिस्सों में हिंसा हुई थी। सबसे ज्यादा प्रभावित मुर्शिदाबाद हुआ था। यहां हिंसा भड़कने के कारण पुलिस वैन समेत कई वाहनों में आग लगा दी गई। सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके गए। सड़कें जाम कर दी गईं। शनिवार को भी कुछ जगहों पर हिंसा भड़कने की खबरें आईं।
हिंसा के बीच शनिवार को समसेरगंज के जाफराबाद में एक व्यक्ति और उसके बेटे के शव उनके घर से बरामद किए गए, जिन पर चाकू से कई वार किए गए थे। उनकी पहचान हरगोबिंदो दास और चंदन दास के रूप में हुई है। एक अन्य की मौत गोली लगने से हुई। मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुर्शिदाबाद जिले में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती का आदेश दिया था।
संबंधित वीडियो
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मुर्शिदाबाद में सुबह पुलिस ने सार्वजनिक घोषणाएं कीं। इसमें दुकानदारों से कारोबार फिर से शुरू करने और लोगों से सामान्य जीवन में लौटने की अपील की गई। अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) जावेद शमीम ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
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उन्होंने कहा कि दुकानें खुलनी शुरू हो गई हैं और लोग वापस लौट रहे हैं। अब तक 19 परिवार अपने घर लौट चुके हैं। मालदा और मुर्शिदाबाद दोनों जिला प्रशासन भागे हुए लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। पुलिस की पहली प्राथमिकता मुर्शिदाबाद में पूर्ण सामान्य स्थिति बहाल करना है और हमें विश्वास है कि यह काम जल्द ही पूरा हो जाएगा।
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अब तक 210 गिरफ्तारियां हुईं
अतिरिक्त महानिदेशक जावेद शमीम ने कहा कि हिंसा के मामले में अब तक 210 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और जानकारी की पुष्टि करें। अगर हमें शांति बनाए रखनी है तो अफवाह फैलाना बंद करना होगा।
पिता-पुत्र की हत्या की होगी अलग से जांच
पिता और पुत्र की हत्या का जिक्र करते हुए शमीम ने कहा कि एक अलग मामला दर्ज किया जाएगा और इसमें शामिल सभी लोगों - अपराधियों और तमाशबीनों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपियों की सटीक पहचान करने में समय लगेगा, लेकिन किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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तीन लोगों की हुई थी मौत
शुक्रवार को वक्फ कानून के विरोध में बंगाल के विभिन्न हिस्सों में हिंसा हुई थी। सबसे ज्यादा प्रभावित मुर्शिदाबाद हुआ था। यहां हिंसा भड़कने के कारण पुलिस वैन समेत कई वाहनों में आग लगा दी गई। सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके गए। सड़कें जाम कर दी गईं। शनिवार को भी कुछ जगहों पर हिंसा भड़कने की खबरें आईं।
हिंसा के बीच शनिवार को समसेरगंज के जाफराबाद में एक व्यक्ति और उसके बेटे के शव उनके घर से बरामद किए गए, जिन पर चाकू से कई वार किए गए थे। उनकी पहचान हरगोबिंदो दास और चंदन दास के रूप में हुई है। एक अन्य की मौत गोली लगने से हुई। मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुर्शिदाबाद जिले में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती का आदेश दिया था।
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