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West Bengal: हिंसा के बाद हिंदुओं के पलायन के दावों से लेकर राष्ट्रपति शासन की मांग तक, बंगाल में क्या चल रहा?

Mon, 14 Apr 2025 11:47 AM IST
अभिषेक दीक्षित अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, कोलकाता Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 14 Apr 2025 11:47 AM IST
सार

पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून के खिलाफ हुईं हिंसक घटनाओं के हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। सोमवार को मुर्शिदाबाद जिले के हिंसा प्रभावित इलाकों, मुख्य रूप से सुती, समसेरगंज, धुलियान और जंगीपुर में स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में रही। हिंसा प्रभावित इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। प्रभावित इलाकों में इंटरनेट बंद है। सुरक्षा बल मुख्य सड़कों पर वाहनों की जांच कर रहे हैं।

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West Bengal Murshidabad Violence: From exodus of Hindus to demand for President rule Know all about it
बंगाल में हिंसा - फोटो : PTI
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पश्चिम बंगाल के हिंसाग्रस्त मुर्शिदाबाद जिले में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रभावित इलाकों में 1,600 जवानों को तैनात किया गया है। वहीं, जिले के धूलियान से 500 से अधिक हिंदुओं ने पलायन कर मालदा में शरण ली है। हिंसा प्रभावित लोगों ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की है। हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान तीन लोगों की मौत के सिलसिले में 12 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

वक्फ कानून के विरोध में शनिवार को मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना, हुगली और मालदा जिलों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है। हिंसा की कोई नई घटना सामने नहीं आई है। जिले के सुती, धूलियान, शमशेरगंज और जंगीपुर इलाकों में सड़कें सुनसान व दुकानें बंद रहीं। धूलियान से पलायन करने वाले हिंदुओं ने नदी पार मालदा के लालपुर हाईस्कूल, देवनापुर-सोवापुर जीपी, बैष्णबनगर में शरण ली है।

लोगों ने कहा, उनके घरों में आग लगा दी गई। महिलाओं से अभद्रता की, घर खाली करने की धमकी देते हुए परिवार के पुरुष सदस्यों को पीटा गया। एक फार्मेसी संचालक ने बताया, उन्होंने 50 साल में ऐसी हिंसा नहीं देखी। इस बीच बीएसएफ के डीआईजी नीलोत्पल कुमार पांडे ने कहा, मुर्शिदाबाद में स्थिति तनावपूर्ण, पर नियंत्रण में है। सुती व शमशेरगंज में 9 कंपनियां तैनात की गई हैं।



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बंंगाल में हिंसा - फोटो : PTI

फरक्का तक पहुंची हिंसा...
शमशेरगंज के बाद अब पड़ोसी क्षेत्र फरक्का में भी सांप्रदायिक तनाव फैल गया। रविवार को वक्फ कानून के विरोध में महादेव नगर में बमबाजी हुई। जवाब में दूसरा पक्ष हथियारों के साथ जमा हाे गया। बड़ी संख्या में पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रण में की। वहीं, हिंसा के बाद शमशेरगंज थाना प्रभारी को हटा दिया गया है।

निषेधाज्ञा जारी गश्त और छापे

  • पुलिस महानिदेशक ने बताया, हिंसाग्रस्त इलाकों में सुरक्षाबलों की कुल 21 कंपनियां तैनात की गई हैं।
  • हिंसा प्रभावित इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
  • पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बल धूलियान, शमशेरगंज व सुती के संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रहे हैं। छापे मारकर अब तक 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।


असम में भी पुलिस पर पथराव
असम के सिलचर शहर के बेरेंगा इलाके में भी नए वक्फ कानून के विरोध में 300-400 लोगों ने सड़क जाम कर दी। पुलिस रास्ता खाली कराने गई, तो प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।

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बंंगाल में हिंसा के बाद पलायन - फोटो : PTI

कांग्रेस बोली-दंगे वहीं होते हैं, जहां सरकार चाहती है

हम जानते हैं कि भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करेगी। प. बंगाल की सीएम नाटक कर रही हैं। वह धर्मनिरपेक्ष होने का दिखावा करती हैं...मेरा मानना है कि दंगे वहीं होते हैं, जहां सरकार चाहती है। 
-अधीररंजन चौधरी, कांग्रेस नेता


राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग
मुर्शिदाबाद जिले में हिंसा के कारण पलायन करने वाले लोगों ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। वहीं, पुरुलिया के भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख राज्य के चार जिलों को सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम (अफ्स्पा) के तहत अशांत क्षेत्र घोषित करने की मांग की है।

'टीएमसी की तुष्टीकरण की राजनीति ने कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा दिया'
उधर, राज्य विस में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हिंसा के बाद धुलियान से 500 से अधिक हिंदू धार्मिक कट्टरपंथियों के डर से नदी पार कर अन्य स्थान पर शरण लेने के लिए मजबूर हुए। बंगाल में धार्मिक उत्पीड़न जारी है। शुभेंदु ने कहा कि टीएमसी की तुष्टीकरण की राजनीति ने कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा दिया है। हिंदुओं का शिकार किया जा रहा है। 

'बीएसएफ की मौजूदगी हमेशा बनी रहनी चाहिए'
पलायन करने वाले मनोज घोष ने कहा कि उपद्रवियों ने दुकानें जला दीं और घरों में तोड़फोड़ की। यहां शांति के लिए राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए। बीएसएफ की मौजूदगी हमेशा बनी रहनी चाहिए। एक स्थानीय विक्रेता ने कहा कि हर जगह अराजकता और गुंडागर्दी है। हमें सुरक्षा चाहिए।

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बंंगाल में हिंसा के बाद पलायन - फोटो : PTI

भाजपा के निशाने पर आए तृणमूल सांसद यूसुफ पठान
इस बीच तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर को लेकर भाजपा के निशाने पर आ गए। पठान ने दो दिन पहले इंस्टाग्राम पर तीन तस्वीरें साझा की थीं, जिनमें वह चाय पीते और शांत वातावरण का आनंद लेते नजर आए। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, तृणमूल सांसद यूसुफ पठान चाय की चुस्कियों में लीन हैं, जबकि हिंदुओं की हत्या हो रही है। यही है तृणमूल का असली चेहरा।

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बंंगाल में हिंसा को लेकर भाजपा हमलावर - फोटो : PTI

बंगाल में जान बचाने के लिए पलायन कर रहे हिंदू : मजूमदार
पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद बंगाल के हिंदू अपनी ही जमीन छोड़कर पलायन करने के लिए मजबूर हैं। 400 से अधिक लोग मुर्शिदाबाद के कई इलाकों से रात में पलायन करने को मजबूर हुए। मजूमदार ने कहा कि मुर्शिदाबाद में हिंसा के पीछे परोक्ष रूप से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की शह है।

टीएमसी के लोग हिंदुओं को धमका रहे हैं। अगर बंगाल में वक्फ संशोधन कानून लागू नहीं हो रहा है तो फिर यह हिंसा कैसे हुई। ममता की तुष्टीकरण की राजनीति ने कट्टरपंथी तत्वों को बढ़ावा दिया है। राज्य बांग्लादेश बनने की राह पर चल पड़ा है।

'सीएम की हिम्मत नहीं कि बिल को रोक दें...'
मजूमदार ने कहा कि सीएम ममता की हिम्मत नहीं है कि वह वक्फ कानून को रोक दें। संविधान उनको अधिकार नहीं देता। अगर वह कह रही हैं कि यहां पर लागू नहीं होगा तो फिर दंगा क्यों हो रहा है। इसका मतलब है कि ममता दंगा करवा रही हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, जिस तरह के हालात इस समय मुर्शिदाबाद में हैं, उस पर केवल इतना कहना चाहता हूं कि राज्य सरकार केंद्रीय बलों के काम में बाधा नहीं पहुंचाए। ऐसे दंगाइयों को देखते ही गोली मारने का आदेश मिले।

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