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मध्यप्रदेश: जिंदा नहीं बचा बोरवेल में गिरा चार साल का प्रहलाद, 90 घंटे बाद निकाला गया था
Fri, 10 Dec 2021 11:34 AM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 10 Dec 2021 11:34 AM IST
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- फोटो : ANI
मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले के सेतपुरा गांव में बोरवेल में गिरे चार साल के प्रहलाद को 90 घंटे बाद निकाल तो लिया गया, लेकिन वह जिंदा नहीं बचा। बोरवेल से निकालने के बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निवाड़ी ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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निवाड़ी की एसडीएम वंदना राजपूत ने बताया कि 'प्रहलाद को बोरवेल से बाहर निकालकर इलाज हेतु स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, जांच के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया है।' रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद उसका शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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90 घंटे चला रेस्क्यू अभियान
बोरवेल में फंसे प्रहलाद को बचाने के लिए 90 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था। शनिवार रात करीब 11 बजे एनडीआरएफ की टीम ने खुदाई रोक दी थी। इसके बाद देर रात झांसी से एक्सपर्ट की टीम आई, जिन्होंने मैग्नेटिक अलाइनमेंट के जरिए सुरंग की दिशा तय की। इसके बाद दोबारा खुदाई शुरू की गई और तड़के तीन बजे बच्चे को निकाला गया। उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
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बुधवार शाम से ही हलचल नहीं थी
कलेक्टर आशीष भार्गव ने बताया कि बुधवार शाम से ही बालक की कोई हलचल नहीं थी। वह बुधवार सुबह करीब नौ बजे 200 फीट गहरे बोरवेल में गिरा था और 59 फीट नीचे फंस गया था। उसे निकालने के लिए सेना व अन्य एजेंसियों की मदद से बड़ा अभियान चलाया गया, लेकिन उसे जीवित नहीं निकाला जा सका।
शिवराज ने जताया दुख, पांच लाख मुआवजा, नया बोरवेल भी
मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा 'मुझे अत्यंत दुख है कि निवाड़ी के सैतपुरा गांव में अपने खेत के बोरवेल में गिरे मासूम प्रहलाद को 90 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी बचा नहीं पाए। दुख की इस घड़ी में मैं व पूरा प्रदेश प्रहलाद के परिवार के साथ खड़ा है और मासूम बेटे की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहा है। सरकार प्रहलाद के परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा देगी और उनके खेत में नया बोरवेल भी किया जाएगा।'
