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मौसम की मार: असम से जम्मू-कश्मीर तक हाहाकार, देश भर में 43 से ज्यादा मौतें, क्या है आपके शहर का हाल?
Mon, 20 Jul 2026 09:03 AM IST
राकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 20 Jul 2026 09:03 AM IST
सार
देश के बड़े हिस्से में मानसून आफत बनकर बरसा है, जहां बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन से 43 से अधिक लोगों ने जान गंवाई है। जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा रोक दी गई है, जबकि असम में 57 हजार से अधिक लोग सेना और वायुसेना की मदद के भरोसे सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं।
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कई राज्यों में मौसम की मार
- फोटो : एएनआई
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देश के उत्तरी, पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसून के रौद्र रूप ने भारी तबाही मचाई है। मूसलाधार बारिश, अचानक आई बाढ़ और भीषण भूस्खलन के कारण अलग-अलग राज्यों में कम से कम 43 लोगों की मौत हो चुकी है। असम से लेकर जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड तक हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले एक हफ्ते तक मानसून की यह आक्रामक स्थिति बरकरार रहने वाली है।
देश भर में मौसम का कहर
- फोटो : PTI
देशभर में मौसम की मार से जुड़ी बड़ी बातें
बादल फटने से मौतें: जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी में बादल फटने के कारण 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 8 लोग अब भी लापता हैं।
वाहन बहे: राजौरी की सुखतो नदी में आई अचानक बाढ़ में न्यू बस अड्डे के पास खड़े दर्जनों वाहन ताश के पत्तों की तरह बह गए।
यात्राएं स्थगित: खराब मौसम के चलते अमरनाथ यात्रा के बाद अब माता वैष्णो देवी और शिवखोड़ी की यात्राएं भी अगले आदेश तक रोक दी गई हैं।
उत्तराखंड में अलर्ट: हरिद्वार में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हुई है। राज्य के देहरादून और ऋषिकेश सहित 10 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
सड़कें बंद: उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 84 सड़कें पूरी तरह बंद हैं।
दिल्ली-एनसीआर को राहत: दिल्ली और आसपास के इलाकों में भीषण उमस के बाद आज मध्यम बारिश का अनुमान है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।
बादल फटने से मौतें: जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी में बादल फटने के कारण 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 8 लोग अब भी लापता हैं।
वाहन बहे: राजौरी की सुखतो नदी में आई अचानक बाढ़ में न्यू बस अड्डे के पास खड़े दर्जनों वाहन ताश के पत्तों की तरह बह गए।
यात्राएं स्थगित: खराब मौसम के चलते अमरनाथ यात्रा के बाद अब माता वैष्णो देवी और शिवखोड़ी की यात्राएं भी अगले आदेश तक रोक दी गई हैं।
उत्तराखंड में अलर्ट: हरिद्वार में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हुई है। राज्य के देहरादून और ऋषिकेश सहित 10 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
सड़कें बंद: उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 84 सड़कें पूरी तरह बंद हैं।
दिल्ली-एनसीआर को राहत: दिल्ली और आसपास के इलाकों में भीषण उमस के बाद आज मध्यम बारिश का अनुमान है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।
देश भर में मौसम का कहर
- फोटो : PTI
नगालैंड में बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान
पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड के माने में अचानक आई बाढ़ में कई घर बह गए और कई लोग मलबे के नीचे दब गए। हादसे में आठ लोगों की मौत हुई है। मोन शहर में भारी बारिश के बाद बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और भूस्खलन के कारण मुख्य रास्ते बंद हो गए हैं। नगालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, निचले इलाकों में जलभराव हो गया है व पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन से यातायात ठप है। आशंका जताई गई है कि मलबे में दबे लोगों के कारण मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
यह भी पढ़ें: Top News: स्पेन ने विश्व कप जीता; आज से संसद का मानसून सत्र, पुलिस अलर्ट; चढ़ावा चोरी पर SC में स्टेटस रिपोर्ट
पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड के माने में अचानक आई बाढ़ में कई घर बह गए और कई लोग मलबे के नीचे दब गए। हादसे में आठ लोगों की मौत हुई है। मोन शहर में भारी बारिश के बाद बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है और भूस्खलन के कारण मुख्य रास्ते बंद हो गए हैं। नगालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, निचले इलाकों में जलभराव हो गया है व पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन से यातायात ठप है। आशंका जताई गई है कि मलबे में दबे लोगों के कारण मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
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देश भर में मौसम का कहर
- फोटो : PTI
वैष्णो देवी व शिवखोड़ी यात्राएं भी टलीं
भारी बारिश व खराब मौसम के चलते श्रीअमरनाथ यात्रा के बाद माता वैष्णो देवी व शिवखोड़ी की यात्राएं भी अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं। प्रशासन ने पहलगाम और बालटाल मार्गों से होने वाली अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी है।
असम में बाढ़ से हाहाकार
असम में बाढ़ की स्थिति हर घंटे बिगड़ती जा रही है। राज्य के सात प्रमुख जिलों में इस समय 57,000 से अधिक लोग बाढ़ के पानी के बीच घिरे हुए हैं। शिवसागर जिले में एक और व्यक्ति की मौत होने के साथ ही इस साल राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। हालात इतने गंभीर हैं कि प्रशासन को सेना और वायुसेना को स्टैंडबाय पर रखना पड़ा है। चराइदेव जिला 24,000 प्रभावित लोगों के साथ सबसे बुरी स्थिति में है, जबकि धेमाजी में 22,000 लोग बेहाल हैं। कुल 298 गांव पानी में डूबे हैं और बुरिदिहिंग नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
भारी बारिश व खराब मौसम के चलते श्रीअमरनाथ यात्रा के बाद माता वैष्णो देवी व शिवखोड़ी की यात्राएं भी अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं। प्रशासन ने पहलगाम और बालटाल मार्गों से होने वाली अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी है।
असम में बाढ़ से हाहाकार
असम में बाढ़ की स्थिति हर घंटे बिगड़ती जा रही है। राज्य के सात प्रमुख जिलों में इस समय 57,000 से अधिक लोग बाढ़ के पानी के बीच घिरे हुए हैं। शिवसागर जिले में एक और व्यक्ति की मौत होने के साथ ही इस साल राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। हालात इतने गंभीर हैं कि प्रशासन को सेना और वायुसेना को स्टैंडबाय पर रखना पड़ा है। चराइदेव जिला 24,000 प्रभावित लोगों के साथ सबसे बुरी स्थिति में है, जबकि धेमाजी में 22,000 लोग बेहाल हैं। कुल 298 गांव पानी में डूबे हैं और बुरिदिहिंग नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।