फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Manipur President Rule Amit Shah proposal passed in Rajya Sabha extended for another six months

Manipur President Rule: राज्यसभा में अमित शाह का प्रस्ताव पास, मणिपुर में राष्ट्रपति शासन छह महीने और बढ़ा

Fri, 25 Jul 2025 01:29 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु चंदेल Updated Fri, 25 Jul 2025 01:29 PM IST
सार

गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्ताव के तहत राज्यसभा से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। यह विस्तार 13 अगस्त 2025 से प्रभावी होगा। मणिपुर में यह कदम मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे और राजनीतिक अस्थिरता के कारण उठाया गया था। अनुच्छेद 356 के तहत यह दूसरी बार राष्ट्रपति शासन को बढ़ाया गया है।


 

विज्ञापन
Manipur President Rule Amit Shah proposal passed in Rajya Sabha extended for another six months
मणिपुर में तैनात सुरक्षा बल - फोटो : ANI

विस्तार

मणिपुर में जारी राजनीतिक अस्थिरता के बीच केंद्र सरकार ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की अवधि को छह महीने के लिए बढ़ा दिया है। यह विस्तार 13 अगस्त 2025 से प्रभावी होगा। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा प्रस्तुत सांविधिक प्रस्ताव को राज्यसभा में स्वीकार कर लिया गया है।
विज्ञापन


राज्यसभा में प्रस्तुत प्रस्ताव में कहा गया है कि यह सदन मणिपुर राज्य के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति द्वारा 13 फरवरी 2025 को जारी की गई उद्घोषणा को 13 अगस्त 2025 से छह महीने की अवधि तक जारी रखने को मंजूरी देता है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के साथ ही मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की दूसरी अवधि औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन


कितनी बार बढ़ सकता है राष्ट्रपति शासन?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356(3) के अनुसार, राष्ट्रपति शासन छह-छह महीने की अवधि में अधिकतम तीन वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए हर छह महीने में संसद की मंजूरी आवश्यक होती है। मणिपुर में यह पहला विस्तार है, जिससे संकेत मिलता है कि राज्य में राजनीतिक स्थिरता अभी भी बहाल नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे लागू हुआ था राष्ट्रपति शासन
मणिपुर में 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लगाया गया था, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने 9 फरवरी को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद कोई वैकल्पिक सरकार नहीं बन पाई, जिसके कारण राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़ा।

ये भी पढ़ें- ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सरकार का संसद में पहला बयान, कहा- यह पाकिस्तानी आतंकी हमले का जवाब था


राज्य में लंबे समय से जारी है अशांति
पिछले एक वर्ष से मणिपुर जातीय संघर्ष और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है। कई बार सरकार गठन को लेकर चर्चाएं हुईं, लेकिन किसी भी पार्टी या गठबंधन को बहुमत हासिल नहीं हो पाया। राज्य की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार बार-बार शांति बहाली और प्रशासनिक स्थिरता की दिशा में प्रयास कर रही है।

ये भी पढ़ें- मस्कट से मुंबई की उड़ान में जन्मा बच्चा, एअर इंडिया एक्सप्रेस नवजात के लिए बना जीवन रेखा

केंद्र की भूमिका और आगे की राह
केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि जब तक मणिपुर में स्थायी और लोकतांत्रिक सरकार नहीं बनती, तब तक राष्ट्रपति शासन जारी रहेगा। गृह मंत्रालय लगातार राज्य के हालात की निगरानी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले महीनों में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भी मणिपुर का दौरा कर सकता है ताकि आम जनता की राय ली जा सके और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed