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Delivery In Flight: मस्कट से मुंबई की उड़ान में जन्मा बच्चा, एअर इंडिया एक्सप्रेस नवजात के लिए बना जीवन रेखा
Fri, 25 Jul 2025 11:28 AM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Fri, 25 Jul 2025 11:28 AM IST
सार
मस्कट से मुंबई आ रही एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया। कैबिन क्रू और एक यात्री नर्स की मदद से सुरक्षित प्रसव कराया गया। पायलटों ने तुरंत मुंबई एटीसी से संपर्क कर प्रायोरिटी लैंडिंग कराई। मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट के क्रू मेंबर्स
- फोटो : PTI
विस्तार
एअर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान में उस वक्त एक भावुक और अद्भुत क्षण सामने आया, जब मस्कट से मुंबई आ रही फ्लाइट में एक महिला यात्री ने बच्चे को जन्म दिया। यह घटना फ्लाइट में मौजूद यात्रियों और क्रू मेंबर्स के लिए बेहद खास बन गई, क्योंकि यह बच्चा हवा में, 30,000 फीट की ऊंचाई पर जन्मा।
जैसे ही थाईलैंड की एक महिला यात्री को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, कैबिन क्रू ने तुरंत अपनी ट्रेनिंग के अनुसार स्थिति को संभाला। फ्लाइट में मौजूद एक नर्स ने भी महिला की सहायता की। पेशेवर तरीके से काम करते हुए क्रू ने न केवल सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया, बल्कि महिला को भावनात्मक सहयोग भी दिया। फ्लाइट के अंदर जन्मे बच्चे और मां को तुरंत देखभाल मिल सकी।
एटीसी को अलर्ट कर प्राथमिक लैंडिंग की गई सुनिश्चित
पायलटों ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचना दी और मुंबई एयरपोर्ट पर प्राथमिक लैंडिंग की अनुमति मांगी। जैसे ही विमान ने लैंड किया, पहले से तैनात मेडिकल टीम और एम्बुलेंस ने मां और नवजात को पास के अस्पताल में भर्ती कराया। एयरलाइन की एक महिला कर्मचारी उनके साथ गई ताकि उन्हें हर संभव मदद मिल सके।
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ये भी पढ़ें- आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में परिसीमन नहीं होगा, सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज
प्रशिक्षण और टीमवर्क ने बचाई जान
एअर इंडिया एक्सप्रेस ने इस घटना को संकट में सेवा का प्रतीक बताया। क्रू की सूझबूझ, ट्रेनिंग और इंसानियत ने मिलकर एक संभावित आपात स्थिति को सफलतापूर्वक संभाल लिया। केबिन और कॉकपिट क्रू, ग्राउंड स्टाफ, एयरपोर्ट प्रशासन और इमरजेंसी सेवाओं के बीच समन्वय ने यह सुनिश्चित किया कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहें।
थाई दूतावास से संपर्क में एअर इंडिया एक्सप्रेस
एअर इंडिया एक्सप्रेस ने बताया कि वह मुंबई स्थित थाईलैंड के कॉन्सुलेट जनरल से संपर्क में है ताकि महिला को उसके देश वापस भेजने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाया जा सके। फ्लाइट की कमान कैप्टन आशीष वाघानी और कैप्टन फराज अहमद के हाथों में थी, जबकि केबिन क्रू मेंबर्स स्नेहा नागा, ऐश्वर्या शिर्के, आसिया खालिद और मुस्कान चौहान ने अद्भुत संयम और सेवा भाव दिखाया।
ये भी पढ़ें- फिलीपींस में तूफान 'को-मे' का कोहराम, 25 की मौत; 2.78 लाख लोगों को सुरक्षित निकाला गया
तत्परता की मिसाल बनी यह घटना
यह घटना सिर्फ एक सुरक्षित डिलीवरी भर नहीं थी, बल्कि इसने यह भी दिखा दिया कि जब सेवा भावना, पेशेवरता और टीमवर्क एक साथ होते हैं, तो आकाश में भी जीवन के चमत्कार संभव हो सकते हैं। एअर इंडिया एक्सप्रेस ने एक बार फिर साबित किया कि आपात स्थिति में वह अपने यात्रियों की सुरक्षा और सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है।
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जैसे ही थाईलैंड की एक महिला यात्री को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, कैबिन क्रू ने तुरंत अपनी ट्रेनिंग के अनुसार स्थिति को संभाला। फ्लाइट में मौजूद एक नर्स ने भी महिला की सहायता की। पेशेवर तरीके से काम करते हुए क्रू ने न केवल सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया, बल्कि महिला को भावनात्मक सहयोग भी दिया। फ्लाइट के अंदर जन्मे बच्चे और मां को तुरंत देखभाल मिल सकी।
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एटीसी को अलर्ट कर प्राथमिक लैंडिंग की गई सुनिश्चित
पायलटों ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचना दी और मुंबई एयरपोर्ट पर प्राथमिक लैंडिंग की अनुमति मांगी। जैसे ही विमान ने लैंड किया, पहले से तैनात मेडिकल टीम और एम्बुलेंस ने मां और नवजात को पास के अस्पताल में भर्ती कराया। एयरलाइन की एक महिला कर्मचारी उनके साथ गई ताकि उन्हें हर संभव मदद मिल सके।
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प्रशिक्षण और टीमवर्क ने बचाई जान
एअर इंडिया एक्सप्रेस ने इस घटना को संकट में सेवा का प्रतीक बताया। क्रू की सूझबूझ, ट्रेनिंग और इंसानियत ने मिलकर एक संभावित आपात स्थिति को सफलतापूर्वक संभाल लिया। केबिन और कॉकपिट क्रू, ग्राउंड स्टाफ, एयरपोर्ट प्रशासन और इमरजेंसी सेवाओं के बीच समन्वय ने यह सुनिश्चित किया कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहें।
थाई दूतावास से संपर्क में एअर इंडिया एक्सप्रेस
एअर इंडिया एक्सप्रेस ने बताया कि वह मुंबई स्थित थाईलैंड के कॉन्सुलेट जनरल से संपर्क में है ताकि महिला को उसके देश वापस भेजने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाया जा सके। फ्लाइट की कमान कैप्टन आशीष वाघानी और कैप्टन फराज अहमद के हाथों में थी, जबकि केबिन क्रू मेंबर्स स्नेहा नागा, ऐश्वर्या शिर्के, आसिया खालिद और मुस्कान चौहान ने अद्भुत संयम और सेवा भाव दिखाया।
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तत्परता की मिसाल बनी यह घटना
यह घटना सिर्फ एक सुरक्षित डिलीवरी भर नहीं थी, बल्कि इसने यह भी दिखा दिया कि जब सेवा भावना, पेशेवरता और टीमवर्क एक साथ होते हैं, तो आकाश में भी जीवन के चमत्कार संभव हो सकते हैं। एअर इंडिया एक्सप्रेस ने एक बार फिर साबित किया कि आपात स्थिति में वह अपने यात्रियों की सुरक्षा और सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है।
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