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Odisha: कोरापुट पुलिस ने किया अंतरराज्यीय हशीश तेल कारखाने का भंडाफोड़, 225 करोड़ रुपये की अवैध सामग्री जब्त
Thu, 26 Feb 2026 04:41 PM IST
Nirmal Kant
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर।
Published by: Nirmal Kant
Updated Thu, 26 Feb 2026 04:41 PM IST
सार
Odisha: ओडिशा के कोरापुट में पुलिस ने अंतरराज्यीय हशीस तेल बनाने वाली अस्थायी फैक्टरी का भंडाफोड़ किया। छापेमारी में 1,800 लीटर हशीस तेल और 1,000 किलो गांजा जब्त किया गया, जिसकी कुल कीमत लगभग 230 करोड़ रुपये है। पढ़ें रिपोर्ट-
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पुलिस की छापेमारी में हशीश तेल बरामद
- फोटो : आईएएनएस
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विस्तार
ओडिशा की कोरापुट पुलिस ने गुरुवार को एक अंतरराज्यीय हशीस तेल बनाने वाली अस्थायी इकाई का भंडाफोड़ किया। करीब 1,800 लीटर हशीस तेल जब्द किया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 225 करोड़ रुपये आंकी गई है।
क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के बारे में ठोस खुफिया सूचना मिलने के बाद इस छापेमारी की योजना को बहुत सावधानी से तैयार किया गया और इसे कोरापुट के पुलिस अधीक्षक रोहित वर्मा के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने एक समन्वित अभियान शुरू किया। यह अभियान पदुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत झोलापुट जलाशय के पास घने जंगल में किया गया, जो ओड़िशा और आंध्र प्रदेश की सीमा के पास स्थित है।
अभियान को कैसे अंजाम दिया गया?
पूरे अभियान में पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि संदिग्धों को कोई चेतावनी न मिल सके। इसलिए टीम ने पारंपरिक सड़क मार्ग का इस्तेमाल नहीं किया। इसके बजाय, पुलिसकर्मी पहले जलाशय के रास्ते नावों से चुपचाप पहुंचे और फिर पैदल जंगल के रास्तों से लक्षित स्थान तक पहुंचे।
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कोरापुट पुलिस के सूत्रों ने बताया कि पानी और जंगल के रास्तों से पहुंचने का रणनीतिक निर्णय इसलिए लिया गया ताकि पुलिस की गतिविधियां छिपी रहें और आरोपी ड्रग तस्करों को किसी भी समय सूचना न मिल सके। पुलिस ने यह भी कहा कि क्षेत्र की दुर्गम स्थिति, कठिन भू-भाग, पहुंचने में कठिनाई और अस्थायी निर्माण इकाइयों की तेजी से असेंबली और डिसेंबली पिछले दिनों छापेमारी में बड़ी बाधा बन रही थी।
ये भी पढ़ें: बंगलूरू में अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में ABVP के विरोध के बाद केस दर्ज, सोशल मीडिया पोस्ट से उपजा विवाद
छापेमारी में क्या जब्त हुआ?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने लगभग 1,800 लीटर हशीश तेल जब्त किया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 225 करोड़ रुपये है और साथ ही 1,000 किलो गांजा भी जब्त किया, जिसकी कीमत लगभग पांच करोड़ रुपये आंकी गई। पुलिस के अनुसार, इस निर्माण इकाई के मास्टरमाइंड की पहचान कर ली गई है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा, पुलिस को प्रारंभिक सबूत भी मिले हैं कि यह निर्माण इकाई राज्य के बाहर के ड्रग तस्करों से जुड़ी हुई है।
कोरापुट जिले में एक अलग छापेमारी में पुलिस ने नंदपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत 1,143 किलो गांजा जब्त करने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें हरियाणा से दो अंतरराज्यीय तस्कर शामिल थे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार चार आरोपियों में से दो कोरापुट के सेमिलिगुडा इलाके के आपूर्तिकर्ता हैं, जबकि बाकी दो हरियाणा से हशीश या गांजा प्राप्त करने वाले हैं।
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क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के बारे में ठोस खुफिया सूचना मिलने के बाद इस छापेमारी की योजना को बहुत सावधानी से तैयार किया गया और इसे कोरापुट के पुलिस अधीक्षक रोहित वर्मा के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने एक समन्वित अभियान शुरू किया। यह अभियान पदुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत झोलापुट जलाशय के पास घने जंगल में किया गया, जो ओड़िशा और आंध्र प्रदेश की सीमा के पास स्थित है।
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अभियान को कैसे अंजाम दिया गया?
पूरे अभियान में पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि संदिग्धों को कोई चेतावनी न मिल सके। इसलिए टीम ने पारंपरिक सड़क मार्ग का इस्तेमाल नहीं किया। इसके बजाय, पुलिसकर्मी पहले जलाशय के रास्ते नावों से चुपचाप पहुंचे और फिर पैदल जंगल के रास्तों से लक्षित स्थान तक पहुंचे।
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कोरापुट पुलिस के सूत्रों ने बताया कि पानी और जंगल के रास्तों से पहुंचने का रणनीतिक निर्णय इसलिए लिया गया ताकि पुलिस की गतिविधियां छिपी रहें और आरोपी ड्रग तस्करों को किसी भी समय सूचना न मिल सके। पुलिस ने यह भी कहा कि क्षेत्र की दुर्गम स्थिति, कठिन भू-भाग, पहुंचने में कठिनाई और अस्थायी निर्माण इकाइयों की तेजी से असेंबली और डिसेंबली पिछले दिनों छापेमारी में बड़ी बाधा बन रही थी।
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छापेमारी में क्या जब्त हुआ?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने लगभग 1,800 लीटर हशीश तेल जब्त किया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 225 करोड़ रुपये है और साथ ही 1,000 किलो गांजा भी जब्त किया, जिसकी कीमत लगभग पांच करोड़ रुपये आंकी गई। पुलिस के अनुसार, इस निर्माण इकाई के मास्टरमाइंड की पहचान कर ली गई है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा, पुलिस को प्रारंभिक सबूत भी मिले हैं कि यह निर्माण इकाई राज्य के बाहर के ड्रग तस्करों से जुड़ी हुई है।
कोरापुट जिले में एक अलग छापेमारी में पुलिस ने नंदपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत 1,143 किलो गांजा जब्त करने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें हरियाणा से दो अंतरराज्यीय तस्कर शामिल थे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार चार आरोपियों में से दो कोरापुट के सेमिलिगुडा इलाके के आपूर्तिकर्ता हैं, जबकि बाकी दो हरियाणा से हशीश या गांजा प्राप्त करने वाले हैं।
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