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Andhra Pradesh: राजमुंद्री एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल भवन के भूमि पूजन में पहुंचे सिंधिया, प्रोजेक्ट की समीक्षा की
Sun, 10 Dec 2023 01:46 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: श्वेता महतो
Updated Sun, 10 Dec 2023 01:46 PM IST
सार
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजमुंद्री हवाईअड्डे पर पर नए टर्मिनल भवन की भूमि पूजन की। भूमि पूजन से पहले उन्होंने नए टर्मिनल भवन की समीक्षा भी की।
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Union Civil Aviation Minister Jyotiraditya Scindia
- फोटो : Social Media
विस्तार
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजमुंद्री हवाईअड्डे पर नए टर्मिनल भवन की भूमि पूजन की। भूमि पूजन से पहले उन्होंने नए टर्मिनल भवन की समीक्षा भी की।
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उन्होंने बताया कि हवाईअड्डा 3065 मीटर के रनवे के साथ 1,200 एकड़ की जमीन में फैला हुआ है। यहां बोइंग 737 के उतरने की क्षमता है। नया टर्मिनल भवन 17,000 वर्ग मीटर का है।
टर्मिनल को लेकर भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के अध्यक्ष ने भी दी जानकारी
नए टर्मिनल भवन की भूमि पूजन पर भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा, 'नया टर्मिनल भवन 17,000 वर्ग मीटर फैला होगा। 4,000 वर्ग मीटर वाला पुराना टर्मिनल भवन अब 21,000 वर्ग मीटर तक होगा। हर घंटे आठ से दस विमान यहां से उड़ान भर सकेगी। भीड़भाड़ वाले समय में भी यह 2000 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी। यानी हर घंटे आठ से दस उड़ाने संचालित हो सकती है। इसका निर्माण 350 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।'
भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा, 'यदि हवाईअड्डे की क्षमता होगी और यदि मांग आती है तो हम इस हवाईअड्डे में कार्गो की सुविधा की भी घोषणा करेंगे। हवाईअड्डे की क्षमता बताई गई है। यदि एयरलाइंस देश के विभिन्न स्टेशनों से जुड़ना शुरू कर देती है, तो निश्चित रूप से कार्गो को वैली कार्गो के रूप में भी लाया जा सकता है। इसके साथ एआई भी ऐसा बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए तैयार होगा जो इस हवाई अड्डे से कार्गो की आवाजाही में मदद कर सकता है।'
उन्होंने आगे बताया कि यहां 30 चेक एनकाउंटर, एक्सबीआईएस मशीनों के साथ आठ सिक्यूरिटी लेन्स और तीन एयरोब्रिज होगा। हमें उम्मीद है कि अगले दो वर्षों में इसका निर्माण पूरा हो जाएगा। हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले वर्षों में राजमुंद्री हवाईअड्डा देश के अन्य हिस्सों से भी जुड़ेगा।
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भूमि पूजन के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, राजमुंद्री के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है। नया टर्मिनल भवन पुराने टर्मिनल भवन से चार गुणा बड़ा है। इसका कुल आकार 21,000 वर्ग मीटर होगा। हमारे पास सलाना 30 लाख यात्रियों को प्रोसेस करने की क्षमता होगी। हमारी कनेक्टिविटी फिलहाल चेन्नई, बंगलूरू और हैदराबाद तीन शहरों से है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह बढ़ेगा। यह एक आधुनिक टर्मिनल है, जिसमें राजमुंद्री की कला सभ्यता की झलक है। मैं राजमुंद्री के लोगों को बधाई देता हूं। यह विकास के क्षेत्र में नरेंद्र मोदी की तरफ से एक तोहफा है।#WATCH | Andhra Pradesh: Union Civil Aviation Minister Jyotiraditya Scindia performs bhoomi poojan of the new terminal building at the Rajahmundry Airport. pic.twitter.com/PYD0JTQgbE
— ANI (@ANI) December 10, 2023विज्ञापन
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उन्होंने बताया कि हवाईअड्डा 3065 मीटर के रनवे के साथ 1,200 एकड़ की जमीन में फैला हुआ है। यहां बोइंग 737 के उतरने की क्षमता है। नया टर्मिनल भवन 17,000 वर्ग मीटर का है।
टर्मिनल को लेकर भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के अध्यक्ष ने भी दी जानकारी
नए टर्मिनल भवन की भूमि पूजन पर भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा, 'नया टर्मिनल भवन 17,000 वर्ग मीटर फैला होगा। 4,000 वर्ग मीटर वाला पुराना टर्मिनल भवन अब 21,000 वर्ग मीटर तक होगा। हर घंटे आठ से दस विमान यहां से उड़ान भर सकेगी। भीड़भाड़ वाले समय में भी यह 2000 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी। यानी हर घंटे आठ से दस उड़ाने संचालित हो सकती है। इसका निर्माण 350 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।'
भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा, 'यदि हवाईअड्डे की क्षमता होगी और यदि मांग आती है तो हम इस हवाईअड्डे में कार्गो की सुविधा की भी घोषणा करेंगे। हवाईअड्डे की क्षमता बताई गई है। यदि एयरलाइंस देश के विभिन्न स्टेशनों से जुड़ना शुरू कर देती है, तो निश्चित रूप से कार्गो को वैली कार्गो के रूप में भी लाया जा सकता है। इसके साथ एआई भी ऐसा बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए तैयार होगा जो इस हवाई अड्डे से कार्गो की आवाजाही में मदद कर सकता है।'
उन्होंने आगे बताया कि यहां 30 चेक एनकाउंटर, एक्सबीआईएस मशीनों के साथ आठ सिक्यूरिटी लेन्स और तीन एयरोब्रिज होगा। हमें उम्मीद है कि अगले दो वर्षों में इसका निर्माण पूरा हो जाएगा। हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले वर्षों में राजमुंद्री हवाईअड्डा देश के अन्य हिस्सों से भी जुड़ेगा।