{"_id":"59fdd6954f1c1bce408b49fe","slug":"india-would-be-high-middle-income-economy-by-2047-says-world-bank","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्व बैंक का अनुमान, 2047 तक भारत बन जाएगा हाई-मिडल इनकम वाला देश","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
विश्व बैंक का अनुमान, 2047 तक भारत बन जाएगा हाई-मिडल इनकम वाला देश
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Sat, 04 Nov 2017 08:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्व बैंक ने शनिवार को कहा कि सरकार की ओर से सुधार की दिशा में जीएसटी तथा ऐसे अन्य कदमों की बदौलत भारत 2047 तक उच्च-मध्य आय वाली अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
विज्ञापन
कारोबार सुगमता संबंधी विश्व बैंक की रैंकिंग में देश के 30 पायदान के उछाल के बाद ही इस वैश्विक वित्तीय निकाय के एक शीर्ष अधिकारी ने यह बात कही है।
विश्व बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) क्रिस्टालीना जॉर्जिएवा ने भारत में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर चार गुना होने को एक असाधारण उपलब्धि बताया और इसका श्रेय देश में पिछले तीन दशक के सुधारों को दिया।
विज्ञापन
उन्होंने कारोबार सुगमता रिपोर्ट में 100वां स्थान हासिल करने को लेकर भी भारत की तारीफ की। उन्होंने कहा कि 15 साल पहले इस रिपोर्ट की शुरुआत के बाद से इस तरह की छलांग दुर्लभ ही है।
विज्ञापन
पढ़ें- वर्ल्ड बैंक की रैंकिंग में 100वें नंबर पर पहुंचा भारत, पीएम बोले-आर्थिक सुधारों से मिली कामयाबी
उन्होंने कहा, 'यह जब हम भारत के विशाल आकार पर गौर करते हैं तो यह उपलब्धि विशेष रूप से और भी दुर्लभ हो जाती है।
उन्होंने कहा, 'मैं समझ सकती हूं कि क्रिकेट प्रेमी इस देश के लिए शतक जडऩा एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां आयोजित 'इंडियाज बिजनेस रिफॉर्म कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ''सफलता के लिए जरूरी है।
उन्होंने कारोबार सुगमता रिपोर्ट में 100वां स्थान हासिल करने को लेकर भी भारत की तारीफ की। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा यहां आयोजित 'इंडियाज बिजनेस रिफॉर्म कार्यक्रम में उन्होंने कहा, 'सफलता के लिए जरूरी है कि उच्च स्तर पर उसे अपनाने और आगे बढ़ाने वाले हों।
उन्होंने कहा कि सुधारों का असर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर दिखने लगा है। एफडीआई 2013-14 के 36 अरब डॉलर से बढ़कर 60 अरब डॉलर हो गया है।