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पुणे की हाउसकीपिंग कंपनी बीवीजी के परिसरों पर छापा, 180 करोड़ की अघोषित आय का खुलासा
Fri, 08 Nov 2019 03:37 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 08 Nov 2019 03:37 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
आयकर विभाग ने महाराष्ट्र के पुणे स्थित एक हाउसकीपिंग कंपनी बीवीजी के परिसरों पर छापा मारकर 180 करोड़ की अघोषित आय का पता लगाया है। यह दावा बृहस्पतिवार को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अधिकारियों ने किया।
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सीबीडीटी ने एक बयान में कहा कि यह छापेमारी फर्जी क्षति, फर्जी खरीद और फर्जी उपअनुबंध खर्चों को लेकर मिली गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। बोर्ड ने अपने बयान में कंपनी की पहचान नहीं बताई, लेकिन अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि यह मामला भारत विकास ग्रुप (बीवीजी) का है। हालांकि बयान में कहा गया है कि समूह कई व्यापारिक गतिविधियों में संलग्न है।
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यह हाउसकीपिंग, लैंडस्केपिंग और गार्डनिंग, सिविल और इलेक्ट्रिक मेंटीनेंस, फैब्रिकेशन सर्विसेज, टर्नकी सॉल्यूशन और लॉजिस्टिक सपोर्ट और सरकारी एजेंसियों तथा नगर निगमों द्वारा आवश्यक सेवाओं को मुहैया कराता है।
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बयान में कहा गया है कि तलाशी और जब्ती की कार्रवाई से डी-मर्जर की एक योजना के तहत 91 करोड़ रुपये के नुकसान के दावे के बारे में फर्जी साक्ष्यों का पता चला। साथ ही 77 करोड़ के निराधार खरीद पर फर्जी खर्च का भी पता चला। साथ ही 20 करोड़ रुपये की नकद खर्च के भी सुबूत मिले हैं। छापेमारी के दौरान 60 लाख रुपये नकद भी मिले। इसका भी कोई हिसाब नहीं था। साथ ही कई लॉकर भी पाए गए। अभी तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर 180 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला है।
आयकर अधिकारियों ने बुधवार को बीवीजी समूह के पुणे, मुंबई, नागपुर, दिल्ली, बंगलूरू और नोएडा स्थित दो दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापा मारा था। समूह के चेयरमैन और एमडी हनुमंत गायकवाड़ ने बुधवार को कहा था कि कंपनी के परिसरों पर आयकर अधिकारियों की छापेमारी नियमित कार्रवाई है। उन्होंने 1990 के दशक में एक एनजीओ की शुरुआत की थी और 1997 में उन्होंने एक क्लाइंट के साथ हाउसकीपिंग कंपनी लॉन्च की थी। इसके बाद से 22 राज्यों के 70 शहरों में 850 क्लाइंट और 75000 से अधिक कर्मचारी हो गए हैं।