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आईआईएम अहमदाबाद ने शुरू की इंडाउमेंट योजना, पांच साल में एक हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य

Wed, 24 Jun 2020 04:32 AM IST
संजीव कुमार झा सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Wed, 24 Jun 2020 04:32 AM IST
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IIM Ahmedabad launched endowment plan for development of college
IIM AHMEDABAD - फोटो : ट्विटर

आईआईटी दिल्ली की तर्ज पर देश के पहले बिजनेस स्कूल आईआईएम अहमदाबाद ने भी इंडाउमेंट योजना शुरू कर दी है। संस्थान के दस पूर्व छात्रों के साथ सौ करोड़ रुपये से इस इंडाउमेंट योजना को शुरू किया गया है। आगामी पांच सालों में इस फंड को एक हजार करोड़ तक पहुंचाने का भी लक्ष्य रखा गया है।

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आईआईएम अहमदाबाद देश का पहला ऐसा बिजनेस स्कूल है, जिसने इंडाउमेंट योजना को शुरू करने की पहल की है। इस फंड और उससे मिलने वाले ब्याज का प्रयोग स्कॉलरशिप, इंफ्रास्ट्रक्चर, रिसर्च व  डेवलेपमेंट पर किया जाएगा। इस फंड में दी जाने वाली धनराशि से टैक्स में भी राहत मिलेगी। आईआईएम अहमदाबाद के डायरेक्टर इरोल डिसूजा ने कहा कि इस फंड के माध्यम से संस्थान को आगे बढ़ाने पर काम होगा।
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इस योजना में इंफोऐज के संस्थापक व एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन संजीव बिकचंदानी, मेक माई ट्रिप के संस्थापक दीप कालरा, आईसीआरए के नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अरुण दुग्गल समेत अन्य दस पूर्व छात्रों ने सहयोग दिया है। वर्ष 1961 में आईआईएम अहमदाबाद की स्थापना हुई थी। अभी तक संस्थान से 33 हजार से अधिक छात्रों ने बिजनेस की पढ़ाई की है। इसमें कॉरपोरेट, नीति, सेवा, शिक्षा, इंडस्ट्री से लेकर अन्य क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं।

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  • क्या होती है इंडाउमेंट योजना:

इस योजना में पूर्व छात्र इंडाउमेंट योजना में पैसे जमा करते हैं। इस पैसे के लिए संस्थान अलग से अकाउंट खोलता है। बैंक में जमापैसे से मिलने वाले ब्याज से स्कॉलरशिप, भवन निर्माण, रिसर्च समेत अन्य योजनाओं पर खर्च होता है। इसके लिए संस्थान को सरकार से अनुमति नहीं लेनी पड़ती है। पूर्व छात्र एक तरह से अपने संस्थान को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।



इसमें पैसे जमा करवाने से उन्हें टैक्स में छूट मिलती है। इसमें एक तय रकम देने वाले छात्रों को कमेटी में शामिल किया जाता है। इससे वे संस्थान की विभिन्न योजनाओं में अपनी राय भी दे सकते हैं। 

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