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Navy: तटरक्षक बल के डीजी बोले- देश की समुद्री सीमाएं होंगी और अभेद्य, बेडे में शामिल होंगे विमान और गश्ती जहाज
Fri, 13 Oct 2023 01:24 PM IST
श्वेता महतो
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 13 Oct 2023 01:24 PM IST
सार
भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक (डीजी) राकेश पाल ने कहा कि भविष्य की चुनाौतियों के मद्देनजर हम हर तरह की तैयारी कर रहे हैं। हम अत्याधुनिक तकनीक से बल को मजबूत कर रहे हैं। इसके लिए खास तौर से इसरो के साथ कई नए प्रयोग चल रहे हैं।
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Indian Coast Guard Director General Rakesh Pal
- फोटो : Social Media
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विस्तार
भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक (डीजी) राकेश पाल ने कहा कि देश की समुद्री सीमाएं और अभेद्य होंगी। इसके लिए तटरक्षक बल कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। 2025 तक बल के बेड़े में करीब 100 विमान और 200 गश्ती जहाजों को जोड़ा जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने देश में 28 नए समुद्री बचाव समन्वय केंद्र बनाने की भी मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा, 'हम भविष्य की चुनौतियों को लेकर अत्यधिक सगज हैं और अत्याधुनिक तकनीकी के इस्तेमाल को बढ़ा रहे हैं। इसके लिए इसरो के के साथ भी कई नए प्रयोग कर रहे हैं। देश की लंबी तटरेखा व समुद्री हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।' उन्होंने आश्वस्त किया कि बल किसी भी चुनौती के लिए तैयार है। वे यहां आयोजित राष्ट्रीय समुद्री खोज और बचाव बोर्ड (एनएमएसएआरबी) की 21वीं बैठक के इतर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्रीय समुद्री खोज और बचाव बोर्ड (एनएमएसएआरबी) की अध्यक्षता की।
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उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनाौतियों के मद्देनजर हम हर तरह की तैयारी कर रहे हैं। हम अत्याधुनिक तकनीक से बल को मजबूत कर रहे हैं। इसके लिए खास तौर से इसरो के साथ कई नए प्रयोग चल रहे हैं। इससे बल को निगरानी में मजबूती मिलेगी। इसरो के साथ मिलकर तटरक्षक बल बंगाल की खाड़ी के साथ तटीय क्षेत्रों में मछली पकड़ने वाली नौकाओं के साथ अपने सभी जहाजों पर आपदा पूर्व चेतावनी ट्रांसमीटर प्रणाली स्थापित करने जा रहा है। बहुत जल्द इस ट्रांसमीटर के इंस्टालेशन का काम शुरू हो जाएगा। यह तकनीक समुद्र में सभी जहाजों को किसी आपदा की चेतावनी तेज गति से पहले ही भेजने में सक्षम होगी।
पाल ने कहा, 'हम जहाजों और विमानों के मामले में अपनी क्षमता बढ़ा रहे हैं। परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए तटरक्षक बल छह और सी- 295 विमान प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। हमें जल्द मिल जाएंगे। इसकी लंबे समय से आवश्यकता थी।'
बैठक में नौसेना, भारतीय वायु सेना, इसरो, सीमा शुल्क, तटीय पुलिस, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए), भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई), एससीआई, आईएमडी, मत्स्य पालन, डीजी सहित हितधारकों और संसाधन एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान वर्ष 2022-23 के लिए राष्ट्रीय खोज एवं बचाव (एसएआर) पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
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उन्होंने कहा, 'हम भविष्य की चुनौतियों को लेकर अत्यधिक सगज हैं और अत्याधुनिक तकनीकी के इस्तेमाल को बढ़ा रहे हैं। इसके लिए इसरो के के साथ भी कई नए प्रयोग कर रहे हैं। देश की लंबी तटरेखा व समुद्री हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।' उन्होंने आश्वस्त किया कि बल किसी भी चुनौती के लिए तैयार है। वे यहां आयोजित राष्ट्रीय समुद्री खोज और बचाव बोर्ड (एनएमएसएआरबी) की 21वीं बैठक के इतर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्रीय समुद्री खोज और बचाव बोर्ड (एनएमएसएआरबी) की अध्यक्षता की।
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उन्होंने कहा कि भविष्य की चुनाौतियों के मद्देनजर हम हर तरह की तैयारी कर रहे हैं। हम अत्याधुनिक तकनीक से बल को मजबूत कर रहे हैं। इसके लिए खास तौर से इसरो के साथ कई नए प्रयोग चल रहे हैं। इससे बल को निगरानी में मजबूती मिलेगी। इसरो के साथ मिलकर तटरक्षक बल बंगाल की खाड़ी के साथ तटीय क्षेत्रों में मछली पकड़ने वाली नौकाओं के साथ अपने सभी जहाजों पर आपदा पूर्व चेतावनी ट्रांसमीटर प्रणाली स्थापित करने जा रहा है। बहुत जल्द इस ट्रांसमीटर के इंस्टालेशन का काम शुरू हो जाएगा। यह तकनीक समुद्र में सभी जहाजों को किसी आपदा की चेतावनी तेज गति से पहले ही भेजने में सक्षम होगी।
पाल ने कहा, 'हम जहाजों और विमानों के मामले में अपनी क्षमता बढ़ा रहे हैं। परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए तटरक्षक बल छह और सी- 295 विमान प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। हमें जल्द मिल जाएंगे। इसकी लंबे समय से आवश्यकता थी।'
बैठक में नौसेना, भारतीय वायु सेना, इसरो, सीमा शुल्क, तटीय पुलिस, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए), भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई), एससीआई, आईएमडी, मत्स्य पालन, डीजी सहित हितधारकों और संसाधन एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान वर्ष 2022-23 के लिए राष्ट्रीय खोज एवं बचाव (एसएआर) पुरस्कार भी प्रदान किए गए।