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CAA: कांग्रेस का सवाल- सीएए कानून लागू करने में 51 महीने क्यों लगे? धर्म आधारित नियम को बताया असंवैधानिक
Wed, 13 Mar 2024 09:35 AM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 13 Mar 2024 09:35 AM IST
सार
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) देशभर में लागू हो चुका है। कानून का समर्थन और विरोध दोनों हो रहा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, यह कानून असंवैधानिक है। उन्होंने सवाल किया है कि कानून लागू करने ेमें चार साल तीन महीने क्यों लगे?
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सीएए लागू करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
- फोटो : ani
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विस्तार
केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव से चंद हफ्ते पहले दूसरे देशों से आने वाले लोगों को भारतीय नागरिकता देने का कानून देशभर में लागू करने का एलान किया है। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के माध्यम से अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले ऐसे लोगों को नागरिकता दी जाएगी, जिनका उत्पीड़न हुआ है। इस कानून का स्वागत और विरोध दोनों हो रहा है। कांग्रेस पार्टी ने इस कानून को असंवैधानिक करार दिया है। पार्टी ने सवाल किया है कि यह कानून संसद से विधेयक पारित होने के 51 महीने बाद क्यों लागू किया जा रहा है।
चार साल तीन महीने बाद क्यों लागू हुआ कानून
कांग्रेस महाचिव जयराम रमेश ने कहा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की राज्य सरकारें साफ कर चुकी हैं कि उनके प्रदेश में सीएए लागू नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, हम सीएए के खिलाफ इसलिए हैं क्योंकि धर्म के आधार पर नागरिकता देना संविधान के खिलाफ है। इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी गई है। उन्होंने सवाल किया कि केंद्र सरकार को यह कानून लागू करने में 4 साल और 3 महीने क्यों लग गए?
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने सोमवार को सीएए लागू होने की अधिसूचना जारी करने करने के बाद 29 दस्तावेजों की सूची भी जारी की। गृह मंत्रालय ने बताया है कि कंट्री ऑफ ओरिजिन और भारत में आने की तारीख का प्रमाण देने के लिए किन दस्तावेजों का सहारा लिया जा सकता है। सरकार ने आवेदकों से अफवाहों से बचने और 29 दस्तावेजी प्रमाण में जो भी उपलब्ध है, उसके आधार पर नागरिकता का ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।
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चार साल तीन महीने बाद क्यों लागू हुआ कानून
कांग्रेस महाचिव जयराम रमेश ने कहा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की राज्य सरकारें साफ कर चुकी हैं कि उनके प्रदेश में सीएए लागू नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, हम सीएए के खिलाफ इसलिए हैं क्योंकि धर्म के आधार पर नागरिकता देना संविधान के खिलाफ है। इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी गई है। उन्होंने सवाल किया कि केंद्र सरकार को यह कानून लागू करने में 4 साल और 3 महीने क्यों लग गए?
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नागरिकता का आवेदन करने वाले जरूरतमंद लोगों से सरकार की अपील#WATCH | Congress leader Jairam Ramesh says, "Tamil Nadu & West Bengal government have said (CAA will not be implemented). We were against CAA because to give citizenship based on religion is against the Constitution. This has been challenged in the Supreme Court as well...Why… pic.twitter.com/ib87npS0QP
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 13, 2024
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने सोमवार को सीएए लागू होने की अधिसूचना जारी करने करने के बाद 29 दस्तावेजों की सूची भी जारी की। गृह मंत्रालय ने बताया है कि कंट्री ऑफ ओरिजिन और भारत में आने की तारीख का प्रमाण देने के लिए किन दस्तावेजों का सहारा लिया जा सकता है। सरकार ने आवेदकों से अफवाहों से बचने और 29 दस्तावेजी प्रमाण में जो भी उपलब्ध है, उसके आधार पर नागरिकता का ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने भी सीएए का पुरजोर विरोध किया
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के कार्यान्वयन पर कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कहा, केंद्र सरकार ने सीएए लागू किया है क्योंकि आम चुनाव नजदीक आ रहे हैं। उन्होंने भी सवाल किया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार अब तक (विधेयक पारित होने के 51 महीनों बाद तक) खामोश क्यों थी? सिद्धारमैया ने कहा, वे धर्म के आधार पर नागरिकता देने का पुरजोर विरोध करते हैं।
On CAA implementation, Karnataka CM Siddaramaiah in Chamarajanagar yesterday said, "They (Centre) have implemented CAA as elections are coming up. Why were they quiet till now? I oppose the granting of citizenship based on religion." pic.twitter.com/s2oh2vD1y6
— ANI (@ANI) March 13, 2024