Seat Ka Samikaran: यहां जदयू को पहली जीत का इंतजार, भाजपा-कांग्रेस और राजद का नोखा सीट पर रहा है ऐसा हाल
बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात नोखा विधानसभा सीट की करेंगे। इस सीट पर मौजूदा समय में राजद की अनीता देवी विधायक हैं।
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बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनावी तारीखों के एलान से पहले ही सियासी पारा चढ़ा हुआ है। सीट बंटवारे को लेकर दोनों बड़े गठबंधनों में खींचतान जारी है। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज नोखा विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट पर अब तक हुए 17 चुनाव में से छह में कांग्रेस और चार में भाजपा को जीत मिली है। जदयू को यहां से अपनी पहली जीत का इंतजार है। मौजूद समय में राजद की अनीता देवी यहां की विधायक हैं।
बिहार के 38 जिलों में से एक जिला रोहतास भी है। रोहतास जिला तीन अनुमंडल और 19 ब्लॉक में बंटा है। जिले में सात विधानसभा सीटें हैं। इनमें चेनारी (एससी), सासाराम, करगहर, दिनारा, नोखा, डेहरी, काराकाट शामिल हैं। ‘सीट का समीकरण’ सीरीज में आज नोखा विधानसभा सीट की बात करेंगे। नोखा विधानसभा सीट से 1952 में पहली बार चुनाव हुआ था।
1952: कांग्रेस को जीत मिली
- 1952 के चुनाव में कांग्रेस के रघुनाथ प्रसाद साह को जीत मिली। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार राम लाल सिंह वर्मा को 2,926 वोट से हराया। रघुनाथ प्रसाद साह को 10,952 वोट मिले। वहीं, राम लाल सिंह वर्मा को 8,026 वोट मिले।
- 1957 के चुनाव में कांग्रेस के जगदीश प्रसाद को जीत मिली। उन्होंने प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के जदुबंस सिंह को 4,965 वोट से हराया। जगदीश प्रसाद को 13,508 वोट मिले। वहीं, जदुबंस सिंह को 8,543 वोट मिले।
- 1962 के चुनाव में कांग्रेस के गुठौली सिंह को जीत मिली। उन्होंने स्वतंत्र पार्टी के अवध नाथ प्रसाद को 10,926 वोट से हराया। गुठौली सिंह को कुल 17,986 वोट मिले। वहीं, अवध नाथ प्रसाद को 7,060 वोट मिले।
- 1967 के चुनाव में नोखा सीट से गुठौली सिंह दोबार विधायक बने। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार जे ओझा को 6,143 वोट से हराया। गुठौली सिंह को कुल 22,035 वोट मिले। वहीं, जे ओझा को 15,892 वोट मिले।
1969: जनता पार्टी को जीत मिली
- 1969 के चुनाव में जनता पार्टी के जगदीश ओझा को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के गुठौली सिंह को मात्र 370 वोट से मात दिया। जगदीश ओझा को कुल 15,311 वोट मिले। वहीं, गुठौली सिंह को 14,941 वोट मिले।
- 1972 के चुनाव में जगदीश ओझा ने कांग्रेस (ओ) के टिकट पर चुनाव लड़ा। उन्होंने इस चुनाव में भी कांग्रेस के गुठौली सिंह को 1,858 वोट से हराया। जगदीश ओझा को 29,801 वोट मिले। वहीं, गुठौली सिंह को 27,943 वोट मिले।

1977: जनता पार्टी को जीत मिली
- 1977 के चुनाव में जनता पार्टी के गोपाल नारायण सिंह को जीत मिली। उन्होंने इस चुनाव में जगी चौधरी को 2,064 वोट से हराया। गोपाल नारायण सिंह को 15,917 वोट मिले। जगी चौधरी को 13,853 वोट मिले।
- 1980 के चुनाव में जनता पार्टी (एससी) के जगी सिंह चौधरी को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस (आई) के जगदीश ओझा को 23,802 वोट से मिले। जगी सिंह चौधरी को कुल 38,709 वोट मिले। वहीं जगदीश ओझा को 14,907 वोट मिले।
1985: कांग्रेस की वापसी
1985 के चुनाव में कांग्रेस की सुमित्रा देवी को जीत मिली। उन्होंने लोक दल के चौधरी जगी सिंह को मात्र 422 वोट से हराया। सुमित्रा देवी को 28,730 वोट मिले। वहीं, चौधरी जगी सिंह को 28,308 वोट मिले।

1990: जनता दल को जीत मिली
- 1990 के चुनाव में जनता दल के जगी सिंह चौधरी को जीत मिली। उन्होंने भाजपा के गोपाल नारायण सिंह को 8,052 वोट से हराया। जगी सिंह चौधरी को कुल 33,039 वोट मिले। वहीं, गोपाल नारायण सिंह को 24,987 वोट मिले।
- 1995 के चुनाव में जनता दल से आनंद मोहन सिंह ने जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा के गोपाल नारायण सिंह को 21,081 वोट मिले। आनंद मोहन सिंह को कुल 37,602 वोट मिले। वहीं, गोपाल नारायण सिंह 16,521 वोट मिले।
2000: भाजपा को पहली जीत मिली
- 2000 के चुनाव में नोखा सीट से भाजपा के रामेश्वरम प्रसाद को जीत मिली। उन्होंने राजद के आनंद मोहन सिंह को 13,294 वोट से हराया। रामेश्वरम प्रसाद को कुल 43,959 वोट मिले। वहीं, आनंद मोहन सिंह को 30,665 वोट मिले।
- फरवरी 2005 के चुनाव में भाजपा के रामेश्वरम प्रसाद को जीत मिली। उन्होंने राजद के रामजी चौधरी को 6,935 वोट से हराया। रामेश्वरम प्रसाद को कुल 36,183 वोट मिले। वहीं, रामजी चौधरी को 29,248 वोट मिले।
- अक्तूबर 2005 के चुनाव में भाजपा के रामेश्वरम प्रसाद को जीत मिली। उन्होंने राजद के आनंद मोहन को 11,389 वोट से हराया। रामेश्वरम प्रसाद को कुल 45,653 वोट मिले। वहीं, आनंद मोहन को 34,264 वोट मिले।
- 2010 के चुनाव में भाजपा के रामेश्वरम प्रसाद नोखा सीट से चौथी बार विधायक बने। उन्होंने इस बार राजद की कांति सिंह को 11,723 वोट से हराया। रामेश्वरम प्रसाद को कुल 39,020 वोट मिले। वहीं, कांति सिंह को 27,297 वोट मिले।
2015: राजद को जीत मिली
- 2015 के चुनाव में राजद के आनंद मोहन सिंह की पत्नी अनीता देवी को जीत मिली। उन्होंने भाजपा के चार बार के विधायक रामेश्वरम प्रसाद को 22,998 वोट से हराया। अनीता देवी को 72,780 वोट मिले। वहीं, रामेश्वरम प्रसाद को 49,782 वोट मिले।
- 2020 के चुनाव में अनीता देवी दोबार नोखा सीट से विधायक बनीं। इस बार उन्होंने जदयू के नागेंद्र चंद्रवंशी को 17,672 वोट से हराया। अनीता देवी को 65,690 वोट मिले। वहीं, नागेंद्र चंद्रवंशी को 48,018 वोट मिले।

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