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लापरवाही से गाड़ी चलाना पड़ेगा भारी?: ट्रैफिक नियमों के बार-बार उल्लंघन पर कटेंगे प्वाइंट; जानें नया नियम
Fri, 04 Sep 2026 06:46 AM IST
निर्मल कांत
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 04 Sep 2026 06:46 AM IST
सार
बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सरकार सख्ती की तैयारी कर रही है। नए सिस्टम में हर गलती पर ड्राइविंग लाइसेंस से प्वाइंट कटेंगे। तय सीमा तक प्वाइंट घटे तो लाइसेंस सस्पेंड या रद्द भी हो सकता है। आखिर कितनी गलती के बाद लाइसेंस पर गिरेगी गाज? पढ़िए रिपोर्ट
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ट्रैफिक नियम
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर अब सख्ती की तैयारी है। सरकार ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ग्रेडेड प्वाइंट सिस्टम लाने पर काम कर रही है। इसके तहत हर उल्लंघन पर लाइसेंस से प्वाइंट काटे जाएंगे। तय सीमा तक प्वाइंट कम होने पर लाइसेंस सस्पेंड या रद्द किया जा सकेगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को एसआईएएम के 66वें वार्षिक सम्मेलन में कहा, इसका मकसद लापरवाह चालकों पर नजर रखना। लोगों को जिम्मेदारी से वाहन चलाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
प्रस्तावित व्यवस्था में हर ट्रैफिक उल्लंघन का रिकॉर्ड लाइसेंस से जुड़ा रहेगा। बार-बार नियम तोड़ने पर प्वाइंट लगातार कम होंगे। एक तय सीमा पार होने पर लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। गंभीर या लगातार उल्लंघन के मामलों में लाइसेंस रद्द भी हो सकता है। इसका मकसद वाहन चालकों में जिम्मेदारी से गाड़ी चलाने की आदत बढ़ाना और सड़क हादसे कम करना है।
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ड्राइवरों की ट्रेनिंग पर भी जोर
सरकार ड्राइविंग ट्रेनिंग व्यवस्था को भी मजबूत कर रही है। जनवरी 2025 में शुरू की गई नीति के तहत देशभर में 1,600 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बनाने की योजना है। गडकरी के मुताबिक, अब तक करीब 10 लाख ड्राइवरों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। सभी केंद्र शुरू होने के बाद हर साल करीब 1.5 लाख ड्राइवरों को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
ये भी पढ़ें: पीएम के 7.8% जीडीपी विकास दर के दावे पर कांग्रेस का हमला: कहा- देश की वास्तविक स्थिति अलग; सरकार से क्या पूछा?
परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, रेट्रोफिट डिवाइस की लागत 4 हजार से कम रखने का लक्ष्य है। कम कीमत में यह डिवाइस लगाकर पुराने वाहनों के प्रदूषण को नियंत्रित करने पर जोर है। उन्होंने कहा कि नई गाड़ियों के साथ पुराने वाहनों को भी स्वच्छ तकनीक से जोड़ने की तैयारी है। सरकार का फोकस कम लागत में ज्यादा वाहनों तक पहुंच बनाने और प्रदूषण घटाने पर है। सस्ती रेट्रोफिट तकनीक से बड़े पैमाने पर प्रदूषण नियंत्रण लागू करने में मदद मिलेगी।
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केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को एसआईएएम के 66वें वार्षिक सम्मेलन में कहा, इसका मकसद लापरवाह चालकों पर नजर रखना। लोगों को जिम्मेदारी से वाहन चलाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
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प्रस्तावित व्यवस्था में हर ट्रैफिक उल्लंघन का रिकॉर्ड लाइसेंस से जुड़ा रहेगा। बार-बार नियम तोड़ने पर प्वाइंट लगातार कम होंगे। एक तय सीमा पार होने पर लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। गंभीर या लगातार उल्लंघन के मामलों में लाइसेंस रद्द भी हो सकता है। इसका मकसद वाहन चालकों में जिम्मेदारी से गाड़ी चलाने की आदत बढ़ाना और सड़क हादसे कम करना है।
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ड्राइवरों की ट्रेनिंग पर भी जोर
सरकार ड्राइविंग ट्रेनिंग व्यवस्था को भी मजबूत कर रही है। जनवरी 2025 में शुरू की गई नीति के तहत देशभर में 1,600 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बनाने की योजना है। गडकरी के मुताबिक, अब तक करीब 10 लाख ड्राइवरों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। सभी केंद्र शुरू होने के बाद हर साल करीब 1.5 लाख ड्राइवरों को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
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परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, रेट्रोफिट डिवाइस की लागत 4 हजार से कम रखने का लक्ष्य है। कम कीमत में यह डिवाइस लगाकर पुराने वाहनों के प्रदूषण को नियंत्रित करने पर जोर है। उन्होंने कहा कि नई गाड़ियों के साथ पुराने वाहनों को भी स्वच्छ तकनीक से जोड़ने की तैयारी है। सरकार का फोकस कम लागत में ज्यादा वाहनों तक पहुंच बनाने और प्रदूषण घटाने पर है। सस्ती रेट्रोफिट तकनीक से बड़े पैमाने पर प्रदूषण नियंत्रण लागू करने में मदद मिलेगी।