Seat Ka Samikaran: 2020 में करगहर सीट से कांग्रेस को मिली थी जीत, ऐसा है इसका चुनावी इतिहास
बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात करगहर सीट की करेंगे। इस सीट पर मौजूदा समय में कांग्रेस के संतोष कुमार मिश्र विधायक हैं।
विस्तार
बिहार में चुनावों की तारीखों का एलान हो गया है। इस बार राज्य में दो चरण में 6 और 11 नवंबर को मतदान होगा। वहीं, 14 नवंबर को नतीजे आएंगे। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज करगहर विधानसभा सीट की बात करेंगे। करगहर सीट पर 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। इस सीट मौजूद समय में कांग्रेस के संतोष कुमार मिश्र विधायक हैं।
बिहार के 38 जिलों में से एक जिला रोहतास भी है। रोहतास जिला तीन अनुमंडल और 19 ब्लॉक में बंटा है। जिले में सात विधानसभा सीट हैं। इनमें चेनारी (एससी),सासाराम, करगहर, दिनारा, नोखा, डेहरी, काराकाट शामिल हैं। ‘सीट का समीकरण’ सीरीज में आज करगहर विधानसभा सीट की बात करेंगे। करगहर विधानसभा सीट पर 2010 में पहली बार चुनाव हुआ था।
2010: जदयू को जीत मिली
2010 के चुनाव में जदयू के राम धानी सिंह को जीत मिली। उन्होंने लोजपा के शिव शंकर सिंह को 13,197 वोट से हराया। राम धानी सिंह को कुल 54,190 वोट मिले। वहीं, शिव शंकर सिंह को 40,993 वोट मिले।

2015 के विधानसभा चुनाव में जदयू के बशिष्ठ सिंह को जीत मिली। उन्होंने बीएलसीपी के बीरेंद्र कुमार सिंह को 12,907 वोट से हराया। बशिष्ठ सिंह को कुल 57,018 वोट मिले। वहीं, बीरेंद्र कुमार को 44,111 वोट मिले।

2020: कांग्रेस को जीत मिली
2020 के चुनाव में करगहर सीट से कांग्रेस के संतोष कुमार मिश्र को जीत मिली। उन्होंने तत्कालीन विधायक और जदयू के उम्मीदवार बशिष्ठ सिंह को 4,083 वोट से हराया। संतोष कुमार मिश्र को कुल 59,763 वोट मिले। वहीं, बशिष्ठ सिंह को 55,680 वोट मिले।
सीट का समीकरण सीरीज की अन्य खबरें यहां पढ़ें
- Seat ka samikaran: यहां कांग्रेस सिर्फ दो बार जीती, भाजपा को अब भी इंतजार; ऐसा है बाबूबरही का चुनावी इतिहास
- Seat Ka Samikaran: किसी एक पार्टी से ज्यादा निर्दलीय पर भरोसा जता चुके अरवल के मतदाता, ऐसा है चुनावी इतिहास
- Seat Ka Samikaran: काराकाट से तुलसी पांच तो मौजूदा विधायक अरुण सिंह चार बार चुने गए, जानें पूरा चुनावी इतिहास
- Seat Ka Samikaran: जिसे डेहरी ने छह बार चुना, भ्रष्टाचार में गई उसकी सदस्यता; ऐसा है यहां का चुनावी इतिहास
- Seat Ka Samikaran: यहां जदयू को पहली जीत का इंतजार, भाजपा-कांग्रेस और राजद का नोखा सीट पर रहा है ऐसा हाल