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Arvind Kejriwal: गुजरात में दिल्ली का यह मॉडल दिखाएंगे केजरीवाल, 255 सरकारी स्कूलों का रहा 100 फीसदी परिणाम
Sun, 24 Jul 2022 06:33 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 24 Jul 2022 06:33 PM IST
सार
आम आदमी पार्टी दूसरे राज्यों में अपना चुनावी अभियान आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बताने की कोशिश करती रही है। 255 स्कूलों के सौ फीसदी सफलता हासिल करने से उसके इस मिशन में विशेष सफलता मिलेगी।
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arvind kejriwal
- फोटो : ANI
विस्तार
आम आदमी पार्टी के ‘गुजरात मिशन’ को सफल बनाने के लिए केजरीवाल को एक और वजह मिल गई है। सीबीएसई 2022 की 10वीं और 12वीं परीक्षा में दिल्ली के 255 सरकारी स्कूलों में सौ फीसदी बच्चे परीक्षा पास करने में सफल रहे हैं। 10वीं की परीक्षा में दिल्ली के 95 सरकारी स्कूलों में सौ फीसदी छात्रों ने सफलता पाई है, जबकि 12वीं में 160 सरकारी स्कूलों के बच्चों ने सौ फीसदी सफलता प्राप्त की है।
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माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल मिशन गुजरात में अपना चुनावी अभियान आगे बढ़ाने के लिए इसे एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। जिस तरह महंगाई बढ़ रही है और आम आदमी अपने दो बच्चों को पढ़ाने के बोझ तले खुद को दबा हुआ महसूस कर रहा है, आम आदमी पार्टी का सरकारी स्कूलों में बेहतर और मुफ्त शिक्षा देने का नुस्खा सामान्य आदमी को उसकी तरफ आकर्षित कर सकता है।
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दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों का 12वीं में पास प्रतिशत 96.29 रहा है। इस साल दिल्ली के प्राइवेट सकूलों ने सात साल के बाद सरकारी स्कूलों से कुछ बेहतर प्रदर्शन करते हुए (97.65 फीसदी) सफलता हासिल की है। कोविड के कारण पिछले वर्ष विशेष परिस्थितियों में घोषित किए गए परीक्षा परिणाम में 99 फीसदी से ज्यादा बच्चों ने सफलता हासिल की थी, लेकिन यह चुनाव परिणाम 2019 की तुलना में बेहतर हुआ है।
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आम आदमी पार्टी दूसरे राज्यों में अपना चुनावी अभियान आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बताने की कोशिश करती रही है। 255 स्कूलों के सौ फीसदी सफलता हासिल करने से उसके इस मिशन में विशेष सफलता मिलेगी।
गुजरात की टीम को नहीं मिला कोई मौका
पिछले दिनों गुजरात के भाजपा विधायकों का एक प्रतिनिधि मंडल दिल्ली आया था। इस प्रतिनिधि मंडल ने दिल्ली के स्कूलों का दौरा किया था। माना जा रहा था कि टीम सकूलों का दौरा कर आम आदमी पार्टी के उस दावे की हवा निकालने वाली थी, जिसमें आम आदमी पार्टी अपनी शिक्षा व्यवस्था को दूसरे राज्यों से बेहतर बताने की कोशिश करती रही थी। लेकिन अपने पूरे दौरे के बाद भी भाजपा की टीम कोई बड़ी नाकामी प्राप्त करने में नाकाम रही और बाद में इस दौरे का परिणाम जनता के सामने रखने की बात कहकर मामले को टाल दिया गया। लेकिन महीनों बीतने के बाद भी अभी तक इस टीम की कोई रिपोर्ट दिल्ली या गुजरात में जारी नहीं की गई।
वहीं, आम आदमी पार्टी अब दिल्ली की इस उपलब्धि को गुजरात और हिमाचल में जारी करने की योजना बना रही है। पार्टी के शीर्ष नेताओं की रैलियों में दिल्ली की इस सफलता को बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया जाएगा। पार्टी की इस रणनीति का लक्ष्य है कि वह राज्य की उस गरीब और माध्यम वर्ग की ता को अपनी तरफ खींच सके जो बच्चों को महंगे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने में जबर्दस्त मानसिक और आर्थिक दबाव झेल रही है। खबर है कि आम आदमी पार्टी की टीम गुजरात और हिमाचल सहित सभी चुनावी राज्यों में भाजपा शासित राज्यों के सरकारी स्कूलों की बदहाली पर रिपोर्ट भी तैयार कर रहा है। इसे भाजपा के सुशासन मॉडल को पंचर करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।