फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Arvind Kejriwal: Will free electricity, water and pension schemes be stopped? Delhi government clarified

Arvind Kejriwal: क्या दिल्ली में मुफ्त बिजली-पानी और पेंशन योजनाएं होंगी बंद? सरकार ने स्वयं दी ये जानकारी

Tue, 26 Mar 2024 02:27 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Tue, 26 Mar 2024 02:27 PM IST
सार

दिल्ली सरकार के योजना विभाग की ओर से जारी की गई एक सूचना के अनुसार, किसी व्यक्ति (मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल) के जेल जाने से किसी योजना पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सभी योजनाएं पहले की भांति लाभार्थियों को पहुंचाई जाएंगी...

विज्ञापन
Arvind Kejriwal: Will free electricity, water and pension schemes be stopped? Delhi government clarified
Arvind Kejriwal: Free Schemes - फोटो : Amar Ujala/ Rahul Bisht

विस्तार

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने राजधानी के लोगों को कई मुफ्त की योजनाएं दे रखी हैं। इसमें 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी और महिलाओं के लिए डीटीसी बसों में मुफ्त बस यात्रा शामिल है। लेकिन लोगों के बीच एक संदेश भेजा जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल के शराब घोटाले में जेल जाने के बाद अब ये योजनाएं बंद कर दी जाएंगी। यानी अब लोगों को मुफ्त बिजली, पानी और मुफ्त बस यात्रा का लाभ नहीं मिलेगा।

विज्ञापन

क्या है सच्चाई?

यदि ऐसा होता है, तो इससे एक झटके में लाखों लोगों को भारी नुकसान होगा। व्हाट्सअप और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आ रही इन खबरों की सच्चाई क्या है? दिल्ली सरकार ने बताया है कि इनमें कोई सत्यता नहीं है। इस तरह के संदेश कुछ गलत इरादों को रखकर फैलाए जा रहे हैं। सरकार ने एक संदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि दिल्ली सरकार की सभी योजनाएं पहले की भांति चलती रहेंगी।

विज्ञापन

दिल्ली सरकार के योजना विभाग की ओर से जारी की गई एक सूचना के अनुसार, किसी व्यक्ति (मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल) के जेल जाने से किसी योजना पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सभी योजनाएं पहले की भांति लाभार्थियों को पहुंचाई जाएंगी। इस समय सरकार के सभी प्रतिनिधि इस बात को सुनिश्चित कराने में जुटे हैं कि कोई भी योजना रुकने न पाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार बदली तो क्या होगा?

अभी आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने पद से इस्तीफा न देने पर अड़े हुए हैं। आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि संविधान का कोई नियम उन्हें जेल से सरकार चलाने से नहीं रोकता है, लिहाजा अरविंद केजरीवाल जेल में रहकर भी सरकार चलाते रहेंगे।

लेकिन कई जानकारों का कहना है कि देर-सबेर अरविंद केजरीवाल को अपने पद से इस्तीफा देना ही पड़ेगा। वे चाहें तो अपनी पार्टी के किसी नेता आतिशी मार्लेना या सौरभ भारद्वाज या अन्य को मुख्यमंत्री बना सकते हैं। वे चाहें तो अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल को भी मुख्यमंत्री बना सकते हैं। हालांकि, इसके लिए सुनीता केजरीवाल को अगले छह महीने के अंदर दिल्ली की किसी विधानसभा से चुनाव जीतकर विधानसभा का सदस्य बनना पड़ेगा।

ऊपर की इन परिस्थितियों में सरकार की कमान आम आदमी पार्टी के ही नेताओं के पास रहेगी, लिहाजा वे अपनी लोकप्रिय योजनाओं को जारी रखने की कोशिश कर सकते हैं। यानी आम आदमी पार्टी नेताओं के हाथ में शासन रहने पर कोई योजना बंद होने की कोई संभावना नहीं है।

राष्ट्रपति शासन लगा तो क्या होगा?

एक बात यह भी कही जा रही है कि जिस तरह अरविंद केजरीवाल अपने पद से इस्तीफा न देने पर अड़े हुए हैं, उससे उपराज्यपाल वीके सक्सेना को राज्य में कानून-व्यवस्था और प्रशासन के फेल होने का आधार बनाकर दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने की संस्तुति करने का अवसर मिल जाएगा। इस स्थिति में दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लग सकता है।

राजनीतिक विश्लेषक राकेश कुमार के अनुसार, ऐसा होने पर भी दिल्ली सरकार की कोई योजना रुकने की कोई संभावना नहीं है। इसका बड़ा कारण यही है कि अगले साल ही दिल्ली विधानसभा चुनाव होने हैं। यदि ऐसी स्थिति में दिल्ली की किसी योजना को बंद किया जाता है, तो इससे आम आदमी पार्टी को यह कहने का अवसर मिल जाएगा कि केंद्र सरकार के हाथों में सत्ता आते ही भाजपा ने सभी लोकप्रिय योजनाओं को रुकवा दिया। इससे भाजपा को राजनीतिक नुकसान हो सकता है। लिहाजा यदि दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाने की स्थिति बनती भी है, तो भी इस बात की संभावना कम ही है कि मुफ्त की योजनाओं को बंद किया जाए।

भाजपा भी कर चुकी है ऐसा वादा

राकेश कुमार के अनुसार, चूंकि पिछले दिल्ली विधानसभा के चुनावों के दौरान भाजपा ने आम आदमी पार्टी से ज्यादा लोकप्रिय मुफ्त वाली आकर्षक योजनाएं जनता के लिए पेश की थीं। यानी उसने स्वयं यह वादा किया था कि यदि वह सत्ता में आती है तो लोगों को मुफ्त बिजली, पानी और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।

इससे एक बात स्पष्ट होता है कि भाजपा को भी इस बात का ज्ञान है कि यदि दिल्ली में मुफ्त की योजनाओं पर प्रतिबंध लगाया जाता है, तो उसे इसका नुकसान हो सकता है। यही कारण है कि यदि अगले चुनाव में भाजपा भी सत्ता में आ जाती है तो भी इस बात की कोई संभावना नहीं है कि वह मुफ्त की योजनाओं पर प्रतिबंध लगाएगी। यानी बाद की स्थिति में चाहे जो हो, लेकिन फिलहाल अभी नजदीकी समय में मुफ्त की योजनाओं के जारी रहने पर कोई संकट नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed