Year Ender 2024: शिमला शहर को मिली एस्केलेटर-फुटपाथ की सौगात, नहीं बने फ्लाईओवर; इतने प्रोजेक्ट अधूरे
Year Ender 2024: शिमला शहर में तीन सौ करोड़ रुपये के 15 से ज्यादा प्रोजेक्ट ऐसे भी हैं जो दिसंबर तक पूरे नहीं हो पाए। शहर में मिडल बाजार लिफ्ट समेत कुछेक प्रोजेक्ट ऐसे भी हैं जो लगभग तैयार हैं, लेकिन उद्घाटन न होने से जनता को इस साल इनकी सुविधा नहीं मिल पाई।
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स्मार्ट सिटी शिमला में इस साल शहरवासियों को जाखू मंदिर में एस्केलेटर, ढली बस अड्डे और संजौली स्मार्ट फुटपाथ जैसी कई बड़ी सौगात मिली। ऐतिहासिक रिज मैदान को बचाने का 68 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट भी लगभग तैयार हो गया है। इससे रिज की खूबसूरती भी बढ़ी है। हालांकि, शिमला शहर में तीन सौ करोड़ रुपये के 15 से ज्यादा प्रोजेक्ट ऐसे भी हैं जो दिसंबर तक पूरे नहीं हो पाए। सरकारी महकमों की लेटलतीफी से ये प्रोजेक्ट तीन साल बाद भी अधूरे हैं। इनमें कई ऐसे भी हैं जो इस साल सिर्फ फाइलों तक ही सीमित रहे।
इस साल की शुरुआत मार्च में शहर को जाखू एस्केलेटर के रूप में सबसे बड़ी सौगात मिली। एस्केलेटर से मंदिर जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं को राहत मिली है। ढली में नया बस अड्डा भी तैयार हुआ। यहां से अब ऊपरी शिमला के लिए बसों का संचालन होगा। संजौली आईजीएमसी स्मार्ट फुटपाथ, छोटा शिमला वॉकवे, सर्कुलर रोड फुटपाथ बनने से शहर की जनता की पैदल आवाजाही भी आसान हो गई।
रिवोली मार्केट में नई दुकानें बनीं, कई बुक कैफे भी खुले। शहर में मिडल बाजार लिफ्ट समेत कुछेक प्रोजेक्ट ऐसे भी हैं जो लगभग तैयार हैं, लेकिन उद्घाटन न होने से जनता को इस साल इनकी सुविधा नहीं मिल पाई।
तीन साल बाद भी ये 9 प्रोजेक्ट अधूरे
आईजीएमसी न्यू ओपीडी पार्किंग
ऑकलैंड टनल, डेंटल कॉलेज पार्किंग
एसडीए पार्किंग, विकासनगर, टुटू पार्किंग
विकासनगर, लक्कड़ बाजार और ऑकलैंड टनल की लिफ्ट
इस साल भी फाइलों में ही रहे ये 4 प्रोजेक्ट
कार्टरोड पर विधानसभा फलाईओवर (40 करोड़ रुपये)
खलीनी में डबललेन फ्लाईओवर (17 करोड़ रुपये)
मालरोड पर तारों को भूमिगत करने का प्रोजेक्ट (50 करोड़ रुपये)
सर्कुलर रोड का चौड़ीकरण (122 करोड़ रुपये)