World AIDS Day 2024: हिमाचल में 5897 मरीज एचआईवी पॉजिटिव, नशे की लत और असुरक्षित यौन संबंध बीमारी की मुख्य वजह
हिमाचल प्रदेश में एचआईवी/एड्स के मरीजों की संख्या 5897 पहुंच गई है। ये वे लोग हैं जिनको एआरटी (एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी) पर रखा गया है।
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हिमाचल में एचआईवी/एड्स के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। राज्य में अब तक इनकी संख्या 5897 पहुंच गई है। अधिकांश मामले कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी और ऊना से सामने आए हैं। एड्स कंट्रोल सोसायटी का दावा है कि इस बीमारी का प्रसार राष्ट्रीय औसत से कम है। लेकिन नशे की लत और असुरक्षित यौन संबंधों के कारण यह बढ़ता जा रहा है।
एचआईवी एक ऐसी बीमारी है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को धीरे-धीरे कमजोर करती है। इसका पहला चरण अक्सर पहचान में नहीं आता। बीमारी के लक्षण सामान्य बुखार, गले में खराश, और थकावट जैसे होते हैं। इन लक्षणों को हल्की बीमारी समझकर नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। जब तक संक्रमण का पता चलता है, तब तक स्थिति गंभीर हो सकती है।
एचआईवी/एड्स के प्रसार को रोकने के लिए सबसे पहला कदम जागरूकता है। कुछ प्रभावी उपाय जैसे कि सुरक्षित यौन संबंध बनाएं। सिरिंज का साझा उपयोग नहीं करना चाहिए। ब्लड ट्रांसफ्यूजन में सावधानी बरतनी चाहिए। राज्य सरकार को नशा मुक्ति कार्यक्रमों के साथ एचआईवी जागरूकता अभियानों को जोड़ने की आवश्यकता है।
एचआईवी/एड्स केवल एक चिकित्सा समस्या नहीं है। यह एक सामाजिक, मानसिक, और आर्थिक चुनौती भी है। सही जानकारी, समय पर जांच, और उपचार से संक्रमित व्यक्तियों के जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। इसके अलावा प्रदेश के 55 सेंटरों में आकर लोग अपनी जांच करवा सकते हैं- राजीव कुमार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी
हिमाचल में एचआईवी/एड्स के मरीज
| जिला | संख्या |
| बिलासपुर | 442 |
| चंबा | 167 |
| हमीरपुर | 1035 |
| कांगड़ा | 1576 |
| किन्नौर | 24 |
| कुल्लू | 236 |
| लाहौल एंड स्पीति | 10 |
| मंडी | 749 |
| शिमला | 307 |
| सिरमौर | 127 |
| सोलन | 291 |
| ऊना | 679 |
| नॉन हिमाचली | 254 |
| (आंकड़े एड्स कंट्रोल सोसायटी के अनुसार) |